Begusarai Lok Sabha: बेगूसराय में सत्ता का संग्राम; चाय पर चर्चा में जातिवाद, बेरोजगारी समेत इन मुद्दों पर बात
Lok Sabha Election: अमर उजाला का चुनावी रथ ‘सत्ता का संग्राम’ आज बिहार के बेगूसराय पहुंच चुका है। सुबह चाय पर चर्चा में आम मतदाताओं अपनी बात रखी। इसके बाद दोपहर में युवाओं के मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। वहीं, शाम को राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से सवाल-जवाब किए जाएंगे।
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एक वक्त था जब वामपंथियों का गढ़ कहे जाने वाले बेगूसराय को मिनी मॉस्को कहा जाता था। 2004 में लोकसभा क्षेत्र के रूप में बेगूसराय अस्तित्व में आया। पहली बार जनता दल यू की टिकट पर डॉ. मोनाजिर हसन सांसद बने। इसके बाद 2014 में भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर डॉ. भोला सिंह सांसद बने। उनके जाने के बाद 2019 में गिरिराज सिंह को टिकट मिला। उनके सामने थे भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के प्रत्याशी कन्हैया कुमार। चुनाव परिणाम आया तो गिरिराज सिंह जीत गए। इस बार भी चुनावी मैदान में भाजपा से केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह है। उनका मुकाबला भाकपा प्रत्याशी अवधेश राय से है। बेगूसराय भूमिहार बहुल सीट है। गिरिराज सिंह भूमिहार और अवधेश राय यादव जाति से आते हैं।
वोटरों से उनके मन की बात पूछी जा रही
इस समय 'अमर उजाला' का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' भी बिहार में है और अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत बेगूसराय में लोगों से बातचीत करने के लिए पहुंच चुका है। शहर के हड़ताली चौक के पास चाय पर चर्चा के बहाने वोटरों से उनके मन की बात पूछी गई। चाय की चुस्की के साथ बेगूसराय लोकसभा सीट के मतदाताओं ने विकास, रोजगार पर बात की।
किसान सम्मान निधि योजना से काफी लाभ मिला
बेगूसराय के गौरीशंकर प्रसाद सिंह ने कहा कि पिछले 10 साल में काफी सुधार हुआ है। विकास हुआ है। मोदी सरकार अगर आगे रह गई तो विकसित भारत बनाने में काफी कम समय लगेगा। मैं किसान परिवार से आता हूं। किसान सम्मान निधि योजना से काफी लाभ मिला। बेगूसराय और बिहार का किसानों की आमदनी बढ़ी। वहीं एक युवक ने कहा कि बेगूसराय में विकास नहीं हुआ है। खिलाड़ियों के लिए स्टेडियम नहीं बना है। किसानों का हाल गांव में जाकर देखिए पता चल जाएगा।
बेगूसराय में रोजगार बड़ी समस्या है
मतदाता ने कहा कि बेगूसराय में रोजगार बड़ी समस्या है। यहां जाति के नाम पर वोट दिए जाते हैं। विकास के नाम पर वोट नहीं दिया जाता है। जाति चरम पर है। वहीं जय प्रकाश पासवान ने कहा कि मैं बेरोजगार हूं। सांसद कोई भी बने लेकिन बेरोजगारी दूर होनी चाहिए। आम लोग पलायन करने पर मजबूर हैं। बाहर में मारपीट पर भगा दिया जाता है। यहां अगर रोजगार मिले तो हमलोग बाहर क्यों जाएंगे। नेता अपने घरों को भरने में लगे हैं। जीतने के बाद पूछने तक नहीं आते हैं। वहीं संजीव कुमार ने कहा कि बेगूसराय की जनता विकास के नाम पर वोट करेगी। मेरे दोस्त ने कहा कि वह बेरोजगार है। इसका बोलना सही है। बगल में यूपी है। वहां जिस तरह से विकास हुआ। उसकी तुलना में देखें तो बिहार विकास से काफी दूर है।