चुनाव के दौरान विकास योजनाओं पर नहीं पड़ेगा प्रभाव, जारी हुई किस्त
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बिहार विधानसभा चुनाव के लिए लागू आदर्श आचार संहिता से विकास योजनाओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा। चुनाव आयोग ने विकास योजनाओं के लिए केंद्रीय मंत्रालयों की किस्तें पर रोक नहीं लगाई है।
आयोग ने सर्व शिक्षा अभियान के लिए स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग को किस्त जारी करने की अनुमति दे दी है। प्रदेश सरकार की योजनाओं के लिए भी यही व्यवस्था लागू की गई है लेकिन हर मामले में अलग से अनुमति लेना अनिवार्य कर दिया गया है।
मानव संसाधन मंत्रालय के तहत स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के उप सचिव ने आयोग को दो दिन पहले पत्र लिखकर बिहार के लिए सर्व शिक्षा अभियान की किस्त जारी करने के लिए अनुमति मांगी थी।
हर मामले की जांच
आयोग के सूत्रों के मुताबिक विभाग का तर्क है कि अगर किस्त जारी नहीं की
जाती है तो अभियान पर असर पड़ेगा और कुछ स्कूलों में गतिविधियां ठप हो
जाएंगी।
आयोग ने स्थिति की गंभीरता के मद्देनजर किस्त जारी करने की अनुमति
दे दी है। वर्तमान में छह मंत्रालयों की ओर से आयोग के पास ऐसे अनुरोध आए
हैं। आयोग हर मामले की अलग-अलग जांच कर रहा है।
आचार संहिता लागू होने
के बाद जारी होने वाली किस्त को संबंधित मंत्रालय और मंत्री द्वारा वोटरों
को प्रभावित करने के लिए प्रचारित नहीं किया जा सकेगा। सूत्रों ने बताया कि
छह मंत्रालयों के लगभग 500 करोड़ रुपये की किस्तें जारी करने के संबंध में
अनुरोध पत्र पर गौर किया जा रहा है।
100 करोड़ रुपए की राशि पकड़ी गई
चुनाव आयोग ने हवाला के जरिए धनबल
के प्रवाह पर रोक के पुख्ता इंतजाम किए हैं। हर विधानसभा में तैनात आर्थिक
पर्यवेक्षक इस मामले की निगरानी कर रहे हैं।
इसमें पुलिस बल और
अर्द्धसैनिक बलों की सहायता ली जा रही हैं। विभिन्न मामलों में अबतक 100
करोड़ रुपये से अधिक की राशि पकड़ी गई है।
पकड़ी गई राशि के संबंध में
विवरण देने और उचित दस्तावेज की प्रस्तुति पर इस राशि को 24 घंटे के अंदर
छोड़ देने की व्यवस्था है लेकिन धनराशि से संबंधित दस्तावेज नहीं मिलने पर
इसे जब्त कर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। आयकर विभाग के दिल्ली स्थित
अनुसंधान महानिदेशक को हर मामले की जांच के निर्देश दिए गए हैं।