Bihar News: लाठी-डंडे वाले हाथों में गुलाब का फूल देख वाहन चालकों ने मानी अपनी गलती, पढ़िए पूरी खबर
सड़क सुरक्षा माह के तहत सारण पुलिस के द्वारा एक अनूठी पहल की गई है। जहां यातायात नियम तोड़ने वालों को चालान काटने की बजाय गुलाब का फूल देकर जागरूक किया जा रहा है।
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जिसके हाथों में लाठी और डंडे के अलावा अपराधियों को मारने के लिए हथियार रहता है अगर वह सत्याग्रह की राह पर चलते हुए गांधी गिरी दिखाते नजर आए तो कहीं न कहीं हम सभी की ज़िंदगी के लिए सार्थक साबित हो सकता है। कुछ इसी तरह का नज़ारा प्रमंडलीय मुख्यालय सारण के छपरा शहर स्थित थाना चौक के समीप देखने को मिला है। जहां सारण के पुलिस अधीक्षक डॉ कुमार आशीष और यातायात प्रभारी सह पुलिस उपाधीक्षक बसंती टुड्डू के द्वारा संयुक्त रूप से बगैर हेलमेट लगाने वाले मोटर साइकिल चालक को गुलाब का फूल देकर सम्मानित किया गया है। साथ ही दुपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने के लिए अपील करते हुए आवश्यक दिशा निर्देश दिया गया है। जिसका नेतृत्व सारण के पुलिस अधीक्षक डॉ कुमार आशीष और यातायात विभाग के पुलिस उपाधीक्षक बसंती टुडू के द्वारा किया गया। अतिव्यस्तम चौक के रूप में प्रसिद्ध शहर के थाना चौक पर चलाए गए इस विशेष अभियान के दौरान बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी मौजूद थे। जबकि बगैर हेलमेट पहने मोटर साइकिल चालकों और बगैर सीट बेल्ट वाले चार पहिया वाहन चालक और चालक के बगल में बैठने वाले को रोककर उन्हें यातायात नियमों का पालन करने का संदेश दिया है।
सड़क दुर्घटनाओं में 1, 78, 000 लोगों की जान जाती है
सारण के पुलिस अधीक्षक डॉ कुमार आशीष ने बताया कि सारण पुलिस के द्वारा इस तरह की अनूठी पहल से प्रभावित होकर नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों ने माफी मांगी और भविष्य में नियमों का पालन करने का वादा किया गया है। सबसे दिलचस्प बात यह है कि प्रत्येक वर्ष सड़क दुर्घटनाओं में 1, 78, 000 लोगों की जान जाती है, जिनमें से 60 प्रतिशत पीड़ित 18- 34 आयु वर्ग के होते हैं। वहीं विश्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार भारत में सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों की संख्या दुनिया में सबसे अधिक है। क्योंकि पूरे विश्व में होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में 11 प्रतिशत भारत में होती हैं। गुलाब का फूल देते समय सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं को लेकर उचित सलाह भी दिया गया है। सड़क सुरक्षा माह के तहत सारण पुलिस के द्वारा एक अनूठी पहल की गई है। जहां यातायात नियम तोड़ने वालों को चालान काटने की बजाय गुलाब का फूल देकर जागरूक किया जा रहा है। सड़क सुरक्षा नियमों के सख्त अनुपालन, हेलमेट और सीटबेल्ट को अनिवार्य रूप से उपयोग करने, गति सीमा का पालन और यातायात नियमों के प्रति जनता को जागरूक करने को लेकर अपील किया गया है। क्योंकि सड़क दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों में ओवरस्पीडिंग, सुरक्षा उपकरणों का उपयोग नहीं करना, गलत दिशा में वाहन चलाना और वाहन चलाते समय मोबाइल का उपयोग नहीं करने को लेकर जानकारी दी गई।
जनवरी महीने को सड़क सुरक्षा माह के रूप में मनाया जा रहा
यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने का जिम्मा संभालने वाली महिला पुलिस उपाधीक्षक बसंती टुडू ने बताया कि जनवरी महीने को सड़क सुरक्षा माह के रूप में मनाया जा रहा है। जिस दौरान शहरवासियों सहित जिले के सभी दोपहिया और चार पहिया वाहन चालकों सहित जिलेवासियों को यातायात नियमों का अक्षरशः पालन करने के लिए संबंधित जानकारी देते हुए सुरक्षित वाहन चलाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। सबसे ज्यादा चिंताजनक बात यह है कि सारण जिले में प्रत्येक वर्ष लगभग पांच सौ लोग सड़क दुर्घटनाओं में अपनी जान गंवा देते हैं। हालांकि इनमें अधिकांश 18 से 35 वर्ष के युवा होते हैं। तेज और लापरवाह होकर वाहन चलाना तथा हेलमेट का उपयोग नहीं करना इन दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण है। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस द्वारा सत्याग्रह और गांधीगिरी चलाकर इस अनूठे तरीके से लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया है। इस दौरान सारण के पुलिस अधीक्षक डॉ कुमार आशीष, यातायात के पुलिस उपाधीक्षक बसंती टुडडू, नगर थानाध्यक्ष संजीव कुमार सहित दर्जनों की संख्या में स्थानीय थाने की पुलिस के अलावा यातायात विभाग के दारोगा और सिपाही मौजूद रहे।