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Earthquake: बिहार में महसूस किए गए भूकंप के झटके, रिक्टर स्केल पर 4.3 दर्ज हुई तीव्रता
Wed, 12 Apr 2023 06:26 AM IST
Jeet Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Jeet Kumar
Updated Wed, 12 Apr 2023 06:26 AM IST
सार
रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 4.3 मापी गई है। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी ने भूकंप से किसी तरह के जान-माल के नुकसान की पुष्टि नहीं की है।
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Earthquake
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
बिहार के अररिया में सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (एनसीएस) के मुताबिक, भूकंप के झटके सुबह करीब 5.35 बजे महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 4.3 मापी गई है। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी ने भूकंप से किसी तरह के जान-माल के नुकसान की पुष्टि नहीं की है।
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बंगाल में महसूस किए गए भूकंप के झटके
पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। यहां 4.3 तीव्रता का भूकंप आया। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (एनसीएस) ने एक ट्वीट में इसकी जानकारी दी। भूकंप बुधवार को सुबह 5:35 बजे आया। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक, भूकंप 10 किलोमीटर की गहराई में आया।
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नेपाल में आया भूकंप
इससे पहले पश्चिमी नेपाल में मंगलवार को 6:50 बजे करीब 4.1 तीव्रता का भूकंप आया था। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। राष्ट्रीय भूकंपीय केंद्र, काठमांडू के अनुसार इस घटना में किसी तरह के नुकसान या किसी के हताहत होने की तत्काल कोई खबर नहीं है।
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कैसे आता है भूकंप?
भूकंप के आने की मुख्य वजह धरती के अंदर प्लेटों का टकरना है। धरती के भीतर सात प्लेट्स होती हैं जो लगातार घूमती रहती हैं। जब ये प्लेटें किसी जगह पर आपस में टकराती हैं, तो वहां फॉल्ट लाइन जोन बन जाता है और सतह के कोने मुड़ जाते हैं। सतह के कोने मुड़ने की वजह से वहां दबाव बनता है और प्लेट्स टूटने लगती हैं। इन प्लेट्स के टूटने से अंदर की एनर्जी बाहर आने का रास्ता खोजती है, जिसकी वजह से धरती हिलती है और हम इसे भूकंप मानते हैं।
भूकंप की तीव्रता
रिक्टर स्केल पर 2.0 से कम तीव्रता वाले भूकंप को माइक्रो कैटेगरी में रखा जाता है और यह भूकंप महसूस नहीं किए जाते। रिक्टर स्केल पर माइक्रो कैटेगरी के 8,000 भूकंप दुनियाभर में रोजाना दर्ज किए जाते हैं। इसी तरह 2.0 से 2.9 तीव्रता वाले भूकंप को माइनर कैटेगरी में रखा जाता है। ऐसे 1,000 भूकंप प्रतिदिन आते हैं इसे भी सामान्य तौर पर हम महसूस नहीं करते। वेरी लाइट कैटेगरी के भूकंप 3.0 से 3.9 तीव्रता वाले होते हैं, जो एक साल में 49,000 बार दर्ज किए जाते हैं। इन्हें महसूस तो किया जाता है लेकिन शायद ही इनसे कोई नुकसान पहुंचता है।
लाइट कैटेगरी के भूकंप 4.0 से 4.9 तीव्रता वाले होते हैं जो पूरी दुनिया में एक साल में करीब 6,200 बार रिक्टर स्केल पर दर्ज किए जाते हैं। इन झटकों को महसूस किया जाता है और इनसे घर के सामान हिलते नजर आते हैं। हालांकि इनसे न के बराबर ही नुकसान होता है।