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Bihar News : एक और हत्या से पहले शिक्षक हत्याकांड का खुला राज! इस गुस्से में दनादन 13 गोलियां दागी थीं
Wed, 11 Feb 2026 09:10 PM IST
दरभंगा ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, समस्तीपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, समस्तीपुर
Published by: दरभंगा ब्यूरो
Updated Wed, 11 Feb 2026 09:10 PM IST
सार
Bihar Teacher Murder Case : बिहार में तीन दिन पहले शिक्षक को भूनकर मारने वाली खबर सामने आई थी। एक-दो नहीं, 13 गोलियां मारी गई थीं। अब इस हत्या का राज खुल गया है।
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प्रेस वार्ता कर जानकारी देते एएसपी साथ में गिरफ्तार अपराधी
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विस्तार
समस्तीपुर जिले में तीन दिन पूर्व हुई शिक्षक की हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर घटना में प्रयुक्त बाइक भी जब्त कर ली है। जांच में सामने आया है कि इस हत्याकांड को जमीन कारोबार में उपजे विवाद के कारण अंजाम दिया गया था। आरोपी ने शिक्षक पर ताबड़तोड़ 13 गोलियां बरसाकर उनकी हत्या की थी। ताजपुर थाना क्षेत्र के दर्जनियां पुल के पास स्थित एक निजी स्कूल के संचालक गणेश सहनी की हत्या में पुलिस ने हलई थाना क्षेत्र के ददनपुर गांव निवासी स्वर्गीय कमलेश सहनी के पुत्र अंकित कुमार को गिरफ्तार किया है।
आपसी गुटबाजी और साजिश का खुलासा
बुधवार को आयोजित प्रेस वार्ता में एएसपी संजय पांडे ने बताया कि मृतक गणेश सहनी शिक्षण संस्थान के संचालन के साथ-साथ निर्माणाधीन सिक्स लेन के किनारे जमीन की खरीद-बिक्री का कारोबार भी करते थे। इस कार्य के लिए उन्होंने एक टीम बनाई थी, जिसमें सुरेंद्र सहनी, फुलेंद्र सहनी, राजू सहनी, अंकित कुमार, राजीव और रणधीर राम शामिल थे। बाद में, आपसी विवाद के बाद गणेश सहनी ने फुलेंद्र और राजू से अलग होकर अपना नया ग्रुप बना लिया था। इसी बीच एक अन्य विवाद में फुलेंद्र जेल चले गए। कोर्ट में पेशी के दौरान अंकित और रणधीर को सूचना मिली कि गणेश सहनी उनकी हत्या की योजना बना रहे हैं। इसी के प्रतिशोध में अंकित और उसके साथियों ने गणेश की हत्या की साजिश रची।
रेकी के बाद वारदात, एक और हत्या की तैयारी
घटना के दिन रणधीर और राजीव शिक्षक गणेश की रेकी कर रहे थे और अंकित को पल-पल की लोकेशन दे रहे थे। आरोपी दो-तीन दिन पहले भी हत्या का प्रयास कर चुके थे, लेकिन तब गणेश बच निकले थे। पुलिस की पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ है कि इस गिरोह ने दो दिन बाद एक अन्य जमीन कारोबारी की हत्या की योजना बनाई थी, लेकिन समय रहते गिरफ्तारी होने से यह वारदात टल गई। पुलिस ने आरोपी के बयान के आधार पर घटना में प्रयुक्त पल्सर बाइक बरामद कर ली है। हथियार कहाँ से उपलब्ध कराए गए थे, इसका सुराग भी मिल चुका है और जल्द ही शस्त्र बरामदगी की उम्मीद है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और फरार अन्य अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
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आपसी गुटबाजी और साजिश का खुलासा
बुधवार को आयोजित प्रेस वार्ता में एएसपी संजय पांडे ने बताया कि मृतक गणेश सहनी शिक्षण संस्थान के संचालन के साथ-साथ निर्माणाधीन सिक्स लेन के किनारे जमीन की खरीद-बिक्री का कारोबार भी करते थे। इस कार्य के लिए उन्होंने एक टीम बनाई थी, जिसमें सुरेंद्र सहनी, फुलेंद्र सहनी, राजू सहनी, अंकित कुमार, राजीव और रणधीर राम शामिल थे। बाद में, आपसी विवाद के बाद गणेश सहनी ने फुलेंद्र और राजू से अलग होकर अपना नया ग्रुप बना लिया था। इसी बीच एक अन्य विवाद में फुलेंद्र जेल चले गए। कोर्ट में पेशी के दौरान अंकित और रणधीर को सूचना मिली कि गणेश सहनी उनकी हत्या की योजना बना रहे हैं। इसी के प्रतिशोध में अंकित और उसके साथियों ने गणेश की हत्या की साजिश रची।
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रेकी के बाद वारदात, एक और हत्या की तैयारी
घटना के दिन रणधीर और राजीव शिक्षक गणेश की रेकी कर रहे थे और अंकित को पल-पल की लोकेशन दे रहे थे। आरोपी दो-तीन दिन पहले भी हत्या का प्रयास कर चुके थे, लेकिन तब गणेश बच निकले थे। पुलिस की पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ है कि इस गिरोह ने दो दिन बाद एक अन्य जमीन कारोबारी की हत्या की योजना बनाई थी, लेकिन समय रहते गिरफ्तारी होने से यह वारदात टल गई। पुलिस ने आरोपी के बयान के आधार पर घटना में प्रयुक्त पल्सर बाइक बरामद कर ली है। हथियार कहाँ से उपलब्ध कराए गए थे, इसका सुराग भी मिल चुका है और जल्द ही शस्त्र बरामदगी की उम्मीद है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और फरार अन्य अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
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