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बिहार: चार साल से लापता पिता को परिजनों ने माना मृत, पुतला बनाकर डीजे के साथ किया अंतिम संस्कार

Wed, 28 Oct 2026 09:37 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना Published by: शबाहत हुसैन Updated Wed, 28 Oct 2026 09:37 PM IST
सार

चार साल से लापता बाढ़ के सिकंदरा गांव निवासी 65 वर्षीय शंकर साव को परिजनों ने मृत मानकर उनका पुतला बनाकर अंतिम संस्कार किया। डीजे के साथ रंथी सजाकर उमानाथ सती स्थान घाट पहुंचे परिजनों ने मृत्यु भोज की तैयारी भी की।

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Bihar: Family declares father missing for four years dead performs last rites using an effigy
सांकेतिक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार
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पटना जिले के बाढ़ थाना क्षेत्र के सिकंदरा गांव निवासी 65 वर्षीय शंकर साव उर्फ झूरी साव चार साल पहले लापता हो गए थे। काफी खोजबीन के बाद भी उनका कोई पता नहीं चलने पर परिजनों ने उन्हें मृत मान लिया। इसके बाद परिजनों ने उनका पुतला बनाकर विधिवत अंतिम संस्कार किया। पुतले को रंथी पर सजाकर डीजे बजाते हुए गांव से उमानाथ सती स्थान घाट ले जाया गया, जहां अंतिम संस्कार की रस्में पूरी की गईं। यह मामला बाढ़ क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।

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लापता बुजुर्ग के पुत्र बटोरन साव ने बताया कि उनके पिता मानसिक रूप से अस्वस्थ थे। चार साल पहले वह उन्हें इलाज के लिए बिहार शरीफ के रामचंद्रपुर लेकर गए थे। वहां पिता को छोड़कर वह खाने का सामान लाने चले गए। इसी दौरान उनके पिता लापता हो गए। इसके बाद उन्होंने अपने पिता की काफी खोजबीन की और इस संबंध में थाने में आवेदन भी दिया था।

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बटोरन साव ने बताया कि चार साल तक तलाश करने के बाद भी उनके पिता का कोई पता नहीं चल सका। अब उन्हें पिता के मिलने की उम्मीद नहीं है। इसी कारण उन्होंने परिवार के लोगों और गांव के अन्य लोगों से विचार-विमर्श करने के बाद उनका अंतिम संस्कार करने का निर्णय लिया।

परिजनों ने विधिवत पुतला तैयार किया और उसे रंथी पर सजाकर डीजे के साथ उमानाथ सती स्थान घाट पहुंचे। वहां पुतले का दाह संस्कार किया गया। पुत्र ने बताया कि अंतिम संस्कार के बाद परिवार की ओर से आगे की सभी धार्मिक रस्में पूरी की जाएंगी। इसके साथ ही मृत्यु भोज का भी आयोजन किया जाएगा।

गांव के लोगों ने भी परिजनों को अंतिम संस्कार करने के लिए प्रेरित किया था। काफी खोजबीन के बाद जब बुजुर्ग का कोई पता नहीं चला, तो परिवार ने आपसी सहमति से यह कदम उठाया। हालांकि, परिजनों ने बताया कि वे अभी भी शंकर साव की तलाश में जुटे हुए हैं।

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