Bihar News: प्रश्न पत्र पर गरमाई सियासत, गिरिराज सिंह बोले- नीतीश कुमार की सरकार संस्कृत का इस्लामीकरण कर रही
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि मैं हिन्दू-मुसलमान नहीं करता हूं। जब तक सनातन पर प्रहार होगा तब तक अगर मेरे शरीर में अगर एक बूंद भी खून रहेगा तो मैं प्रहार करता रहूंगा।
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संस्कृत प्रश्न में इस्लाम धर्म से जुड़े प्रश्न पूछे जाने पर बिहार में सियायत तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्री और भाजपा के फायर ब्रांड नेता गिरिराज सिंह ने महागठबंधन सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि मैं हिन्दू-मुसलमान नहीं करता हूं। जब तक सनातन पर प्रहार होगा तब तक अगर मेरे शरीर में अगर एक बूंद भी खून रहेगा तो मैं प्रहार करता रहूंगा। उन्होंने लालू प्रसाद और नीतीश कुमार का नाम लेकर उन्हें यह बातें कही। चाहे मां दुर्गा की मूर्ति का विसर्जन हो, या शिवलिंग का तोड़ने का मामला हो, यहां (बिहार) तो लग रहा है कि इस्लामिक स्टेट की तरह हमलोग जी रहे हैं।
यह लोग संस्कृत का इस्लामीकरण कर रहे हैं
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि बेगूसराय में जो परीक्षा का प्रश्नपत्र सामने आया, वह चौंकाने वाला है। जो प्रश्न पूछे गए, उसमें 10 प्रश्न इस्लामिक रीति-रिवाज से हैं। जैसे रोजा में क्या खाते हैं? कैसे नवाज पढ़ते हैं? संस्कृत बोर्ड के अध्यक्ष ने सवाल पर जवाब दिया कि यह प्रश्न सिलेबस से पूछे गए हैं। गिरिराज सिंह ने कहा कि यह लोग संस्कृत का इस्लामीकरण कर रहे हैं।
सभी को एकजुट होकर विरोध करना होगा
गिरिराज सिंह ने कहा कि सभी हिन्दू जातियों से अपील कर रहा हूं कि चाहे ब्राह्मण हो या यादव, चाहे राजपूत हो गया भूमिहार, चाहे अगड़ा हो या पिछड़ा। अगर आपने एकजुट होकर विरोध नहीं किया तो महागठबंधन सरकार कहेगी कि हर हिंदू को इस्लाम जानने के लिए नवाज पढ़ने जाना पड़ेगा। नीतीश कुमार आप पहले नवाज पढ़ लें जाकर। यह इस ढंग से हिन्दुओं के ऊपर प्रहार न करें। नीतीश कुमार की सरकार संस्कृत का इस्लामीकरण कर रही है।
संस्कृत विषय के प्रश्न पत्र में इस्लाम धर्म से जुड़े कई प्रश्न पूछे गए थे
दरअसल दो दिन पहले यानी 26 अक्टूबर को नौवीं क्लास के संस्कृत विषय के प्रश्न पत्र में इस्लाम धर्म से जुड़े कई प्रश्न पूछे गए थे। इसके बाद से भाजपा नेता इसपर सवाल उठाने लगे। हालांकि, संस्कृत बोर्ड ने तर्क दिया कि नौवीं क्लास के संस्कृत विषय की पाठ्यपुस्तक में कुल पंद्रह अध्याय है, जिसमें दसवें अध्याय का नाम ईद महोत्सवः (निबंधः) है। इसी अध्याय से प्रश्न पूछे गए। वहीं सोशल मीडिया पर प्रश्न पत्र वायरल होने के बाद भाजपा नेताओं ने पूछा कि एक ही अध्याय से वस्तुनिष्ठ प्रकार के 30 प्रश्न में तीन प्रश्न, लघु उत्तरीय के 10 प्रश्न में से पांच प्रश्न और दीर्घ उत्तीय 5 प्रश्न में दो प्रश्न इसी अध्यय से कैसे और क्यों पूछे गए। इसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए।