Ranji Trophy : बिहार ने सदी में पहली बार रणजी के प्लेट ग्रुप का फाइनल जीता, अगली बार रणजी मुख्य मुकाबला खेलेगा
झारखंड बंटवारे के साथ इस सदी में बिहार के लिए क्रिकेट की मुख्य धारा से जुड़ना एक सपना था। आज उस सपने के हकीकत की पहली सीढ़ी पार हो गई। पटना के मोइनुल हक स्टेडियम में बिहार के खिलाड़ियों ने रणजी के प्लेट ग्रुप का फाइनल अपने नाम किया।
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सदी का सूखा आखिरकार खत्म हुआ। झारखंड बंटवारे के साथ इस सदी में बिहार के लिए क्रिकेट की मुख्य धारा से जुड़ना एक सपना था। आज उस सपने के हकीकत की पहली सीढ़ी पार हो गई। पटना के मोइनुल हक स्टेडियम में खाली दर्शक दीर्घा के बीच बिहार के खिलाड़ियों ने रणजी के प्लेट ग्रुप का फाइनल मैच अपने नाम किया। पहली पारी में शानदार 546 रनों का स्कोर खड़ा होते ही इसकी उम्मीद जग गई थी, लेकिन चौथे-पांचवें दिन मणिपुर ने मैच को ड्रॉ कराने की भरसक कोशिश से यह उम्मीद कमजोर होती भी नजर आई। अंतत: अंतिम दिन मणिपुर के छह विकेट गिराकर बिहार ने 220 रनों की बड़ी जीत से प्लेट ग्रुप की रणजी ट्रॉफी अपने नाम कर ली। डबल सेंचुरी बनाने वाले सकीबुल गनी मैच ऑफ द मैच रहे। फाइनल में पहुंचने वाली दोनों टीमें अगले सीज़न में रणजी ट्रॉफी का मुख्य मुकाबला खेलेंगी, यानी इलिट ग्रुप में शामिल होंगी। इलिट ग्रुप में इस सीजन खराब परफॉर्म करने वाली टीमें अगले सीजन में बिहार और मणिपुर की जगह प्लेट ग्रुप में खेलेंगी। सदी में पहली बार 2018 में बिहार क्रिकेट एकेडमी (BCA) को मौका मिला कि वह बिहार की टीम रणजी में भेजे। इसके पहले इस सदी में बिहार के खिलाड़ी झारखंड के लिए जाकर खेल रहे थे, जिसमें इस समय के स्टार क्रिकेटर इशान किशन तक शामिल हैं।
बिहार ने टॉस जीत पहले खेलते हुए विशाल स्काेर खड़ा किया
बिहार ने पांच दिनों के मैच में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया था। बिहार ने पहली पारी में 4.38 की रन गति से 546 रनों का विशाल स्कोर दे दिया। इसके मुकाबले में उतरी मणिपुर की टीम 3.57 रनों की गति से 337 रन ही बना सकी। दूसरी पारी में बिहार का रन ज्यादा नहीं गया और 3.28 की रन गति से 335 रनों पर बिहार की पारी सिमट गई। चौथे दिन मुकाबले में मणिपुर की टीम ने ड्रॉ का लक्ष्य लेकर खेलना शुरू किया। लैंगलोनिअंबा ने 117 रन खड़े किए। बिकाश सिंह ने भी 78 रन बनाए। अंतिम दिन जोतिन फरोजियम ने बिहार को जीत से काफी हद तक रोकने की कोशिश की, लेकिन वह 48 रनों पर अविजीत ही रह गए जबकि टीम ऑल आउट हो गई। दूसरी पारी में सर्वाधिक 5 विकेट बिहार की ओर से नवाज ने लिए, जबकि कप्तान आशुतोष अमन के खाते में मणिपुर के तीन विकेट आए। अंतिम विकेट समेत कुल दो विकेट सचिन कुमार सिंह ने झटके।
सकीबुल की डबल सेंचुरी, सर्वाधिक 10 विकेट नवाज ने झटके
बिहार के लिए तुरुप का पत्ता मुख्य रूप से दो खिलाड़ी रहे। पहली पारी में 205 रनों का विशाल स्कोर खड़ा कर सकीकुल गनी ने मणिपुर का हौंसला तोड़ दिया। पहली पारी में विपिन सौरभ ने भी शानदार 155 रनों की पारी खेली थी। दो खिलाड़ियों के बल्ले ने मणिपुर टीम का पूरा नक्शा बिगाड़ दिया। फिर मणिपुर की बल्लेबाजी शुरू हुई तो बिहार के नवाज ने उसके पांच विकेट गिरा दिए। एक रन आउट को छोड़ बाकी तीन विकेट कप्तान आशुतोष अमन, वीर प्रताप सिंह, हर्ष विक्रम सिंह ने बांट लिए। दूसरी पारी में बिहार की बल्लेबाजी पहली पारी की तरह नहीं रही। इस बार सिर्फ सचिन कुमार सिंह का बल्ला ठीक से बोला। सचिन ने 132 रन बनाए। मणिपुर की दूसरी पारी की भी कमर बिहार के नवाज ने ही तोड़ी। इस पारी में भी नवाज ने पांच विकेट झटके, यानी पूरे मैच में 10 विकेट अकेले इन्होंने लिए।
कप्तान आशुतोष अमन ने क्या कहा, जानें
BCCI एपेक्स काउंसिल के सदस्य मेमन मजूमदार ने विजेता टीम के कप्तान आशुतोष अमन को ट्रॉफी प्रदान की। इस मौके पर मैच रेफरी सत्यजीत अजीत सतभाई, BCA अध्यक्ष राकेश कुमार तिवारी, उपाध्यक्ष दिलीप सिंह, राष्ट्रीय चयनकर्ता शिव सुंदर और इस मैच के अंपायर ए नंद किशोर व के. श्रीनिवासन अंपायर मौजूद रहे। मैन ऑफ द मैच सकीबुल गनी के अलावा बेस्ट बैट्समैन का अवार्ड दूसरी पारी में बिहार के लिए 132 रन जोड़ने वाले सचिन कुमार सिंह को दिया गया। मैच के बाद 'अमर उजाला’ से बातचीत में कप्तान आशुतोष अमन ने इसे टीम की जीत बताया। उन्होंने बाकी खिलाड़ियों के साथ 10 विकेट लेने वाले नवाज खान और पहली पारी में 155 रन बनाने वाले विपिन सौरभ का भी नाम लिया, हालांकि उन्होंने कहा कि टीम ने एकजुट होकर यह उपलब्धि हासिल की। उन्होंने इस जीत के साथ अगले सीजन में इलिट ग्रुप से खेलने की जानकारी पर खुशी जाहिर की।