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Bihar News : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का आवासीय प्रमाणपत्र रद, जानिए क्या लिखा है आवेदन में
Wed, 06 Aug 2025 09:39 PM IST
कृष्ण बल्लभ नारायण
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: कृष्ण बल्लभ नारायण
Updated Wed, 06 Aug 2025 09:39 PM IST
सार
Bihar : बिहार सरकार ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का आवासीय प्रमाणपत्र रद कर दिया है। प्रशासन ने साइबर थाना में प्राथमिकी भी दर्ज करवाई है। इस संबंध में प्रशासन का कहना है कि सरकारी सेवाओं में फर्जी दस्तावेजों का प्रयोग पूर्णतः अस्वीकार्य है।
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फर्जी आवासीय प्रमाण पत्र।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
समस्तीपुर जिला प्रशासन ने एक अत्यंत गंभीर फर्जीवाड़े का समय रहते पर्दाफाश किया है। बिहार लोक सेवा अधिकार अधिनियम (RTPS) के अंतर्गत समस्तीपुर जिले के मोहीउद्दीननगर प्रखंड (पटोरी अनुमंडल) में प्राप्त एक फर्जी आवासीय प्रमाणपत्र बनाया गया है, जिस आवेदन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का नाम और चित्र प्रयुक्त किया गया था। यह आवेदन सोशल मीडिया पर वायरल होते ही प्रशासन ने तत्काल गंभीरता दिखाई और इसकी पूर्ण जांच कर आवेदन को रद्द करते हुए साइबर थाना में प्राथमिकी दर्ज करवाई।
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इस मामले में प्रखंड की राजस्व पदाधिकारी ने आवेदन की गहन जांच के उपरांत उसमें त्रुटिपूर्ण तथ्यों एवं असंगत दस्तावेजों को पहचानते हुए तत्काल संबंधित वरीय पदाधिकारियों को सूचित किया। मूल आवेदन में आवेदक का नाम ‘डोनाल्ड जॉन ट्रम्प’, पिता का नाम ‘फैडरिक क्रिस्ट ट्रम्प’ और चित्र में डोनाल्ड ट्रम्प का चेहरा संलग्न था। इसके साथ एक छेड़छाड़ कर बनाया गया। नकली आधार कार्ड भी संलग्न किया गया था।
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प्रशासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए मामला दर्ज किया है।
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इस संबंध में प्रशासन का कहना है कि सरकारी सेवाओं में फर्जी दस्तावेजों का प्रयोग पूर्णतः अस्वीकार्य है। ऐसे कृत्यों पर जिला प्रशासन द्वारा 'शून्य सहिष्णुता' की नीति अपनाते हुए कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि सरकारी सेवाओं की डिजिटल प्रणाली में पारदर्शिता, सत्यता एवं सुरक्षा सर्वोपरि है। प्रशासन का यह भी कहना है कि सोशल मीडिया पर किसी मज़ाक या सनसनी के इरादे से किया गया कार्य भी यदि सरकारी प्रक्रिया से जुड़ता है, तो वह गंभीर अपराध माना जाएगा और अपराधी को दंडित किया जाएगा। प्रशासन ने आम नागरिकों से यह भी अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के सरकारी प्रमाणपत्र या सेवा के लिए सत्य एवं प्रमाणिक दस्तावेजों का ही उपयोग करें। किसी भी प्रकार की जानबूझकर की गई ग़लत जानकारी या फर्जीवाड़ा, आवेदन अस्वीकृति के साथ-साथ आपराधिक अभियोजन का कारण बन सकता है।