दरभंगा स्नातक चुनाव: 10वें राउंड के बाद भी नहीं निकला नतीजा, भाजपा प्रत्याशी आगे; तेजस्वी ने ईसी पर उठाए सवाल
दरभंगा स्नातक चुनाव में भाजपा के सर्वेश कुमार 16,115 मतों के साथ आगे हैं, लेकिन जीत के लिए 31,911 मत जरूरी हैं। दूसरे वरीयता के मतों की गिनती जारी है। तेजस्वी यादव ने मतगणना में देरी और पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं।
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दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव की मतगणना में भाजपा के सर्वेश कुमार आगे चल रहे हैं। हालांकि, जीत के लिए निर्धारित 31,911 मतों का आंकड़ा हासिल नहीं होने के कारण दूसरे वरीयता क्रम के मतों की गिनती जारी है। इस बीच राजद नेता तेजस्वी यादव ने मतगणना में देरी और वैध मतों को अवैध घोषित करने का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग से पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग की है।
दरभंगा स्नातक क्षेत्र से मतगणना में लगभग 10% मत अवैध घोषित किए है ताकि हमारे उम्मीदवार को हरा सके। 24 घंटे के बाद भी द्वितीय वरीयता के मतों की गणना में देरी की जा रही है । जहाँ बीजेपी हारने लगती है चुनाव आयोग इनके निर्देशों पर नाचने लग जाता है। चुनाव आयोग गिनती में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करें। @ECISVEEP @CEOBihar
— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) October 28, 2026
तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि दरभंगा स्नातक चुनाव की गणना में लगभग 10 प्रतिशत वैध मतों को अवैध घोषित किया गया है, ताकि उनके उम्मीदवार को हराया जा सके। उन्होंने आरोप लगाया कि 24 घंटे बाद भी द्वितीय वरीयता के मतों की गिनती में देरी की जा रही है। तेजस्वी ने कहा कि जहां भाजपा हारने लगती है, वहां चुनाव आयोग उसके निर्देश पर नाचने लगता है। उन्होंने चुनाव आयोग से मतगणना में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग की।
पहले राउंड में 69,141 मतों की गिनती
दरभंगा स्नातक चुनाव के पहले राउंड की मतगणना पूरी हो चुकी है। इस दौरान कुल 69,141 मतों की गिनती की गई, जिसमें 5,321 मत रद्द घोषित किए गए। इसके बाद कुल वैध मतों की संख्या 63,820 रही। जीत के लिए निर्धारित मतों की संख्या 31,911 है, जो कुल वैध मतों के आधे से एक अधिक है।
पहले राउंड में सर्वाधिक 16,115 मत भाजपा के सर्वेश कुमार को मिले। वहीं, दूसरे स्थान पर रहे प्रत्याशी अनिल कुमार झा को 14,615 मत प्राप्त हुए। हालांकि, दोनों में से कोई भी प्रत्याशी जीत के लिए जरूरी 31,911 मतों का आंकड़ा हासिल नहीं कर सका।
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कैसे हो रही है दूसरे वरीयता के मतों की गिनती?
निर्धारित जीत के आंकड़े तक कोई प्रत्याशी नहीं पहुंचने के कारण अब दूसरे और आगे के वरीयता क्रम के मतों की गिनती की जा रही है। इस प्रक्रिया में सबसे कम प्रथम वरीयता के मत प्राप्त करने वाले प्रत्याशी अमरनाथ सिंह, जिन्हें केवल 23 मत मिले हैं, के मतपत्रों में दर्ज दूसरी वरीयता के मत संबंधित प्रत्याशियों के खाते में जोड़े जाएंगे।
इसके बाद क्रमशः 39वें, 38वें, 37वें और आगे के क्रम के प्रत्याशियों के मतों की गिनती की जाएगी। यह प्रक्रिया तब तक जारी रहेगी, जब तक किसी प्रत्याशी को जीत के लिए निर्धारित 31,911 मत प्राप्त नहीं हो जाते।
यदि दूसरे वरीयता के मतों की गिनती के बाद भी कोई प्रत्याशी जीत के आंकड़े तक नहीं पहुंचता है, तो तीसरे वरीयता के मतों की गिनती की जाएगी। तीसरी वरीयता से भी जीत का आंकड़ा हासिल नहीं होने पर चौथे, पांचवें और आगे के वरीयता क्रम के मतों की गिनती की जाएगी। इस प्रक्रिया में निर्धारित जीत के आंकड़े तक पहुंचने वाला प्रत्याशी विजयी घोषित होगा।