फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Bihar ›   Bihar politics: Left will look at any political formulation to stop BJP from taking charge

लेफ्ट की चिंता: बिहार में अपना सीएम उम्मीदवार उतार सकती है भाजपा, भगवा पार्टी का उदय रोकने के लिए हर फॉर्मूला मंजूर

Wed, 11 May 2022 06:02 PM IST
Amit Mandal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना Published by: Amit Mandal Updated Wed, 11 May 2022 06:02 PM IST
सार

लेफ्ट नेता दीपांकर ने यह भी भविष्यवाणी की कि भाजपा 2024 के आम चुनावों से पहले अपनी स्थिति को मजबूत करने के लिए राज्य में जद (यू) और कांग्रेस दोनों को तोड़ने की कोशिश कर सकती है।

विज्ञापन
Bihar politics: Left will look at any political formulation to stop BJP from taking charge
मोदी-नीतीश - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

बिहार में सबसे बड़ी वामपंथी पार्टी के रूप में उभरी सीपीआईएमएल (एल), भाजपा और उसकी विचारधारा को कम्युनिस्ट आंदोलन के लिए मुख्य खतरा मानती है। इसे आशंका है कि भगवा पार्टी 2024 आम चुनाव से पहले बिहार में सीएम पद के लिए अपने उम्मीदवार को मैदान में उतारकर अपनी स्थिति को मजबूत करने का प्रयास करेगी। सीपीआईएमएल (एल) ने 2020 के विधानसभा चुनावों में बिहार में वामपंथी दलों को मिली 16 में से 12 सीटें अकेले जीती थीं। पार्टी ने कहा कि वे भाजपा के उदय को रोकने के लिए किसी भी राजनीतिक फॉर्मूले के लिए तैयार हैं। 

विज्ञापन


दीपांकर भट्टाचार्य बोले- भाजपा ला सकती है अपना सीएम उम्मीदवार 
सीपीआईएमएल (लिबरेशन) के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने पीटीआई को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि हमें विश्वास है कि भाजपा अपने ही नेता को मुख्यमंत्री के रूप में लाने की कोशिश करेगी क्योंकि उसे लगता है कि उनके सहयोगी नीतीश कुमार की उपयोगिता कम हो गई है। 
विज्ञापन


अटकलें लगाई जा रही थीं कि भाजपा उप-राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के रूप में नीतीश कुमार का नाम आगे बढ़ा सकती है, हालांकि जद (यू) ने ऐसी खबरों को खारिज कर दिया है। दीपांकर ने यह भी भविष्यवाणी की कि भाजपा 2024 के आम चुनावों से पहले अपनी स्थिति को मजबूत करने के लिए राज्य में जद (यू) और कांग्रेस दोनों को तोड़ने की कोशिश कर सकती है। उन्होंने कहा कि भाजपा का उन राज्यों में सरकार बनाने के लिए ऐसा करने का इतिहास रहा है जहां वे सत्तारूढ़ गठबंधन का हिस्सा हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


बिहार में यूपी दोहराया जाएगा
उन्होंने भविष्यवाणी की कि बिहार में यूपी दोहराया जाएगा। 1990 के दशक के अंत में बहुजन समाज पार्टी और कांग्रेस को अलग-अलग दलों में विभाजित किया गया था और टूटे हुए गुटों ने कल्याण सिंह को सीएम बनाने के लिए भाजपा को समर्थन दिया था। भाजपा उत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों पर अपनी पकड़ मजबूत करने में कामयाब रही है, लेकिन उसके पास तीन उत्तर भारतीय राज्यों बिहार, पंजाब और जम्मू-कश्मीर में कोई मुख्यमंत्री नहीं रहा है। इन तीन राज्यों में बिहार सबसे अधिक आबादी वाला राज्य है, इसके अलावा यह एकमात्र ऐसा राज्य है जो हिंदी भाषी क्षेत्र का हिस्सा है और जिसके लोकसभा में 40 सांसद हैं। पिछले 2019 के आम चुनाव में भाजपा ने इस राज्य से 17 सीटों पर जीत हासिल की थी। 

नीतीश के राजद की इफ्तार पार्टी में जाने के मायने 
विश्लेषकों का कहना है कि नीतीश कुमार भी चुपचाप कदम उठाते रहे हैं। वह पिछले महीने एक इफ्तार पार्टी के लिए अपनी पूर्ववर्ती राबड़ी देवी के घर गए, जहां उन्होंने राजद के नेतृत्व के साथ बातचीत की। एक हफ्ते बाद राजद के तेजस्वी यादव को जद (यू) के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ द्वारा आयोजित एक इफ्तार पार्टी में आमंत्रित किया गया और नीतीश कुमार युवा यादव नेता को उनकी कार तक ले गए। एक ऐसे राज्य में जहां बहुत कुछ प्रतीकात्मक रूप में देखा जाता है, नीतीश कुमार ने नागरिक संहिता और लाउडस्पीकरों पर जो बयान दिए, वे भाजपा के रुख के विपरीत हैं। 

 
विश्लेषकों का कहना है कि नीतीश कुमार के लिए भाजपा से दूरी और राजद के साथ हाथ मिलाने से जद (यू) के उच्च जाति के समर्थक इससे अलग होकर भगवा खेमे में जा सकते हैं। राजद और कांग्रेस के साथ गठबंधन के जोखिम से मुख्यमंत्री पद पर भी समझौता हो सकता है, जिसकी लालू प्रसाद के नेतृत्व वाली पार्टी मांग कर सकती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed