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Bihar : नक्शा बगैर बिल्डिंग गैरकानूनी और सिर्फ इन 1342 लाइसेंसधारी का बनाया नक्शा ही होगा मान्य

Sun, 18 Jun 2023 05:25 PM IST
कृष्ण बल्लभ नारायण न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना Published by: कृष्ण बल्लभ नारायण Updated Sun, 18 Jun 2023 05:25 PM IST
सार

Bihar News : बिल्डिंग के लिए किसी मुखिया, पंचायत सदस्य, सरकारी कर्मचारी या किसी अन्य व्यक्तियों से नक्शा बनवाते हैं तो वह अवैध होगा। इस तरह के नक्शों के आधार पर बनी बिल्डिंग भी गैरकानूनी होगी। नक्शा बनाने का लाइसेंस किसके पास है, जान लें।

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Bihar News: The map of the house made by the registered engineer and surveyor is valid, building construction
भवन निर्माण - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बिहार में अगर आप घर-मकान या किसी भी तरह की बिल्डिंग बनाने के लिए मुखिया, पंचायत सदस्य, किसी सामान्य सरकारी कर्मचारी से नक्शा बनवाते हैं तो वह अवैध होगा। जाहिर है इस तरह के नक्शों के आधार पर बनी बिल्डिंग भी गैरकानूनी होगी, जिसे ध्वस्त किया जा सकता है। क्योंकि नगर विकास एवं आवास विभाग की ओर से बिहार में मात्र 1341 सिविल इंजीनियर, आर्किटेक्ट, सर्वेयर, टाउन प्लानर, स्ट्रक्चर इंजीनियर, सर्वेयर और बिल्डर का रजिस्ट्रेशन किया गया है। नक्शा बनाने की जिम्मेदारी अब इन्हीं की होगी।

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नक्शा बनाने की तकनीकी जानकारी इनके पास
नगर विकास एवं आवास विभाग की ओर से 13 से 31 मार्च तक आवेदन मांगा गया था, जिसमें 4000 ग्रुप एजेंसी, सिविल इंजीनियर, आर्किटेक्ट, सर्वेयर, टाउन प्लानर, स्ट्रक्चर इंजीनियर, सर्वेयर और बिल्डरों ने आवेदन किया था। इनमें से विभागीय समिति ने 2140 आवेदनों की अनुशंसा की, जिसमें 1341 का चयन हुआ है। इस संबंध में आर्किटेक्ट हर्षित राज प्रभाकर का कहना है कि नक्शा बनाने की तकनीकी जानकारी सभी को नहीं होती है, इसलिए सरकार ने यह जांचते हुए 1341 को इसकी अनुमति दी है।
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तकनीकी कर्मियों के बनाए निजी नक्शे अवैध
बिहार में करीब एक साल से नक्शा पास कराने में परेशानी हो रही थी। पोर्टल से नक्शा पास करने की ऑनलाइन व्यवस्था बेकार साबित होने के बाद मैनुअल प्रावधान दोबारा लाया गया। लेकिन, इसमें भी फिर वही बात होने लगी कि ज्यादातर लोग विशेषज्ञों से नक्शा बनवाने की जगह कुछ भी ड्राफ्टिंग कराकर आवेदन करने लगे। यहां तक कि बिल्डिंग बायलॉज का भी ध्यान नहीं रखा जा रहा था।
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सरकारी व्यवस्था भी संविदा कर्मचारी भरोसे चल रही
बिहार के निकायों में नक्शा बनाने वालों की संख्या काफी कम है। नगर निगम के साथ ही अधिकतर निकायों में संविदा पर कर्मचारी नक्शा बनाते हैं। यही संविदाकर्मी निकायों के साथ अन्य सरकारी विभागों के भवनों के नक्शे को डिजाइन भी कर रहे थे। अब नई व्यवस्था लागू होने से सिर्फ एक्सपर्ट के रूप में चिह्नित सिविल इंजीनियर, आर्किटेक्ट, सर्वेयर, टाउन प्लानर, स्ट्रक्चर इंजीनियर, सर्वेयर और बिल्डर ही नक्शा बना सकेंगे।

बिहार के करीब आधे घर बिना नक्शा पास कराए
सरकारी रिकॉर्ड भी बताते हैं कि बिहार में बने करीब आधे घरों का नक्शा पास नहीं है। सिर्फ जिला मुख्यालय के आवासीय भवनों में भी मुख्य शहरी क्षेत्र के लोग नक्शा पास कर घर बनाते हैं। अपार्टमेंट में भी उलटफेर कर नक्शा पास कराने का खेल चलता रहा है, जिसके कारण कई बिल्डिंगों को समय-समय पर जमींदोज़ होना पड़ा या कुछ हिस्सों को हटाना पड़ा। 


नक्शा बनाने वाले देंगे COA का रजिस्ट्रेशन नंबर
जिन्हें नक्शा बनाने के लिए पंजीकृत किया गया है, वह नई दिल्ली स्थित वास्तु कला परिषद से मान्यता प्राप्त और निबंधित हैं। ऐसा सिविल इंजीनियर, आर्किटेक्ट सर्वेयर टाउन प्लानर स्ट्रक्चर इंजीनियर और बिल्डर द्वारा यदि कोई नक्शा बनाता है तो उस पर सीओए नई दिल्ली का रजिस्ट्रेशन नंबर अंकित करना अनिवार्य है। बिल्डर नक्शा बनाने के लिए इंजीनियर आर्किटेक्ट विशेषज्ञों की मदद ले सकते हैं।

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