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Bihar: रेल हादसे की साजिश रचने वालों के लिए यह फैसला बनेगा नजीर; पटरी पर बम रखने वालों को 12 साल तक की सजा दी
Sat, 05 Oct 2024 09:54 PM IST
आदित्य आनंद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: आदित्य आनंद
Updated Sat, 05 Oct 2024 09:54 PM IST
सार
NIA Court : देश में रेल पटरियों पर गैस सिलेंडर से लेकर लोहे के रॉड रखने तक के मामले सामने आ रहे हैं। ऐसे में शनिवार को बिहार से आया कोर्ट का एक फैसला नज़ीर बन सकता है। रेलवे ट्रैक पर बम प्लांट करने के एक मामले में कोर्ट ने छह आरोपियों को 12 साल तक की सजा दी है।
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एनआईए।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
बिहार में रेलवे ट्रैक पर इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) लगाने वालों कड़ी सजा सुनाई गई है। एनआईए की विशेष अदालत ने शनिवार को इस मामले में छह लोगों को पांच से बारह साल तक की सजा सुनाई और जुर्माना लगाया है। दरअसल, 30 सितंबर 2016 को नरकटियागंज से आने वाली यात्री ट्रेन में विस्फोट करने के लिए रेलवे ट्रैक पर "प्रेशर कुकर आईईडी" लगाया था। हालांकि, इसे स्थानीय लोगों ने देख लिया और बम निरोधी दस्ता ने सफलतापूर्वक निष्क्रिय कर दिया।
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छठे आरोपी ने 2017 में किया था समर्पण
पुलिस ने मामले की जांच को तो पता चला कि छह नक्सलियों ने मिलकर साजिश रची थी। इसमें उमाशंकर राउत उर्फ उमाशंकर पटेल उर्फ राजू पटेल, गजेंद्र शर्मा उर्फ गजेंद्र ठाकुर, राकेश कुमार यादव उर्फ राकेश, मुकेश कुमार यादव उर्फ मुकेश, मोतीलाल पासवान उर्फ मोती और रंजय कुमार की संलिप्तता पाई गई। इसके बाद एनआईए ने जनवरी 2017 में जांच अपने हाथ में ली। जबकि तीन आरोपियों को शुरुआत में स्थानीय पुलिस ने गिरफ्तार किया था। दो को बाद में एनआईए ने अलग-अलग मौकों पर गिरफ्तार किया था। छठे आरोपी ने फरवरी 2017 में आत्मसमर्पण कर दिया।
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जुलाई 2017 में आरोप पत्र दाखिल किया था
सभी आरोपियों के खिलाफ एनआईए ने जुलाई 2017 में आरोप पत्र दाखिल किया था। इसी साल 24 सितंबर को एनआईए कोर्ट ने आरोपियों को दोषी करार दिया था। अब शनिवार को एनआईए के विशेष अदालत ने शनिवार को उनके खिलाफ सजा की घोषणा की। इसमें कहा गया है कि अदालत द्वारा सुनाई गई सजाएं जुर्माने के साथ पांच से बारह साल की कैद तक हैं।
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