Lalu Yadav : छोटे भाई नीतीश कुमार पर बड़े भाई लालू यादव की नजर; भतीजे तेजस्वी यादव की तैयारी चौंका रही
Bihar News : बिहार में शुक्रवार-शनिवार की तरह रविवार सुबह भी 'अगर' पर टिका है। राष्ट्रीय जनता दल की बार-बार अपील के बावजूद सीएम नीतीश कुमार ने पत्ते नहीं खोले हैं। ऐसे में लालू यादव की तैयारी इंतजार में है, जबकि तेजस्वी यादव ने पत्ते दिखा दिए हैं।
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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 23 जनवरी को जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा की, तभी से महागठबंधन सरकार में उनके सहयोगी राष्ट्रीय जनता दल के अंदर बवंडर उठ गया था। राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्या ने सोशल मीडिया संदेश के जरिए सीएम नीतीश कुमार पर व्यक्तिगत टिप्पणी कर एक गुगली फेंकी तो यह बवंडर सामने भी आ गया। इसके बाद तो जैसे सबकुछ 'अगर' पर आकर टिक गया है। अगर नीतीश कुमार पाला बदलते हैं तो क्या होगा? अगर पाला नहीं बदलते हैं तो क्या होगा? और, अगर तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री बनाना हो तो क्या होगा? ऐसे ही 'अगर' के बीच जब आज कहा जा रहा है कि सीएम नीतीश कुमार राजभवन जाकर इस्तीफा देते हुए भारतीय जनता पार्टी के साथ सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे तो यह भी पक्का है कि राजद चुप बैठने वाला नहीं। 'अमर उजाला' ने 25 जनवरी को सबसे पहले बता दिया था कि लालू आपदा प्रबंधन नहीं, बल्कि गणित बैठा रहे हैं। यह गणित भी आज सामने आ सकता है, अगर नीतीश कुछ उलटफेर करते हैं तो। इसका संकेत उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने दे दिया है। रोहिणी आचार्या ने उस दिन संदेश हटाया भले था, आज तेजस्वी के संकेत के हिसाब का मैसेज फिर उसी जरिए दिया है।
तेजस्वी यादव... आप ही करेंगे!
उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को धन्यवाद करते हुए राष्ट्रीय जनता दल और महागठबंधन परिवार के नाम से एक विज्ञापन जारी किया गया है। इसमें 'धन्यवाद तेजस्वी' करते हुए बताया गया है कि चार लाख सरकारी नौकरी, जातिगत जनगणना, आरक्षण दायरा वृद्धि, नियोजित शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा, मेडल लाओ-नौकरी पाओ योजना, टूरिम्म-स्पोर्ट्स-आईटी पॉलिसी, स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार समेत एक दर्जन बड़े काम उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के कारण ही महागठबंधन सरकार में हुए हैं। बात इतनी ही नहीं, 'आपने कहा, आपने किया' का दावा करते हुए उससे भी ज्यादा ताकत से यह गारंटी दी जा रही है कि 'आप ही करेंगे'। तेजस्वी यादव को उभारने वाला इस तरह का विज्ञापन पहली बार आया है। मतलब, राजद के 'तय तेजस्वी' के नारे के हिसाब से कुछ खेला लालू प्रसाद यादव करेंगे।
लालू आपदा प्रबंधन नहीं कर रहे, गणित तैयार हो रहा नया
अनंत सिंह और जीतन राम मांझी की भूमिका क्या
अगर नीतीश कुमार ने महागठबंधन सरकार का दाम छोड़ भाजपा का रुख किया तो राजद भी खुलकर मैदान में उतर सकता है। इसके लिए उसे मौजूदा महागठबंधन के 114 विधायकों के अलावा आठ की जरूरत है। इसमें असद्दुदीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम के इकलौते विधायक मिलाकर इनकी संख्या 115 होती है। इसके बाद इकलौते निर्दलीय सुमित सिंह भी निशाने पर हैं, जो मौजूदा नीतीश सरकार में मंत्री हैं। जीतन राम मांझी के चारों विधायक राजद अपने साथ मान रहा है। मांझी खुद को बता रहे राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के साथ, लेकिन राजद उन्हें अपने साथ गिन रहा। इस हिसाब से उसकी संख्या 120 हो रही है। अब कहा जा रहा है कि जदयू के चार से पांच विधायकों का इस्तीफा कराने की कमान जेल में बंद 'छोटे सरकार' अनंत सिंह पर है। राजद के पूर्व विधायक अनंत सिंह भूमिहार जाति से हैं और कहा जा रहा है कि उन्होंने अगड़ी जाति के चार-पांच विधायकों को तोड़ने की तैयारी कर रखी है। ऐसे में, जदयू अपनी तैयारी देखे क्योंकि उसने आज अपने विधायकों को बुला लिया है। भाजपा पहले ही बुला चुकी है। राजद ने शनिवार को ही बुला लिया था।