फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Bihar ›   Bihar News : Rescued kidnapped son by paying ransom, After 19 years kidnappers punished in aurangabad

Bihar : फिरौती देकर अपहृत बेटे को छुड़ाया, फिर FIR कर 19 साल बाद अपहर्ता को उम्रकैद तक पहुंचाया

Wed, 07 Jun 2023 06:23 PM IST
कृष्ण बल्लभ नारायण न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, औरंगाबाद,
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, औरंगाबाद, Published by: कृष्ण बल्लभ नारायण Updated Wed, 07 Jun 2023 06:23 PM IST
सार

Bihar News : जब बेटे की जान पर बन आई तो 2004 में साढ़े चार लाख फिरौती देकर उसे अपहर्ताओं से छुड़ाया। छूटने के बाद थाने में केस किया। आरोपी गिरफ्तार हुए। 11 साल केस चला। अब उम्रकैद की सजा मिली। जंग इसे कहते हैं।

विज्ञापन
Bihar News : Rescued kidnapped son by paying ransom, After 19 years kidnappers punished in aurangabad
पुलिस के गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

औरंगाबाद में बेटे को छुडाने के लिए फिरौती का पैसा देने के बाद भी एक पिता को 11 साल तक न्यायालय में दौड़ लगाता रहा। अब न्यायालय ने अपहरण के आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई हैं। मामला माली थाना क्षेत्र के अंकोरहा का है। परिजनों का कहना है कि वर्ष 2004 में अंकोरहा निवासी भीखर साहु के बेटे संतोष का बदमाशों ने अपहरण कर लिया था । संतोष को रिहा करने के एवज में 10 लाख रुपये की मांग की गई थी। भिखर साहू बेटे की जान बचाने के लिए 4.5 लाख देने को तैयार हो गए । फिरौती की रकम देने के लिए भीखर साहू ने महाजन से कर्ज लिया और रकम देने के बाद  अपहर्ताओं ने उनके बेटे को मुक्त कर दिया। बेटे की रिहाई के बाद पिता ने मामले की प्राथमिकी माली थाना में 12 मई 2004 को दर्ज कराई।
विज्ञापन


फिल्म देखने के बहाने किया था अपहरण 
प्राथमिकी में कहा गया कि अभियुक्तों ने गांव के कुछ बच्चों को लालच देकर मेरे पुत्र संतोष कुमार को डिहरी सिनेमा देखने के बहाने 07 अप्रैल 2004 को ले गए थे। कहा था कि शाम को लौट आएंगा। लेकिन 08 अप्रैल को भी वह घर नहीं लौटा। तब परिजनों ने उसकी खोजबीन शुरू कर दी। खोजबीन के दौरान गांव के कुछ लोगों ने बताया कि कुछ दिन में लौट आएगा। एक सप्ताह बाद फोन पर अभियुक्तों ने खबर दी कि आपके पुत्र का अपहरण हो गया है। दस लाख रुपए सासाराम स्टेशन पर मेरे लोगों को पहुंचा दे, तब इसें छोड़ेंगे। सूचक ने असमर्थता जताते हुए काफी मान-मनौव्वल किया तब जाकर बात 4.5 लाख में तय हुई। फिरौती की रकम देने के बाद अभियुक्तों ने सूचक के पुत्र को रिहा किया।
विज्ञापन


एक को उम्र कैद तो दूसरे को रिहाई  
इसी मामले में 19 साल बाद औरंगाबाद व्यवहार न्यायालय के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-7 सुनील कुमार सिंह की अदालत ने बुधवार को सुनवाई करते हुए दो अभियुक्तों में से एक रोहतास के जमुहार निवासी कपिल गिरि को भादंवि धारा 364 ए में दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। वहीँ दूसरे अभियुक्त सासाराम के दुर्गापुर निवासी अवधेश पासवान को भादंवि धारा 364 ए में रिहा कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


5 जून को दिया था दोषी करार 
एपीपी सूर्यमल शर्मा ने बताया कि 19 साल पुराने माली थाना कांड संख्या 36/04 में कोर्ट ने एकमात्र अभियुक्त रोहतास जिले के जमुहार निवासी कपिल गिरि को 05 जून को दोषी करार देते हुए जेल भेज दिया था। वही न्यायालय ने आज सज़ा के बिंदु पर सुनवाई करते हुए कपिल गिरि को भादंवि धारा 364 मे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 20 हजार का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना नही देने पर कोर्ट ने एक वर्ष के अतिरिक्त कारावास का प्रावधान किया है।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed