बिहार: दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा, जदयू और कांग्रेस के उम्मीदवारों ने दाखिल किया नामांकन
दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के सर्वेश कुमार, जदयू के डॉ घनश्याम राय और कांग्रेस के डॉ मदन मोहन झा ने नामांकन दाखिल किया। संजय झा ने 20 वर्षों में रिकॉर्ड शिक्षक बहाली का दावा किया, जबकि मदन मोहन झा ने जीत की हैट्रिक का भरोसा जताया।
विस्तार
दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए सोमवार को भाजपा के सर्वेश कुमार, जदयू के डॉ. घनश्याम राय और कांग्रेस के डॉ. मदन मोहन झा ने नामांकन दाखिल किया। भाजपा प्रत्याशी सर्वेश कुमार ने प्रमंडलीय आयुक्त के समक्ष नामांकन का पर्चा दाखिल किया। इस दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय कुमार झा और बेनीपुर विधायक डॉ. विनय कुमार चौधरी मौजूद रहे।
जदयू प्रत्याशी डॉ. घनश्याम राय ने अपने प्रोफेसर साथियों के साथ नामांकन दाखिल किया। नामांकन के दौरान भाजपा और जदयू प्रत्याशी के समर्थक अलग-अलग दिखाई दिए। वहीं, कांग्रेस प्रत्याशी डॉ. मदन मोहन झा ने भी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से अपना नामांकन दाखिल किया। डॉ. झा लगातार दो बार से विधान पार्षद हैं।
नामांकन के बाद भाजपा प्रत्याशी सर्वेश कुमार ने कहा कि पिछली बार भी मिथिलांचल के युवाओं ने उन पर भरोसा जताकर उन्हें जीत दिलाई थी। उन्होंने कहा कि इस बार राज्य के विकास और प्रगति को ध्यान में रखते हुए मतदान करें। लोगों को सकारात्मक एजेंडे के आधार पर अपना मतदान करना चाहिए।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार में सुशासन से समृद्धि की ओर बढ़ने का काम चल रहा है। सरकार ने प्रत्येक प्रखंड में सरस्वती विद्या निकेतन और मॉडल स्कूल की दिशा में काम किया है। उन्होंने कहा कि 700 विद्यालयों में विद्यार्थियों के लिए नीट कोचिंग की व्यवस्था की जा रही है।
पढ़ें: बेंच-डेस्क के सहारे टिकी थी स्कूल की छत; किस विधायक की मांग पर विद्यालय को शिफ्ट किया गया?
संजय सरावगी ने कहा कि जिन प्रखंडों में डिग्री कॉलेज नहीं थे, वहां 211 डिग्री कॉलेज खोलने का निर्णय लिया गया और पढ़ाई भी शुरू हो चुकी है। उन्होंने कहा कि वित्त रहित संस्थानों के लिए वेतनमान, पटना में माता सीता विश्वविद्यालय, बेगूसराय में राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर के नाम पर विश्वविद्यालय, मुजफ्फरपुर में शहीद जुब्बा सहनी विश्वविद्यालय, शिक्षण प्रशिक्षण विश्वविद्यालय और अन्य शैक्षणिक पहल सरकार की प्राथमिकताओं को दर्शाती हैं।
वहीं, सभा को संबोधित करते हुए जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने कहा कि इस चुनाव से न तो बिहार और न ही केंद्र सरकार पर कोई फर्क पड़ने वाला है, लेकिन इससे लोगों के मनोबल पर फर्क पड़ता है। उन्होंने कहा कि जब 2005 में नीतीश कुमार की सरकार बनी, उस समय शिक्षकों और प्रोफेसरों को समय पर वेतन नहीं मिलता था।
संजय झा ने कहा कि नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री बनने के बाद सबसे पहले शिक्षकों को समय पर वेतन देने की व्यवस्था की गई। उन्होंने दावा किया कि पिछले 20 वर्षों में नीतीश कुमार के शासनकाल में बिहार में जितने शिक्षकों की बहाली हुई, उनके हिसाब से इतनी बहाली किसी अन्य राज्य में भी नहीं हुई होगी। उन्होंने कहा कि पहले बिहार का कुल बजट मात्र 24 हजार करोड़ रुपये हुआ करता था, जबकि अब बिहार का बजट तीन लाख करोड़ रुपये है।
कांग्रेस के विधान पार्षद डॉ. मदन मोहन झा ने कहा कि शिक्षक मतदाताओं का स्नेह उन्हें लगातार मिलता रहा है। उन्होंने कहा कि इस चुनाव में भी उनसे ज्यादा उनके मतदाता तैयारी में लगे हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि शिक्षक मतदाताओं के आशीर्वाद से वह तीसरी बार जीत दर्ज कर हैट्रिक लगाएंगे।