Bihar Election: नामांकन वापस नहीं लेने पर अफजल अली पर कार्रवाई, राजद ने छह साल के लिए पार्टी से निकाला; जानें
Bihar Election: हाल ही में आयोजित एक जनसभा में राजद नेता तेजस्वी यादव और वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी ने मंच से कहा था कि अफजल अली खान से बात हो गई है और अब कोई विवाद नहीं है। पढे़ं पूरी खबर
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दरभंगा के गोराबौराम विधानसभा सीट से राजद के चुनाव चिन्ह पर चुनाव लड़ रहे अफजल अली खान को पार्टी से छह वर्षों के लिए निष्कासित कर दिया गया है। इस संबंध में आदेश पत्र राजद प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने जारी किया है।
गौरतलब है कि गोराबौराम सीट से वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी के भाई संतोष सहनी चुनाव मैदान में हैं, जिनका मुकाबला भाजपा प्रत्याशी सुजीत कुमार से है। यह सीट बिहार विधानसभा चुनाव में इन दिनों खासा चर्चा का विषय बनी हुई है।
शुरुआत में राजद ने अफजल अली खान को पार्टी का सिंबल (चुनाव चिन्ह) दिया था, लेकिन बाद में यह सीट महागठबंधन के अंदर वीआईपी के हिस्से में चली गई। इसके बाद राजद ने निर्वाचन पदाधिकारी को पत्र लिखकर अफजल अली खान का नामांकन रद्द करने का अनुरोध किया था। हालांकि उनका नामांकन रद्द नहीं हुआ, जिससे स्थिति उलझी हुई बनी रही। परिणामस्वरूप इलाके में राजद और वीआईपी दोनों के पोस्टर-बैनर साथ-साथ दिखाई देने लगे।
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हाल ही में आयोजित एक जनसभा में राजद नेता तेजस्वी यादव और वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी ने मंच से कहा था कि अफजल अली खान से बात हो गई है और अब कोई विवाद नहीं है। तेजस्वी यादव ने कहा था कि उन्होंने खुद अफजल से फोन पर बातचीत की है और चुनाव के बाद बनने वाली सरकार में उनका सम्मान किया जाएगा। फिर भी, अफजल अली खान तेजस्वी यादव की सभा में नहीं पहुंचे और लगातार राजद के चुनाव चिन्ह पर प्रचार करते रहे।
राजद प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने अपने आदेश पत्र में लिखा है कि “राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के निर्देशों की अवहेलना करते हुए अफजल अली खान ने गठबंधन धर्म का उल्लंघन किया और अपना नामांकन वापस नहीं लिया। इससे एनडीए गठबंधन को लाभ पहुंचा। पार्टी विरोधी आचरण और हठधर्मिता के कारण उन्हें छह वर्षों के लिए राजद से निष्कासित किया जाता है।”