Bhumi Bihar : नए भू-राजस्व मंत्री ने सदन में बताया- कब तक रैयत भर सकेंगे प्रपत्र, कब पूरा होगा सर्वे का काम
मंत्री संजय सरावगी ने कहा कि बिचौलिए और भ्रष्ट अधिकारियों पर उनकी नजर है, और पकड़े जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। सरकार द्वारा "अभियान बसेरा" कार्यक्रम के तहत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़ा वर्ग के योग्य परिवारों को पांच डिसमिल वासभूमि उपलब्ध कराई जा रही है।
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बिहार विधान परिषद में सोमवार को भूमि सुधार एवं राजस्व विभाग के मंत्री संजय सरावगी ने एनडीए सरकार की विकास योजनाओं और उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास" की अवधारणा पर काम कर रही है, जो न्याय और सुषासन का प्रतीक है।
मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी के कुशल नेतृत्व में विभाग का लक्ष्य है कि योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाया जाए, जिससे समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्तियों के जीवन स्तर में सुधार हो सके। उन्होंने कहा, "हमारी सरकार गरीब, महिला, युवा और किसान के हित में काम कर रही है, ताकि उनके चेहरे पर मुस्कान और जीवन में खुशहाली आए।" संजय सरावगी ने अधिकार अभिलेख के अद्यतीकरण को प्राथमिकता देते हुए कहा कि भू-अभिलेखों का डिजिटलीकरण, राजस्व मानचित्रों का डिजिटलीकरण, और आधुनिक अभिलेखागार की स्थापना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इससे भू-विवादों में कमी लाने का प्रयास किया जा रहा है।
भू-सर्वेक्षण का कार्य इस समय तक पूरा करने का लक्ष्य
उन्होंने बताया कि राज्य में विशेष भू-सर्वेक्षण का कार्य तेजी से चल रहा है, जिसमें 13,920 पदों का सृजन किया गया है और 13,058 कर्मियों की नियुक्ति की गई है। इस कार्यक्रम के तहत 3,278 राजस्व ग्रामों में प्रारूप अधिकार अभिलेख और 960 ग्रामों में अंतिम अधिकार अभिलेख का प्रकाशन किया गया है। भू-सर्वेक्षण का कार्य दिसंबर 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य है।
बिचौलिए और भ्रष्ट अधिकारियों पर उनकी नजर है
मंत्री ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि बिचौलिए और भ्रष्ट अधिकारियों पर उनकी नजर है, और पकड़े जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। सरकार द्वारा "अभियान बसेरा" कार्यक्रम के तहत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़ा वर्ग के योग्य परिवारों को पांच डिसमिल वासभूमि उपलब्ध कराई जा रही है। अब तक 1,36,359 परिवारों को लाभान्वित किया गया है। इसके अलावा, "मुख्यमंत्री गृहस्थल क्रय सहायता योजना, 2024" के तहत रैयती भूमि खरीदने के लिए एक लाख रुपये की सहायता राशि देने का निर्णय लिया गया है।
तकनीकी प्रशिक्षण की समस्याओं का सामना किया जा रहा
मंत्री ने यह भी बताया कि विभाग में कर्मचारियों की कमी, आधारभूत संरचना और तकनीकी प्रशिक्षण की समस्याओं का सामना किया जा रहा है, लेकिन सरकार इसे दूर करने के लिए प्रयासरत है। राजस्व सेवा अंतर्गत विभिन्न पदों पर नियुक्तियों की प्रक्रिया भी जारी है। मंत्री ने आश्वस्त किया कि विभागीय योजनाओं को जनता तक पहुंचाने के लिए प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। मंत्री संजय सरावगी ने सदन से अनुरोध किया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग को 19,55,98,70,000 रुपये की अतिरिक्त राशि प्रदान की जाए, ताकि जन कल्याण की योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके।
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