बिहार चुनावः नक्सल प्रभावित इलाकों में आकाश से होगी निगरानी
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बिहार के नक्सल प्रभावित इलाकों में शांतिपूर्ण मतदान चुनाव आयोग के लिए बड़ी चुनौती है। आयोग भी इस चुनौती को महसूस कर रहा है। लिहाजा त्रिस्तरीय सुरक्षा प्लान बनाया गया है।
इसके तहत आकाश से हेलीकाप्टरों द्वारा निगरानी की जाएगी और जमीन पर बारुदी सुरंगों का पता लगाकर उसे निष्क्रिय करने के लिए विशेषज्ञों की विशेष टीम की तैनाती की जाने वाली है। जंगली इलाकों में घुड़सवार बल का भी बड़े पैमाने पर उपयोग होगा। इसमें अर्द्धसैनिक बलों के अलावा बिहार पुलिस के विशेष टीम भी होगी।
बिहार के 38 में से 29 जिले नक्सलवादी हिंसा की चपेट में हैं। नक्सलवादी गुट चुनाव बहिष्कार का ऐलान करते रहे हैं। इसके लिए कई इलाकों में मतदान करने पर अंजाम भुगतने की चेतावनी भरे पोस्टर दिखने लगे हैं।
चुनाव आयोग ने इसे गंभीरता से लिया है। आयोग के सूत्रों के मुताबिक ऐसी शिकायतें आ रही हैं कि कुछ प्रत्याशी भी प्रतिद्वंदियों के खिलाफ नक्सली गुटों का इस्तेमाल कर सकते हैं। विरोधी प्रत्याशियों के वोट बैंक वाले इलाके में नक्सलियों से मार्च कराकर दहशत फैलाने की आशंका जताई गई है।
आयोग ने बनाया त्रिस्तरीय सुरक्षा प्लान
आयोग ने इन मुद्दों पर गौर करते हुए हर मतदान केंद्र पर केंद्रीय सशस्त्र बल तैनात करने का फैसला लिया है। पिछले चुनाव में नक्सलियों की धमकी का खास असर नहीं दिखा था लेकिन की इलाकों में मतदान का प्रतिशत कम होने के पीछे भय के माहौल को जिम्मेदार माना गया था।
चुनाव आयोग मतदाताओं के अलावा मतदान कर्मियों की सुरक्षा के लिए भी इंतजाम करेगा। मतदान केंद्र, मतदान सामग्री और चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी हर गतिविधियों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम के लिए कार्ययोजना बनाई गई है। आयोग ने 38 पुलिस पर्यवेक्षक भी तैनात करने का फैसला लिया है जिसमें आईपीएस अधिकारी होंगे।
नक्सली इलाकों के जानकार अफसरों को इस तैनाती में वरीयता दी जाएगी। नक्सल प्रभावित जंगल के इलाकों में मतदान केंद्रों तक चुनाव सामग्री पहुंचाने के लिए भी हेलीकाप्टरों की मदद ली जाएगी।