Bihar : पटना जंक्शन से शेयरिंग ऑटो लेते समय खतरा ऐसा! थाने के पीछे कर रहे कांड
बिहार पुलिस का इकबाल इतना ही बुलंद है कि अपराधी ऑटो लेकर घूम रहे हैं! कथित तौर पर पुलिस वेरीफिकेशन कर ही ऑटो-टेम्पो किसी रूट पर निकलते हैं। लेकिन, सच यही है कि पुलिस का इकबाल पटना शहर में भी धूल फांक रहा है। यह खबर एक चेतावनी है।
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विस्तार
पहली घटना आज की -चालक समेत चार थे, झांसे से लूट
घटना सुबह 5: 43 की है, जब रंजना सिंह और उनके पति मणि प्रसाद सिंह धनबाद से पटना आईं। जंक्शन से बाहर निकलते ही वह कुर्जी जाने के लिए टेम्पू खोजने लगीं, तभी पुल के नीचे (जहां फूल की दुकान लगती है), एक शख्स आया और उसने आगे जीपीओ गोलम्बर की ओर बस मिलने की बात कहकर उन्हें आगे बढ़ा दिया। कुछ दूर आगे बढ़ने के बाद पीछे से एक हरे रंग का एक छोटा टेम्पू आया और कुर्जी-कुर्जी कहने लगा। रंजना सिंह और मणि प्रसाद के पास तीन बैग था, जिसे टेम्पू में रखकर उसमें दोनों सवार हो गए।
पहले से चार लोग बैठे थे टेम्पू में
ग्राहक को लूटना कैसे है?, इस खेल को समझिये। टेम्पू में पहले से तीन लोग सवार थे। एक चालक के बगल में बैठा था तो दूसरा और तीसरा पीछे वाली सीट पर। मणि प्रसाद को बायीं तरफ से किनारे में बैठाया और रंजना सिंह को भी पीछे बायीं तरफ बैठाया। जैसे ही टेम्पू आर ब्लॉक से आगे बढ़कर अटल पथ की ओर बढ़ा, टेम्पू चालक ने टेम्पू को रोक दिया और मणि प्रसाद सिंह को टेम्पू पर से यह कहकर उतार दिया कि आगे चढ़ान है इस वजह से थोड़ी परेशानी होगी। इस क्रम में आगे बैठे शख्स ने उनका सामान टेम्पू से बाहर फेंक दिया और फिर टेम्पू आगे बढ़ गया।
अब बारी चेन छिनने की
टेम्पू के आगे बढ़ते ही रंजना सिंह ने इस हरकत पर आपत्ति जताई तो पीछे शख्स ने उनका चेन पीछे से खींच लिया। तब तक टेम्पू उस जगह से करीब 200 मीटर आगे बढ़ चुकी थी। चेन छिनतई के बाद टेम्पू फिर रुका और रंजना सिंह को जबरन धक्का देते हुए टेम्पू से नीचे गिराते हुए बहुत तेजी से अटल पथ की ओर फरार हो गया।
दूसरी घटना चालक समेत चार थे, पॉकेट किया खाली
दिन शनिवार और समय लगभग 5: 30 जब शशिकांत चौधरी अपने बहनोई पंकज चौधरी के साथ भागलपुर कहलगांव से एम्स में इलाज कराने आये पटना थे। जंक्शन के आगे जहां फूटपाथ पर फूल की दुकान लगती है, एक ऑटो आया और पूछा कहां जाना है। इन्होंने कहा एम्स जाना है, जिस पर टेम्पू चालक चलने को तैयार हो गया।
जिसके साथ घटना करनी है उन्हें बैठाते हैं पीछे –
पंकज चौधरी के पास करीब दस हजार रूपये थे जो उनका अगला पॉकेट इस बात का इशारा कर रहा था। इसलिए उन्हें दो आदमी के साथ पीछे बैठाया। और उनके साले शशिकांत को अपने पास आगे किनारे से बैठा लिया। टेम्पू के कुछ दूर आगे बढ़ते ही एक शख्स फिर आया जिसे चालक ने अपने दायीं तरफ बैठाया। पहले से जो शख्स चालक के बगल में बैठा था उसे उतारकर पंकज के बगल में बैठा दिया और उस शख्स ने पंकज कुमार को जबरन खिसकाकर साइड में बैठ गया।
अब बैठने की स्थिति को समझिए
पंकज के बाएं एक और दाएं दो शख्स बैठा था। कुछ दूर आगे बढ़ने पर सचिवालय थाना के बाद गोलम्बर के पास शशिकान्त को चालक ने यह कहकर उतार दिया कि आगे पुलिस चेकिंग हैं और ओवरलोडिंग गाडी देखकर पुलिस पिटाई करेगी। और फिर कुछ दूर आगे जाकर उसने पंकज चौधरी को भी जबरन उतरकर वहां से वह एम्स की ओर फरार हो गया। टेम्पू से उतरने के बाद पंकज चौधरी ने देखा कि वह अपने जिस पॉकेट में इलाज कराने के लिए दस हजार रूपये रखे थे, वह पॉकेट कट चूका है। फिर उन्होंने सचिवालय थाना में मामला दर्ज करवाया।
बचना है तो...
1. इस संबंध में पटना यातायात एसपी पूरण झा का कहना है कि जब आप यात्रा करें चाहे दिन हो या रात तो जिस टेम्पू या जिस वाहन में आप बैठें उस गाड़ी की तस्वीर इस तरह से जरुर खिंच लें जिससे उसमें उसका नम्बर और रजिस्ट्रेशन नम्बर आ जाय।
2. आप तुरंत 112 को कॉल करें और घटना की जानकारी उन्हें दें।
3. नजदीकी थाना को घटना की सूचना तुरंत दें।
4. अगर हो सके तो बैठने के बाद किसी भी तरह आसपास बैठे लोगों और ख़ास कर चालक का फोटो खींचने की कोशिश जरुर करें।