बिहार: जीतन राम मांझी और मुकेश सहनी की मुलाकात से बढ़ी नीतीश सरकार की मुसीबत, जानिए क्या है मामला
बिहार में पिछले तीन दिनों से बारिश ने जनजीवन प्रभावित है। मौसम भी पूरी तरह ठंडा है, लेकिन कोरोना काल में दो नेताओं की मुलाकात ने सियासत को गरमा दिया है।
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बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी और बिहार सरकार के मंत्री एवं वीआईपी पार्टी प्रमुख मुकेश सहनी के बीच हुई मुलाकात से राज्य का सियासी तापमान बढ़ गया है। दरअसल, जीतन राम मांझी ने शुक्रवार को ट्वीट कर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से पंचायत प्रतिनिधियों का कार्यकाल 6 महीने बढ़ाने की मांग की थी। मांझी ने देश में आपातकाल के दौरान लोकसभा का कार्यकाल बढ़ाने का हवाला दिया था।
जीतन राम मांझी ने खुद ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मुकेश सहनी से पंचायत चुनाव के अलावा विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई है। मांझी ने ट्वीट कर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से पंचायत प्रतिनिधियों का कार्यकाल 6 महीने तक बढ़ाने की भी मांग की ।
कई बार आपातकाल के दौरान लोकसभा के कार्यकाल को संविधान के आर्टिकल 352 के तहत बढ़ा दिया गया।
— Jitan Ram Manjhi (@jitanrmanjhi) May 28, 2021
कोरोना के आपात संकट को ध्यान रखते हुए मा.@NitishKumar जी से आग्रह है कि पंचायत प्रतिनिधियों का कार्यकाल कम से कम 6 माह के लिए बढ़ा दिया जाए जिससे ग्रामीण इलाक़े का विकास कार्य चलता रहे।
मांझी ने नीतीश पर साधा निशाना
मुकेश सहनी से मुलाकात के बाद मांझी ने राज्य में कोरोना को लेकर सरकार पर सवाल भी खड़े किए। उन्होंने एक के बाद एक ट्वीट कर सरकार की खिंचाई की। राज्य के उप स्वास्थ्य केंद्रों की व्यवस्था सुधारने के लिए सरकार से अनुरोध किया।उन्होंने कहा कि कोरोना की रोकथाम थाम के लिए लॉकडाउन समाधान नहीं है।सही मायने में स्वास्थ्य संकट से निपटना है तो गांवों के उप स्वास्थ्य केन्द्रों तक को सुव्यवस्थित करना होगा ताकि भविष्य में स्वास्थ्य संकटो से निपटा जा सके। हालांकि इस दौरान मांझी ने सीएम नीतीश कुमार को करोना संक्रमण के घटती दर के लिए आभार जताया।