नाराज विधायकों से परेशान हैं सभी राजनीतिक दल
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बिहार में चौथे चरण के मतदान के पहले नाराज विधायक अपने ही दल का खेल बिगाड़ने में लगे हुए हैं। दरभंगा, मधुबनी और समस्तीपुर क्षेत्र के कई विधायकों की नाराजगी से राजनीतिक दल परेशान हैं।
भाजपा हो या जदयू या फिर राजद सभी दलों में अपने नाराज विधायकों को लेकर चिंता है। नाराज विधायकों में कुछ तो खुलकर विरोधी दलों के पक्ष में वोटों की लामबंदी कर रहे हैं।
कार्रवाई करने से बच रहे हैं दल
कुछ या तो खामोश हो गये हैं या फिर अपने बेटे-बेटियों के माध्यम से पार्टी के खिलाफ मोरचाबंदी में लगे हुए हैं। जानकार बताते हैं कि चुनाव पूर्व दलबदल से परेशान पार्टियां इन विधायकों पर अभी कोई कार्रवाई नहीं करना चाहती हैं।
वैसे भाजपा ने शुरुआती मामलों में अपने हायाघाट विधायकों को निलंबित किया था। समस्तीपुर संसदीय क्षेत्र से आने वाले हायाघाट विधानसभा क्षेत्र से विधायक अमरनाथ गामी राज्य नेतृत्व के खिलाफ सार्वजनिक रूप से विरोध जता चुके हैं।
बीजेपी हो या जेडीयू, सभी परेशान
इसी प्रकार समस्तीपुर संसदीय क्षेत्र के ही कुशेश्वरस्थान के भाजपा विधायक महेश्वर हजारी भी पार्टी से नाराज चल रहे हैं। मधुबनी संसदीय क्षेत्र के जाले विधान सभा क्षेत्र से भाजपा विधायक विजय कुमार मिश्रा कई बार प्रदेश भाजपा के नेताओं पर टिप्पणी कर चुके हैं।
विधायकों की नाराजगी से जदयू भी परेशान है। दरभंगा संसदीय क्षेत्र के बहादुरपुर से जदयू विधायक मदन सहनी पार्टी से नाराज हैं। सहनी मुख्यमंत्री की सभा तक में शामिल नहीं हुए।
मध्य मिथिला में दोबारा जनाधार हासिल करने में लगे लालू प्रसाद के लिए भी विधायकों की नाराजगी एक बड़ा चिंता का विषय है। दरभंगा में उनके दो बड़े नेताओं के बीच मतभेद कुछ वैसा ही है जैसा भाजपा का भागलपुर में है।