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बिहारः भागलपुर मॉब लिंचिंग पर सुनवाई, आठ दोषी करार, 13 को सजा पर फैसला
Thu, 07 Nov 2019 08:05 PM IST
संजीव कुमार झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भागलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भागलपुर
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Thu, 07 Nov 2019 08:05 PM IST
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बिहार के भागलपुर मॉब लिंचिंग के मामले में आठ आरोपियों को जिला कोर्ट ने हत्या का दोषी करार दिया है। हाईकोर्ट ने स्थानीय कोर्ट में स्पीडी ट्रायल के तहत इस केस को चलाने का आदेश दिया था। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (प्रथम) विनोद कुमार तिवारी ने शाहकुंड थाने के रसुल्ला गांव में 18 वर्ष के युवक की हत्या मामले में यह सुनवाई की। इस मामले में नौ लोगों ने कोर्ट में गवाही दी। 13 नवंबर को सजा सुनाई जाएगी।
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बता दें कि भागलपुर जिले के शाहकुंड थाना क्षेत्र के रसुल्ला गांव में छह जनवरी, 2017 की सुबह चोरी के आरोप में उमेश मंडल के पुत्र नंद किशोर मंडल (18 वर्ष) को आरोपियों ने पीट-पीटकर अधमरा कर दिया था उसके बाद उसे बगीचे में फेंक दिया। गंभीर स्थिति में नंदकिशोर को शाहकुंड प्राथमिक स्वासथ्य केन्द्र में भर्ती कराया गया था लेकिन हालत गंभीर देख डाक्टर ने मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया था। इलाज के दौरान 11 बजे दिन में घायल ने दम तोड़ दिया था।
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इस मामले में नंद किशोर के पिता उमेश मंडल के बयान के आधार पर चन्द्र शेखर मंडल, गणेश मंडल, सुनील मंडल, मृत्युंजय मंडल, पंकज मंडल, फुचुल मंडल, दीपक मंडल और कार्तिक मंडल को आरोपी बनाया था। पुलिस जांच में सभी को दोषी पाकर 22 फरवरी, 2017 को कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दिया गया था।
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रिपोर्ट में कहा गया कि घटना की सुबह तीन बजे बेटे को पढ़ने के लिए जगाने गए तो बेटा बिस्तर पर नहीं था। घर के बाहर खोजबीन की गई। इस दौरान चन्द्रशेखर मंडल के घर की ओर हल्ला सुनाई पड़ा। बेटा श्याम सुंदर मंडल के साथ मौके पर पहुंचे तो वहां पर आरोपियों द्वारा बेटे को डंडे से पीटा जा रहा था। घटना का कारण है कि पंचायत चुनाव को लेकर आरोपियों से विवाद चल रहा था। इसी रंजिश के कारण बेटे को बुलाकर हत्या कर दी गई।