Interview : बहन रोहिणी आचार्य, भाई तेज प्रताप चुनाव लड़ेंगे? तेजस्वी यादव ने घर-बाहर... हर सवाल का दिया जवाब
Tejashwi Yadav : महागठबंधन के सबसे ताकतवर दल- राजद के सीएम चेहरे और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने चुनावी साल में किसी मीडिया को पहले एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में घर से बाहर तक... हर सवाल का सीधा जवाब दिया।
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बिहार में खेला का इंतजार करीब एक साल से चल रहा था, लेकिन विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने पिछले दिनों खुलकर कहा कि अब तो सिर्फ चुनाव होगा। चुनावी साल भी आ गया है। अक्टूबर से नवंबर के बीच चुनाव कर नई सरकार का गठन हो जाएगा। राजनीतिक मौसम भी चुनावी हो रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और महागठबंधन के सीएम चेहरे तेजस्वी यादव अपनी-अपनी यात्राओं पर हैं। दलों में आने-जाने का सिलसिला भी खरमास खत्म होते ही शुरू हो गया है। चुनाव में कौन उतरेगा, कौन नहीं- इसपर भी बहस चल रही है। ऐसे में, विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने किसी मीडिया को चुनावी साल में पहला इंटरव्यू दिया है। 'अमर उजाला' से बातचीत में तेजस्वी ने क्या कहा, पढ़िए यहां...
बिहार में चुनाव अब समय पर ही होगा? खेला की संभावना खत्म हो गई है न?
अब इसका (खेला का) तो कोई मतलब नहीं रहा। अब चुनाव होगा। चुनाव में जनता जिसे चुनेगी, जो जनता का फैसला होगा... वह सिर आंखों पर होगा। अब इस पर कोई चर्चा ही नहीं, कोई मतलब ही नहीं रहा।
चुनाव में एनडीए की ओर से चेहरा कौन हो सकता है? क्या नीतीश कुमार ही?
यह तो एनडीए के लोग ही बता सकेंगे कि चुनाव में उनका चेहरा कौन होगा।
महागठबंधन की ओर से चेहरा आप ही होंगे?
यह बाद में हम लोग तय करेंगे। लेकिन, पिछली बार तो हम ही लोग थे।
चिराग पासवान कितने बड़े फैक्टर हैं या होंगे?
इस पर हम कोई टीका-टिप्पणी नहीं करना चाहते हैं। केंद्र में मंत्री हैं। बिहार से हैं, लेकिन अभी तक बिहार के लिए कुछ किया ही नहीं है। क्या फैक्टर रखते हैं, इसका तो जनता निर्णय लेती है। लेकिन, हमें नहीं लगता है कि कुछ ज्यादा महत्वपूर्ण है। चिराग पासवान हनुमान हैं भाई, उनके बारे में हम क्या कहें।
पशुपति पारस आपके साथ आ रहे हैं?
अभी कोई ऐसी चर्चा नहीं है। कल भोज पर निमंत्रण दिया था। हम लोगों का पुराना पारिवारिक रिश्ता रहा है। इस नाते लालू जी वहां गए, लेकिन पॉलिटिकल कोई ऐसी चर्चा नहीं हुई है।
बिहार विधानसभा चुनाव में मौजूदा महागठबंधन ही रहा तो कितनी सीटें जीतेंगे आप?
इस बार हमलोग अच्छे से बहुमत हासिल करेंगे। इस बार महागठबंधन की सरकार बनाएंगे। पिछली बार भी हमलोग सरकार बना ही लिए थे, लेकिन बेईमानी हुई। 10-12 सीटों पर बेईमानी हुई। 10-20 और 50 वोटों से हमें हराया गया। इस बार जनता त्रस्त हो चुकी है। परेशान हो चुकी है। लाठी-डंडे वाली यह सरकार चलने वाली नहीं है।
इस बार इतना विश्वास आपके ऊपर जनता कैसे करेगी?
हम लोगों ने 17 महीने में काम किया है। पांच लाख नौकरियां दी हैं। तीन लाख प्रक्रियाधीन कराया है। साढ़े चार लाख नियोजित शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा दिया है। हम लोगों ने आईटी पॉलिसी बनाई। टूरिज्म और स्पोर्ट्स पॉलिसी बनाई। इस पॉलिसी के तहत 'मेडल लाओ, नौकरी पाओ' लाया। खिलाड़ियों को नौकरी दिया है। डीएसपी तक बनाया है। विकास का कार्य हम लोगों ने किया है। जातीय आधारित गणना कराया है। आरक्षण की सीमा हम लोगों ने बढ़ाई है। हम लोगों ने जो कहा, वह किया। जनता पूरा मौका देगी।
एनडीए या नीतीश कुमार के साथ जनता क्यों नहीं जाएगी ?
एनडीए का 20 साल से बिहार में राज है। 11 साल से केंद्र में राज है। डबल इंजन की सरकार है। अब तक बिहार को विशेष राज्य का दर्जा नहीं मिला। केवल जुमला! नीति आयोग की रिपोर्ट में गरीबी, बेरोजगारी और पलायन में बिहार अव्वल राज्य है। बिहार में अपराधियों का बोलबाला है। अफसरशाही चरम सीमा पर है। ब्लॉक और थाना में घूसखोरी बढ़ चुकी है। भ्रष्टाचार के मामलों में गंगोत्री हो चुकी है बिहार।
तेज प्रताप यादव और रोहिणी आचार्य को विधानसभा चुनाव लड़ना है?
देखिए, ऐसी कोई चर्चा नहीं है। पता नहीं, आप लोग इस पर क्यों चर्चा करते हैं। पार्टी जो निर्णय लेगी, वही होगा।
भाजपा कह रही है कि राहुल गांधी माओवादियों की भाषा बोल रहे हैं।
बीजेपी बड़का झूठा पार्टी है। नफरत और घृणा फैलाना है। पूरे देश में और समाज को वह तोड़ना चाहते हैं। संविधान विरोधी हैं और आरक्षण विरोधी हैं। इन लोगों का देश के आजादी में कोई भूमिका नहीं रही है। इसलिए यह दुष्प्रचार कर रहे हैं।
(इंटरव्यू- रंजन सिन्हा, गया)