Karpuri Thakur : 100वीं जयंती पर पक्ष-विपक्ष दोनों भिड़ रहे, अब भाजपा ने मार ली बाजी, रातभर में बदलेंगे पोस्टर
Bihar News : जननायक कर्पूरी ठाकुर के निधन के बाद, यानी करीब 35 साल से उन्हें भारत रत्न देने की मांग उठ रही थी। बुधवार को उनकी 100वीं जयंती पर पटना में भाजपा, राजद, जदयू ने बड़ा कार्यक्रम रखा है। लेकिन, आज भारत रत्न की घोषणा से भाजपा ने बाजी मार ली।
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कर्पूरी ठाकुर अपने जमाने में मिसाल बनकर उभरे थे, तभी उन्हें जननायक कहा गया। स्वीकार किया गया। 1988 में उनके निधन के बाद पिछड़ी जातियों से कई नेता उभरे, लेकिन उन जैसा कोई नहीं था और न अब भी वैसा मुकाम किसी को हासिल है। जाहिर है, पिछड़ों की राजनीति करने वाले सभी दल उन्हें अपना बताने में कभी पीछे नहीं हुए। यही कारण है कि उनकी जन्मशती पर सत्तारूढ़ जनता दल यूनाईटेड करीब एक महीना पहले ही बड़ा कार्यक्रम कर क्रेडिट लेना चाहता था। लेकिन, जदयू की अंदरूनी खटपट के बीच ठंड के नाम पर दिसंबर में वह कार्यक्रम रद्द हो गया। 24 जनवरी को उनकी 100वीं जयंती पर अब भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय जनता दल के साथ जदयू का भी बड़ा कार्यक्रम है। लेकिन, ठीक एक दिन पहले उन्हें भारत रत्न देने की घोषणा कर भाजपा ने एक तरह से बाजी मार ली। खबर मिलते ही कल के कार्यक्रम का पोस्टर बदलने की तैयारी हो गई है।
जानिए क्या कह रही है भारतीय जनता पार्टी
जननायक कर्पूरी ठाकुर की 100वीं जयंती पर भारत रत्न दिए जाने पर भाजपा नेता शैलेश महाजन का कहना है कि भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने असली हकदार को उनका हक दिया है। अब बुधवार को पटना में हो रहे कार्यक्रम के जरिए बिहार भाजपा शीर्ष नेतृत्व का इसके लिए आभार प्रकट करेगी। वहीं भाजपा नेता हरिभूषण ठाकुर बचौल का कहना है कि कर्पूरी ठाकुर जी भारत रत्न को डिजर्व करते थे। वह वर्षों तक गरीब गाँव, किसान और मजदूर की आवाज वर्षों वर्ष तक बने रहे। कर्पूरी ठाकुर को जमीन से जुड़े हुए होने के कारण उनको जननायक कहा गया है।
जानिए क्या कहते हैं जनता दल यूनाइटेड के नेता
जदयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि जन नायक कर्पूरी ठाकुर जो सामाजिक परिवर्तन के नायक थे, उनकी 100वीं जयंती पर विलंब से, लेकिन बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी के लगातार अनुरोध के बाद केंद्र सरकार ने जननायक कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न देने का फैसला लिया। स्वाभाविक रूप से देश के संविधान में आस्था रखने वाले, सामाजिक परिवर्तन में अपनी भूमिका निभाने वाले जननायक कर्पूरी ठाकुर के प्रति तो श्रद्धांजलि है ही, नई पीढ़ी को इस बात के लिए अनुप्रमाणित करेगा कि जन नायक के विचार को अंगीकार करते हुए जैसे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी ने इसको सरजमीं पर उतारा है, उन तमाम तथ्यों का आने वाली पीढ़ी मूल्यांकन करेगी।