फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Bihar ›   Darbhanga News ›   ali ashraf fatmi claims nda did nothing for muslims only used vote bank

Bihar News: 'एनडीए ने मुसलमानों के लिए कुछ नहीं किया', अली असरफ फातमी बोले- केवल वोट बैंक बनाया

Sun, 26 Oct 2025 02:23 PM IST
आशुतोष प्रताप सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला,दरभंगा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,दरभंगा Published by: आशुतोष प्रताप सिंह Updated Sun, 26 Oct 2025 02:23 PM IST
सार

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मुस्लिम मतदाताओं को साधते हुए कहा कि पूर्व की सरकारों ने मुस्लिम समुदाय के लिए कोई ठोस काम नहीं किया, जबकि उनकी सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।

विज्ञापन
ali ashraf fatmi claims nda did nothing for muslims only used vote bank
राजद के राष्ट्रीय अल्पसंख्यक अध्यक्ष मो. अली अशरफ फातमी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को मुस्लिम मतदाताओं को अपने पक्ष में करने की कोशिश करते हुए पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों ने राज्य के मुस्लिम समुदाय के लिए कोई ठोस काम नहीं किया, बल्कि उन्हें केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने सत्ता में आने के बाद से मुस्लिम समुदाय के हित में कई अहम कदम उठाए हैं, जिनमें अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के बजट में भारी वृद्धि शामिल है।

विज्ञापन

वहीं, मुख्यमंत्री के इस बयान पर राजद के राष्ट्रीय अल्पसंख्यक अध्यक्ष सह पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री मो. अली अशरफ फातमी ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में ‘वक्फ बिल’ पास हुआ है, जिसमें नीतीश कुमार ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था। जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा, केंद्रीय मंत्री ललन सिंह और पार्टी के एक सांसद ने खुद कहा था कि “जब मुसलमान हमें वोट नहीं करते तो हम उनके लिए काम क्यों करें?” अब वही नीतीश कुमार कह रहे हैं कि उन्होंने मुसलमानों के लिए काफी काम किया है और उनसे वोट मांग रहे हैं।

विज्ञापन

यह खबर भी पढ़ें-Bihar: चार विधानसभा सीटों पर राजद-कांग्रेस के प्रत्याशी आमने-सामने; किसके लिए वोट मांगेंगे राहुल-तेजस्वी?

विज्ञापन
विज्ञापन


फातमी ने यह भी कहा कि इस बार के टिकट बंटवारे ने जदयू की मानसिकता साफ कर दी है। पहले के चुनावों में जदयू में मुसलमानों की भागीदारी अधिक होती थी, लेकिन भाजपा के साथ गठबंधन में आने के बाद उनका झुकाव मुस्लिम समुदाय से कम हो गया है। फातमी ने कहा कि एनडीए गठबंधन की भाजपा ने इस बार एक भी मुसलमान को टिकट नहीं दिया, जबकि जदयू ने केवल चार मुस्लिम उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है। यह स्पष्ट संकेत है कि उन्हें मुस्लिम वोटों की परवाह नहीं रह गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed