बुद्धिस्ट सर्किट के सात स्थलों का होगा आधुनिकीकरण
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आध्यात्मिक, सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने और शांति, अहिंसा, भाईचारे के सूत्र में दुनिया को पिरोने के संकल्प के साथ भगवान गौतम बुद्ध की उपदेशस्थली पर मंगलवार की सुबह कई देशों के दिल मिले। बुद्धिस्ट प्रतिनिधियों के जमावड़े के बीच केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री महेश शर्मा ने कहा कि इस महोत्सव के जरिए विश्व समुदाय को गौतम बुद्ध को समझने में मदद मिलेगी और इस धरती से शांति-प्रेम का संदेश जाएगा।
इस मौके पर उन्होंने बताया कि बुद्धिस्ट सर्किट के आठ प्रमुख स्थलों में सात हिंदुस्तान में हैं। इन पर्यटक स्थलों के आधुनिकीकरण की योजना तैयार की गई है। केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर बुद्धिस्ट सर्किट को संवारेंगी, ताकि पर्यटन विकास को तीव्र गति मिल सके।
विश्व के 38 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों ने मंगलवार की सुबह भगवान बुद्ध की भूमि को नमन किया। मूलगंध कुटी बिहार में सुबह 10 बजे केंद्रीय पर्यटन मंत्री ने दीप जलाकर कॉन्क्लेव की औपचारिक शुरूआत की। उन्होंने कहा कि मौजूदा सामाजिक, राजनीतिक परिदृश्य में बुद्धिस्ट कान्क्लेव मील का पत्थर साबित होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना है कि बुद्धिस्ट देशों से भारत के जुड़ाव को और मजबूत किया जाए।
बुद्धिस्ट सर्किट के आधुनिकीकरण की योजना पर काम चल रहा है
बुद्धिस्ट सर्किट के आधुनिकीकरण की योजना पर काम चल रहा है। ताकि सारनाथ के अलावा बुद्ध के महापरिनिर्वाण स्थल कुशीनगर, स्वज्ञान स्थल बौद्ध गया (महाबोधि वृक्ष), कपिलवस्तु (प्रारंभिक जीवन के अंश),संकिशा, श्रावस्ती, कौशांबी को दुनिया के बुद्धिस्ट देशों से जोड़ा जा सके।
इस मौके पर थाईलैंड की उप पर्यटन एवं खेल मंत्री चावानी तोंग्रोच ने कहा कि इस धरती पर बुद्ध के जीवन को समझने में दुनिया को मदद मिलेगी। बैंकाक पहुंचकर इसके लिए मैं अपने देश के नागरिकों को प्रोत्साहित करूंगी।
अध्यक्षता महाबोधि सोसाइटी आफ इंडिया के संयुक्त सचिव पी शिवली थेरो ने की। कॉन्क्लेव दो सत्रों में चला। महोत्सव के बाद बुद्धिस्ट प्रतिनिधियों ने डिनर के बाद अंतरराष्ट्रीय व्यापार को बढ़ावा देने के पहलुओं पर चर्चा की।