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Bihar News : मनीष कश्यप को अंतत: मिल गई रिहाई; पटना हाईकोर्ट से जमानत के बाद आर्थिक अपराध कोर्ट ने भी दी राहत
Sat, 23 Dec 2023 12:35 PM IST
आदित्य आनंद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: आदित्य आनंद
Updated Sat, 23 Dec 2023 12:35 PM IST
सार
पटना हाईकोर्ट से मिली जमानत के आधार पर बंधपत्र दाखिल करने के बाद आर्थिक अपराध इकाई की विशेष अदालत (पटना सिविल कोर्ट स्थित) ने यूट्यूबर मनीष कश्यप को जेल से बाहर आने का आदेश जारी कर दिया।
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यूट्यूबर मनीष कश्यप (फाइल फोटो)।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
यूट्यूबर मनीष कश्यप उर्फ त्रिपुरारि कुमार तिवारी को अंतत: रिहाई मिल गई है। पटना हाईकोर्ट से मिली जमानत के बाद आर्थिक अपराध कोर्ट ने मनीष कश्यप को राहत दे दी है। मनीष कश्यप के बेऊर जेल से बाहर आते ही समर्थकों की भीड़ उमड़ पड़ी। पूर्वी और पश्चिमी चंपारण समेत बिहार के कई हिस्सों से आए समर्थक फूल-माला लेकर स्वागत किया। समर्थकों ने जमकर नारेबाजी भी की। इधर, विधि व्यवस्था को देखते हुए पटना पुलिस अलर्ट मोड पर है। वहीं भीड़ के कारण सड़क पर कुछ देर तक जाम लग रहा।
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कोर्ट सूत्रों के अनुसार पटना हाईकोर्ट से मिली जमानत के आधार पर बंधपत्र दाखिल करने के बाद आर्थिक अपराध इकाई की विशेष अदालत (पटना सिविल कोर्ट स्थित) ने यूट्यूबर मनीष कश्यप को जेल से बाहर आने आदेश जारी कर दिया। आर्थिक अपराध की इकाई विशेष न्यायाधीश सारिका बहालिया ने यह आदेश न्यायिक अभिरक्षा में रहते हुए हथकड़ी पहनकर संवाददाताओं को वक्तव्य देने के मामले में जारी किया। वहीं तमिलनाडु में बिहारी मजदूरों के खिलाफ हिंसा के फर्जी वीडियो जारी करने के तीन अन्य मामलों में मनीष कश्यप के खिलाफ जारी पेशी वारंट को उसके अनुरोध पर वापस ले लिया। बाकी तीन मामलों में उसे पहले ही जमानत हो चुकी थी।
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बेऊर जेल के बाहर लगी लोगों की भीड़।
- फोटो : अमर उजाला
बिहारी मजदूरों का फर्जी वीडियो वायरल करने का आरोप
तमिलनाडु में बिहार के मजदूरों के साथ मारपीट का फर्जी वीडियो शेयर करने को लेकर यूट्यूबर मनीष कश्यप की मुश्किलें बढ़ी थी। इस मामले में बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने मनीष कश्यप के खिलाफ FIR दर्ज की थी। जब इस केस में छापेमारी शुरू हुई तो कई दिनों तक गिरफ्तारी के डर से मनीष कश्यप बिहार छोड़कर फरार हो गया था। उसकी तलाश में कई जगहों पर छापेमारी हुई थी।
18 मार्च को दूसरे केस में घर की कुर्की शुरू होने पर किया था सरेंडर
बेतिया पुलिस ने 18 मार्च को दूसरे केस में मनीष के घर की कुर्की जब्ती शुरू की तो उसने स्थानीय थाने में सरेंडर किया। उसी दिन पटना से गई EOU की टीम ने उसे अपने केस में कब्जे में लिया था। रिमांड पर लेकर उससे पूछताछ की और उसे जेल भेज दिया था। मनीष कश्यप के सरेंडर करने के तुरंत बाद तमिलनाडु पुलिस की टीम पटना पहुंची थी। 30 मार्च को ट्रांजिट रिमांड पर तमिलनाडु पुलिस अपने साथ ले गई थी। तमिलनाडु पुलिस ने मनीष कश्यप को मदुरई कोर्ट में पेश किया था। तब से मनीष कश्यप वहां की जेल में बंद है। वहां जाने के बाद ही उसके ऊपर NSA लगाया गया। बेतिया कोर्ट में पेशी के दौरान मनीष के समर्थकों ने फूल बरसाए थे।
आर्थिक अपराध इकाई ने कुल चार केस दर्ज की थी
मनीष कश्यप उर्फ त्रिपुरारी कुमार तिवारी के खिलाफ पटना में आर्थिक अपराध इकाई ने कुल चार केस दर्ज की थी। इसमें दो केस में यूट्यूबर की पेशी हुई। इसमें पहला केस तमिलनाडु में बिहारी मजदूरों की पिटाई का फर्जी वीडियो वायरल करने से जुड़ा है। दूसरा केस राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की मौत पर जश्न मनाने और आपत्तिजनक शब्द कहे जाने का पुराना वायरल वीडियो है। मार्च में तमिलनाडु प्रकरण के दौरान ही इस मामले में सोशल वर्कर निशांत वर्मा ने EOU से शिकायत की थी। उनके बयान पर 24 मार्च को यह केस दर्ज किया गया था।
तमिलनाडु में बिहार के मजदूरों के साथ मारपीट का फर्जी वीडियो शेयर करने को लेकर यूट्यूबर मनीष कश्यप की मुश्किलें बढ़ी थी। इस मामले में बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने मनीष कश्यप के खिलाफ FIR दर्ज की थी। जब इस केस में छापेमारी शुरू हुई तो कई दिनों तक गिरफ्तारी के डर से मनीष कश्यप बिहार छोड़कर फरार हो गया था। उसकी तलाश में कई जगहों पर छापेमारी हुई थी।
18 मार्च को दूसरे केस में घर की कुर्की शुरू होने पर किया था सरेंडर
बेतिया पुलिस ने 18 मार्च को दूसरे केस में मनीष के घर की कुर्की जब्ती शुरू की तो उसने स्थानीय थाने में सरेंडर किया। उसी दिन पटना से गई EOU की टीम ने उसे अपने केस में कब्जे में लिया था। रिमांड पर लेकर उससे पूछताछ की और उसे जेल भेज दिया था। मनीष कश्यप के सरेंडर करने के तुरंत बाद तमिलनाडु पुलिस की टीम पटना पहुंची थी। 30 मार्च को ट्रांजिट रिमांड पर तमिलनाडु पुलिस अपने साथ ले गई थी। तमिलनाडु पुलिस ने मनीष कश्यप को मदुरई कोर्ट में पेश किया था। तब से मनीष कश्यप वहां की जेल में बंद है। वहां जाने के बाद ही उसके ऊपर NSA लगाया गया। बेतिया कोर्ट में पेशी के दौरान मनीष के समर्थकों ने फूल बरसाए थे।
आर्थिक अपराध इकाई ने कुल चार केस दर्ज की थी
मनीष कश्यप उर्फ त्रिपुरारी कुमार तिवारी के खिलाफ पटना में आर्थिक अपराध इकाई ने कुल चार केस दर्ज की थी। इसमें दो केस में यूट्यूबर की पेशी हुई। इसमें पहला केस तमिलनाडु में बिहारी मजदूरों की पिटाई का फर्जी वीडियो वायरल करने से जुड़ा है। दूसरा केस राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की मौत पर जश्न मनाने और आपत्तिजनक शब्द कहे जाने का पुराना वायरल वीडियो है। मार्च में तमिलनाडु प्रकरण के दौरान ही इस मामले में सोशल वर्कर निशांत वर्मा ने EOU से शिकायत की थी। उनके बयान पर 24 मार्च को यह केस दर्ज किया गया था।