Train Status: बंदरों ने रोक दी ट्रेनें, एक घंटे तक बिहार के इस स्टेशन पर सभी ट्रेनों की आवाजाही रुकी तो कैसे?
Bihar News : ट्रेनों की आवाजाही सिग्नल लाल करने पर रुकती है। एक ट्रेन का लोको पायलट एक ही ट्रेन रोक सकता है, लेकिन यहां तो दो बंदरों ने एक स्टेशन पर आ-जा रहीं सभी ट्रेनों को जहां-तहां रोक दिया। जानिए, कैसे-क्या हुआ कि एक घंटे सब ठप रहा?
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विस्तार
समस्तीपुर जंक्शन पर शनिवार को एक अजीबोगरीब घटना सामने आई, जब प्लेटफॉर्म-4 पर दो बंदरों के बीच हिंसक झड़प हो गई। इस झड़प में एक बंदर ने टोकरी उठाकर दूसरे बंदर पर फेंकी, जो ओवरहेड तार में जा फंसी। इससे शॉर्ट सर्किट हो गया और तार टूटकर प्लेटफॉर्म पर खड़ी एक ट्रेन की बोगी पर गिर गया। इस कारण समस्तीपुर-मुजफ्फरपुर रेल खंड पर ट्रेन सेवा ठप हो गई और करीब एक घंटे तक रेल परिचालन प्रभावित रहा।
बंदरों के बीच हिंसक झड़प का कारण
जानकारी के अनुसार, प्लेटफॉर्म-4 पर एक बंदर ने किसी यात्री से केला छीना और इसे लेकर दूसरा बंदर उस पर झपट पड़ा। दोनों बंदरों के बीच इस लड़ाई ने इतनी गंभीर स्थिति पैदा की कि एक बंदर ने एक टोकरी उठाकर दूसरे पर फेंकी। यह टोकरी ओवरहेड तार पर जा गिरी, जिससे शॉर्ट सर्किट हुआ और तार टूटकर प्लेटफॉर्म पर खड़ी एक ट्रेन की बोगी पर गिर गया। इस हादसे के कारण रेलवे की विद्युत प्रणाली ठप हो गई और ट्रेनों का परिचालन रुक गया।
रेलवे की सक्रियता और यात्री परेशानी
घटना के तुरंत बाद रेलवे के विद्युत विभाग की टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर टूटे हुए तार की मरम्मत की। उसके बाद ट्रेनों का परिचालन फिर से शुरू हुआ। हालांकि इस बीच समस्तीपुर मुजफ्फरपुर रेल खंड पर करीब एक घंटे तक ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहा। इस दौरान बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस सहित अन्य ट्रेनें विभिन्न स्टेशनों पर खड़ी हो गईं, जिससे यात्रियों को खासा दिक्कतों का सामना करना पड़ा। संपर्क क्रांति एक्सप्रेस भी शॉर्ट सर्किट के कारण 15 मिनट लेट हुई।
बंदरों का आक्रमण और वन विभाग की मदद
इस घटना के बाद बताया गया कि समस्तीपुर स्टेशन पर बंदरों की मौजूदगी से यात्री पहले से परेशान थे। बंदरों ने कई यात्रियों को चोटें भी पहुंचाईं। इस घटना के बाद वन विभाग को मदद के लिए बुलाया गया था। कुछ बंदरों को पकड़ लिया गया था, लेकिन वे फिर भी स्टेशन पर लौट आए थे।