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बिहार: थम गया दूसरे चरण के प्रचार का शोर

Thu, 15 Oct 2015 01:50 AM IST
Updated Thu, 15 Oct 2015 01:50 AM IST
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Canvassing stops for the second phase of bihar election

विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के तहत 16 अक्टूबर को होने वाले मतदान के लिए चुनाव प्रचार बुधवार की शाम थम गया। दूसरे चरण में छह जिलों की 32 विधानसभा सीटों के लिए शुक्रवार को वोट डाले जाएंगे। इसमें कुल 458 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला 85 लाख से अधिक मतदाता करेंगे।

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बिहार में पांच चरणों में चुनाव होना है। मतगणना आठ नवंबर को होगी। बिहार चुनाव के दूसरे चरण के मतदान के लिए सभी पार्टियों और प्रत्याशियों ने कमर कस ली है।
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शुक्रवार को होने वाले दूसरे चरण के मतदान में कैमूर, रोहतास, अरवल, जहानाबाद, औरंगाबाद और गया जिले के मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। दूसरे चरण में अधिकतर सीटें नक्सल प्रभावित इलाकों की हैं। इस चरण में जिन छह जिलों के 32 विधानसभा क्षेत्रों में मतदान होना है, उनमें 23 विधानसभा क्षेत्रों को नक्सल प्रभावित घोषित किया गया है।
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सामान्य विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता सुबह सात बजे से शाम पांच बजे तक मतदान कर सकेंगे, जबकि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में मतदान का समय शाम तीन बजे तक और कुछ क्षेत्रों में शाम चार बजे तक तय किया गया है। इस चरण में सभी दलों ने अपना पूरा जोर लगा दिया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के अध्यक्ष अमित शाह कई चुनावी सभाएं कर लोगों से राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के पक्ष में, जबकि नीतीश-लालू के साथ-साथ कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी सत्ताधारी महागठबंधन के प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करने की अपील कर चुके हैं।

तीसरे मोर्चे के लिए सपा से मुलायम व अखिलेश प्रचार कर चुके हैं, जबकि बसपा के लिए बहन मायावती और वामपंथियों के लिए दीपंकर भट्टाचार्य ने रैलियां की हैं।

मांझी की राजनीतिक साख दांव पर

Canvassing stops for the second phase of bihar election

इस चरण में पूर्व मुख्यमंत्री और हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) के अध्यक्ष जीतन राम मांझी की राजनीतिक साख दांव पर है। खुद मांझी दो सीटों से मैदान में हैं, तो उनके बेटे के भाग्य का भी इसी चरण में फैसला होना है।

मांझी अपनी कर्मभूमि जहानाबाद के मुकदुमपुर से तो अपनी जन्मभूमि गया के इमामगंज से चुनावी रण में हैं। इमामगंज सीट पर उनका मुकाबला विधानसभा अध्यक्ष और जद (यू) नेता उदय नारायण चौधरी से है। इस बार के चुनाव में यहां की लड़ाई सबसे दिलचस्प कही जा रही है।

भाजपा के वरिष्ठ नेता प्रेम कुमार गया से, रामेश्वर चौरसिया नोखा से और संघ के मजबूत सदस्य और दिनारा से भाजपा उम्मीदवार राजेंद्र सिंह के भाग्य का फैसला भी इसी चरण में होना है।

कुल 458 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला 85 लाख से अधिक मतदाता करेंगे। बिहार विधानसभा की 243 सीटों के लिए 12 अक्टूबर से पांच नवंबर के बीच पांच चरणों में मतदान होना है।

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