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Bihar News: भारत-नेपाल यात्रा के लिए पासपोर्ट और वीजा की जरूरत नहीं; नाव से आवागमन करने को विवश महिलाएं
Thu, 31 Aug 2023 01:07 PM IST
लोकेंद्र सिंह चंपावत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीतामढ़ी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीतामढ़ी
Published by: लोकेंद्र सिंह चंपावत
Updated Thu, 31 Aug 2023 01:07 PM IST
सार
भारत-नेपाल सीमा पर नाव से आवागमन को लेकर लोग विवश हैं। इस पर सीतामढ़ी की महिलाओं ने कहा कि रास्ते में पानी भरने से कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा हैं। रक्षाबंधन के अवसर पर नाव से राखी बांधने जाते है।
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भारत-नेपाल की सीमा नाव से पार करती महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
भारत- नेपाल यात्रा के लिए पासपोर्ट और वीजा की जरूरत नहीं होती हैं। लेकिन सफर परेशानियों से कम नहीं है। रक्षाबंधन के दिन भी महिलाएं नाव से नेपाल-भारत यात्रा के लिए मजबूर हैं। रक्षा सूत्र बांधने जा रही महिलाओं ने कहा उन्हें तमाम प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ता हैं।
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हर देश में आने जाने के तमाम साधन बारिश हो या बाढ़ या अन्य कोई आपदा लोग हवाई जहाज, पानी जहाज से यात्रा करते है। लेकिन सीतामढ़ी जिले में बाढ़ आने के बाद नेपाल जाने के लिए लोगों को नाव का सहारा लेना पड़ता है। वह भी नाव वालों को मनचाहे रुपये देकर यात्रा करना पड़ता है।
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बिहार के सीतामढ़ी जिले से ऐसा ही मामला सामने आया है। जहां नेपाल के लोग भारत आने के लिए नाव का उपयोग करते हैं। वहीं, भारत के लोगों को अगर नेपाल जाना पड़ता है तो उसी रास्ते में उन्हें भी नाव का सहारा ही लेना पड़ता है। सीतामढ़ी के मेजरगंज के बसबिट्टा के समीप नो मैन्स लैंड को लोग नाव से पार करते है। नोमेंस लैंड पर नदी का पानी भरा है। नेपाल के बलरा, सरलाही गांव के लोग नाव के साधन के जरिए ही भारतीय बाजार में आकर अपने जरूरत के सामान खरीदते हैं। फिर नाव के जरिए उनको वापस अपने मुल्क लौटना पड़ता है। लोगो को इस दौरान काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
बताया जा रहा है साल के तकरीबन तीन महीने खासकर बरसात के दौरान उनको नाव के जरिए ही एक मुल्क से दुसरे मुल्क जाना पड़ता है। पुरानी कहावत है कि भारत और नेपाल में बेटी और रोटी का संबंध हैं। भारत के बेटियों की शादी नेपाल में और नेपाल की बेटियों की शादी भारत में होती है। नेपाल जाने के लिए पासपोर्ट और वीजा की जरूरत नहीं पड़ती हैं। बरसात के दिनों में स्थानीय लोग नाव की व्यवस्था करते हैं। जिससे नेपाल के लोग भारत में जरूरी सामानों की खरीदारी करने आते हैं। भारतीय लोग नाव के सहारे अपने रिश्तेदारों से मिलने नेपाल जाते हैं। हालांकि उन्हें नाव पर सवारी करने के एवज में शुल्क भी देना पड़ता है। भारतीय सीमा में अपने रिश्तेदार के यहां आने पर नाव का इस्तेमाल करने पर ₹20 शुल्क देना पड़ता है। दोनों देश के नेता चुनाव के समय वादा तो करते हैं। लेकिन चुनाव के बाद उसे पूरा नहीं करते नेताओं के उदासीनता के कारण ही आज हमें भारतीय सीमा में आने को लेकर शुल्क देना पड़ता है हमारी शादी नेपाल में हुई है, हम अपने भाई के यहां रक्षाबंधन पर राखी बांधने आए हैं।