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ED: पटना की विशेष मनी लॉन्ड्रिंग अदालत में आरोपपत्र दाखिल, मृतकों के नाम पर बैंक खाते खोल वकीलों ने हड़पी राशि

Sun, 23 Mar 2025 05:26 AM IST
दीपक कुमार शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Sun, 23 Mar 2025 05:26 AM IST
सार

आरोपपत्र में वकील विद्यानंद सिंह, परमानंद सिन्हा, विजय कुमार और कुमारी रिंकी सिन्हा के अलावा अर्चना सिन्हा, निर्मला कुमारी और हरिजग बिजनेस एंड डेवलपमेंट प्रा. लि. का नाम है। विशेष अदालत ने शुक्रवार को अभियोजन पक्ष की शिकायत (आरोपपत्र) पर संज्ञान लिया।

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ED filed chargesheet Patna special money laundering court in money misappropriation of dead persons case
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पटना की विशेष मनी लॉन्ड्रिंग अदालत में मृत व्यक्तियों के धन की हेराफेरी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बिहार के कुछ वकीलों व अन्य के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया। इन मृतकों के दावों का निपटारा रेलवे क्लेम ट्रिब्यूनल पटना ने किया। वकीलों ने मृतक दावेदारों के नाम पर बैंक खाते खोले और उनसे वकीलों के बैंक खातों में 10.27 करोड़ रुपये की आपराधिक आय स्थानांतरित की गई।

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ईडी ने आरोपपत्र में बताया कि जांच के तहत 8.02 करोड़ रुपये की 24 अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच किया है। हालांकि, इन संपत्तियों के मालिक के बारे में जानकारी नहीं दी गई। 
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आरोपपत्र में वकील विद्यानंद सिंह, परमानंद सिन्हा, विजय कुमार और कुमारी रिंकी सिन्हा के अलावा अर्चना सिन्हा, निर्मला कुमारी और हरिजग बिजनेस एंड डेवलपमेंट प्रा. लि. का नाम है। विशेष अदालत ने शुक्रवार को अभियोजन पक्ष की शिकायत (आरोपपत्र) पर संज्ञान लिया। ईडी ने कहा कि आरोपपत्र में अटैच की गई संपत्तियों को जब्त करने और आरोपियों को दोषी ठहराने की मांग  की गई है। 
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ईडी ने सीबीआई की एफआईआर के आधार पर शुरू की जांच
ईडी ने पटना स्थित रेलवे दावा न्यायाधिकरण में दायर, संसाधित और निर्णीत मृत्यु दावा मामलों में बड़े पैमाने पर अनियमितता व आपराधिकता के संबंध में सीबीआई की एफआईआर के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग जांच शुरू की है। वकील विद्यानंद सिंह व उनके वकीलों की टीम ने 900 से अधिक दावों का निपटारा किया, जहां जज आरके मित्तल की अदालत से डिक्री/निष्पादन आदेश जारी किए गए।


बिना जानकारी खोले बैंक खाते
वकील विद्यानंद सिंह व उनकी टीम ने दावेदारों की जानकारी के बिना उनके बैंक खाते खोले और उनका संचालन किया। ईडी के मुताबिक, उन्होंने रेलवे से प्राप्त दावा राशि को अपने खातों में स्थानांतरित करने या नकद निकासी करने के लिए इन दावेदारों के हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान का इस्तेमाल किया। वकीलों और उनकी पत्नियों ने अपराध की इस आय का इस्तेमाल अपने नाम पर और उनकी ओर से नियंत्रित एक कंपनी के नाम पर बिहार के पटना, नालंदा, गया और दिल्ली में 24 अचल संपत्तियां खरीदीं।

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ईडी ने जज आरके मित्तल के ठिकानों पर मारा था छापा
ईडी ने इस साल की शुरुआत में बिहार के पटना व नालंदा और कर्नाटक के मैंगलोर में न्यायाधीश आर के मित्तल और वकीलों समेत अन्य आरोपियों के परिसरों पर छापे मारे थे। ईडी ने विद्यानंद सिंह, परमानंद सिन्हा और विजय कुमार को गिरफ्तार किया था और वे फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।

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