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Bihar: 30 साल बाद जगी नई उम्मीद! रैयाम और सकरी चीनी मिल फिर होगी चालू, किसानों के लिए खुला सदस्यता अभियान

Fri, 03 Jul 2026 08:38 PM IST
दरभंगा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दरभंगा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दरभंगा Published by: दरभंगा ब्यूरो Updated Fri, 03 Jul 2026 08:38 PM IST
सार

दरभंगा की करीब तीन दशक से बंद पड़ी रैयाम और सकरी चीनी मिलों को दोबारा चालू करने की दिशा में बड़ी पहल शुरू हो गई है। बिहार सरकार के सहकारिता विभाग ने गन्ना किसानों के लिए सदस्यता अभियान शुरू किया है, जिसके तहत 30 जुलाई तक आवेदन किए जा सकते हैं।

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Bihar News : committee formed to restart Rayam Sugar Mill, membership drive sugarcane farmers begun
फाइल फोटो : रैयाम चीनी मिल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

करीब तीन दशक से बंद पड़ी दरभंगा की रैयाम चीनी मिल और सकरी चीनी मिल को दोबारा चालू करने की दिशा में बड़ी पहल शुरू हो गई है। बिहार सरकार के सहकारिता विभाग ने दोनों चीनी मिलों के पुनर्जीवन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए गन्ना किसानों के लिए सदस्यता अभियान शुरू कर दिया है। सरकार का लक्ष्य सहकारी मॉडल के तहत इन मिलों को फिर से संचालित करना है, जिससे किसानों, मजदूरों और पूरे इलाके की अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार मिल सके।
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30 जुलाई तक कर सकते हैं सदस्यता के लिए आवेदन

सहकारिता विभाग के अनुसार प्रस्तावित प्राथमिक चीनी मिल सहकारी समितियों से जुड़ने के इच्छुक गन्ना उत्पादक किसान 30 जुलाई तक आवेदन कर सकते हैं। बताया गया है कि जून 2026 में राज्य सरकार को विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) सौंपे जाने के बाद अब गन्ना किसानों को इस अभियान से जोड़कर प्रस्तावित चीनी मिलों को आत्मनिर्भर बनाने की तैयारी की जा रही है। सदस्यता अभियान शुरू होने से रैयाम, सकरी और आसपास के क्षेत्रों के गन्ना किसानों में नई उम्मीद जगी है।
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डीएम की अध्यक्षता में बनी जिला स्तरीय समिति

रैयाम चीनी मिल को दोबारा शुरू करने के लिए जिला प्रशासन ने भी तैयारी तेज कर दी है। इसके लिए जिलाधिकारी कौशल कुमार की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति का गठन किया गया है। समिति में केवटी विधायक डॉ. मुरारी मोहन झा को भी सदस्य बनाया गया है। उन्होंने क्षेत्र की जनता को भरोसा दिलाया है कि अब इस कार्य में किसी तरह की प्रशासनिक देरी नहीं होने दी जाएगी।
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सदस्य बनने के लिए क्या हैं पात्रता की शर्तें?

सहकारिता विभाग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार समिति का सदस्य बनने के लिए किसान की आयु 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए। आवेदक संबंधित चीनी मिल के कमांड क्षेत्र का निवासी होना चाहिए तथा वर्तमान में गन्ने की खेती कर रहा हो या अगले दो पेराई सत्रों में गन्ना उत्पादन करने का संकल्प ले। सामान्य वर्ग के किसानों के पास कम से कम करीब 2.5 एकड़ कृषि योग्य भूमि होना आवश्यक है, जबकि आरक्षित वर्ग के किसानों के लिए कम से कम 50 डिसमिल कृषि योग्य भूमि अनिवार्य रखी गई है। एक परिवार से केवल एक व्यक्ति को ही समिति का सदस्य बनाया जाएगा।

ऑनलाइन आवेदन की सुविधा, हेल्पलाइन भी जारी

इच्छुक किसान ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। यदि आवेदन में किसी प्रकार की समस्या आती है तो किसान अपने नजदीकी पैक्स, प्रखंड स्तरीय आयोजन समिति अथवा विभाग की ओर से जारी हेल्पलाइन नंबर के माध्यम से सहायता प्राप्त कर सकते हैं। बिहार सरकार इन दोनों चीनी मिलों को गुजरात और ओडिशा में सफलतापूर्वक संचालित हो रहे सहकारी मॉडल के आधार पर पुनर्जीवित करना चाहती है। सरकार का लक्ष्य अगले एक से दो वर्षों के भीतर बंद पड़ी दोनों चीनी मिलों को फिर से चालू करना है।

1994 और 1996 से बंद हैं दोनों चीनी मिलें

बताया जाता है कि प्रशासनिक कुप्रबंधन और किसानों के भुगतान में देरी के कारण 1996 में सकरी चीनी मिल बंद हो गई थी। वहीं 1994 में रैयाम चीनी मिल भी पूरी तरह बंद हो गई थी और तब से अब तक इसका संचालन नहीं हो सका। स्थानीय लोगों के अनुसार, रैयाम और सकरी चीनी मिलों में कभी बेहतरीन गुणवत्ता की चीनी का उत्पादन होता था। दोनों मिलों के बंद होने से सैकड़ों मजदूर बेरोजगार हो गए थे। अब सदस्यता अभियान शुरू होने से इलाके के किसानों और लोगों में एक बार फिर खुशी और उम्मीद का माहौल है।

सहकारिता विभाग ने बताया अभियान का उद्देश्य

जिले के वरीय सहकारिता पदाधिकारी हर्षवर्धन ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य क्षेत्र के किसानों को एक बार फिर गन्ने की खेती के लिए प्रोत्साहित करना है। उन्होंने कहा कि सदस्यता अभियान पूरा होने के बाद सरकार के पास पंजीकृत किसानों का पूरा डेटा उपलब्ध होगा। इसी डेटा के आधार पर सरकार किसानों को उन्नत किस्म के बीज, खाद और आधुनिक तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने में सक्षम होगी।
 

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विधायक बोले- किसानों को मिलेगा मालिकाना हक

केवटी विधायक डॉ. मुरारी मोहन झा ने कहा कि राज्य सरकार के 'सात निश्चय थ्री' कार्यक्रम के तहत नई सहकारी चीनी मिलों की स्थापना का बहुप्रतीक्षित निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के जनप्रतिनिधि के रूप में इस मांग को सदन से लेकर सड़क तक लगातार उठाया गया, जो अब साकार होने जा रहा है। उन्होंने बताया कि नई व्यवस्था के तहत किसानों को चीनी मिल का सीधा मालिकाना हक मिलेगा।

1018 गांवों को किया गया है आरक्षित

रैयाम चीनी मिल के आयोजना क्षेत्र के लिए दरभंगा के 580 गांव और मधुबनी के 438 गांव, यानी कुल 1018 गांवों को गन्ना आपूर्ति के लिए आरक्षित किया गया है। विधायक ने कहा कि प्राथमिक चीनी मिल सहकारी समिति का गठन किया जाएगा, जिसके वास्तविक मालिक किसान होंगे। उन्होंने योग्य और इच्छुक किसानों से समय-सीमा के भीतर ऑनलाइन आवेदन करने की अपील की।
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