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Robotic Surgery: बिहार के किस सरकारी अस्पताल ने कैंसर की रोबोटिक सर्जरी की? 71 साल के मरीज का ऑपरेशन सफल
Thu, 02 Apr 2026 04:29 PM IST
Sabahat Husain
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दरभंगा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दरभंगा
Published by: Sabahat Husain
Updated Thu, 02 Apr 2026 04:29 PM IST
सार
Bihar: दूरबीन द्वारा लेप्रोस्कोपिक विधि से सर्जरी करने पर लगभग एक लाख रु का खर्च संस्थान में होता है, लेकिन बिहार में पहली बार रोबोटक सर्जरी के माध्यम से इस मरीज का ऑपरेशन पचास हजार के पैकेज में किया गया एवं छः घंटे में मरीज के ऑपरेशन के बाद रात भर के लिए आईसीयू में रखा गया।
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मरीज
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बिहार के प्रसिद्ध जन स्वास्थ्य सेवा अस्पताल इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान में रोबोटिक सर्जरी के जरिये मरीज का पैनक्रियाज कैंसर का सफल ऑपरेशन किया गया है। अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ मनीष मंडल समेत छह डॉक्टरों की टीम ने इस बीमारी का सफल ऑपरेशन कर कीर्तिमान स्थापित किया है। अस्पताल के अधीक्षक मनीष मंडल ने कहा कि जीआई सर्जरी विभाग में पहली बार रोबोटिक सर्जरी के जरिये 71 वर्षीय पुरुष का पैनक्रियाज के कैंसर का ऑपरेशन किया गया है। दरभंगा के वाजिदपुर से आये मरीज ने संस्थान के जी०आई० सर्जरी विभाग में डॉ० राकेश कुमार सिंह के ओपीडी में एक हफ्ते पहले जब खून की जांच एवं पेट का सीटी स्कैन करवाया, तो पैनक्रियाज कैंसर का पता चला।
रोबोटिक सर्जरी के माध्यम से कैंसर का ऑपरेशन
अपर प्राध्यापक, जीआई सर्जरी डॉ० राकेश कुमार सिंह ने बताया कि पैनक्रियाज कैंसर की सर्जरी पेट खोल कर या दूरबीन द्वारा करने पर काफी समय लगता है और ऑपरेशन के समय काफी रक्त स्त्राव होने से मरीज को आईसीयू एवं वेंटिलेटर पर भी रखना पड़ता है। दूरबीन द्वारा लेप्रोस्कोपिक विधि से सर्जरी करने पर लगभग एक लाख रु का खर्च संस्थान में होता है, लेकिन बिहार में पहली बार रोबोटक सर्जरी के माध्यम से इस मरीज का ऑपरेशन पचास हजार के पैकेज में किया गया एवं छः घंटे में मरीज के ऑपरेशन के बाद रात भर के लिए आईसीयू में रखा गया। दूसरे दिन यानी आज मरीज को सामान्य वार्ड में स्थानांतरित किया गया, जहां वह बिल्कुल स्वस्थ है।
पढे़ं: अंतर जिला लुटेरे गिरोह का पुलिस ने किया भंडाफोड़, ज्वेलरी कारोबारी सहित छह आरोपी गिरफ्तार
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अब रोबोटिक सर्जरी के लिए अन्य राज्य में जाने की जरूरत नहीं
संस्थान के निदेशक डॉ० बिन्दे कुमार ने कहा कि रोबोटिक के माध्यम से अब आईजीआईएमएस के अलग-अलग विभागों में जटिल ऑपरेशन सस्ते खर्च पर निरंतर किये जायेंगे। ताकि प्रदेश के मरीजों को रोबोटिक सर्जरी के लिए अन्य राज्य में जाने की आवश्यकता न पड़े और उनके धन की भी बचत होगी। डॉ० विन्दे ने चिकित्सा अधीक्षक डॉ० मनीष मंडल के देख-रेख में संपन्न हुए इस सफल सर्जरी के लिए पुरी टीम जिसमें सर्जरी की ओर से डॉ० राकेश कुमार सिंह, तुषार पटेल, डॉ० नेत्रा नंद निश्चेतना की ओर से डॉ० विनोद कुमार वर्मा, डॉ० विभा, डॉ० अनन्तु, सिस्टर इंचार्ज शैलजा, सिस्टर सुशीला ओटी इंचार्ज व स्क्रबर से ब्रदर आशीष, रीना एवं समस्त सहयोगी स्टाफ को बधाई दी।
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रोबोटिक सर्जरी के माध्यम से कैंसर का ऑपरेशन
अपर प्राध्यापक, जीआई सर्जरी डॉ० राकेश कुमार सिंह ने बताया कि पैनक्रियाज कैंसर की सर्जरी पेट खोल कर या दूरबीन द्वारा करने पर काफी समय लगता है और ऑपरेशन के समय काफी रक्त स्त्राव होने से मरीज को आईसीयू एवं वेंटिलेटर पर भी रखना पड़ता है। दूरबीन द्वारा लेप्रोस्कोपिक विधि से सर्जरी करने पर लगभग एक लाख रु का खर्च संस्थान में होता है, लेकिन बिहार में पहली बार रोबोटक सर्जरी के माध्यम से इस मरीज का ऑपरेशन पचास हजार के पैकेज में किया गया एवं छः घंटे में मरीज के ऑपरेशन के बाद रात भर के लिए आईसीयू में रखा गया। दूसरे दिन यानी आज मरीज को सामान्य वार्ड में स्थानांतरित किया गया, जहां वह बिल्कुल स्वस्थ है।
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अब रोबोटिक सर्जरी के लिए अन्य राज्य में जाने की जरूरत नहीं
संस्थान के निदेशक डॉ० बिन्दे कुमार ने कहा कि रोबोटिक के माध्यम से अब आईजीआईएमएस के अलग-अलग विभागों में जटिल ऑपरेशन सस्ते खर्च पर निरंतर किये जायेंगे। ताकि प्रदेश के मरीजों को रोबोटिक सर्जरी के लिए अन्य राज्य में जाने की आवश्यकता न पड़े और उनके धन की भी बचत होगी। डॉ० विन्दे ने चिकित्सा अधीक्षक डॉ० मनीष मंडल के देख-रेख में संपन्न हुए इस सफल सर्जरी के लिए पुरी टीम जिसमें सर्जरी की ओर से डॉ० राकेश कुमार सिंह, तुषार पटेल, डॉ० नेत्रा नंद निश्चेतना की ओर से डॉ० विनोद कुमार वर्मा, डॉ० विभा, डॉ० अनन्तु, सिस्टर इंचार्ज शैलजा, सिस्टर सुशीला ओटी इंचार्ज व स्क्रबर से ब्रदर आशीष, रीना एवं समस्त सहयोगी स्टाफ को बधाई दी।