फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Bihar ›   Bihar News: Mithila's Rohu fish gets hope of getting GI tag; Team of experts took samples from pond

Bihar News: मिथिला की रोहू मछली को GI टैग मिलने की उम्मीद जागी; विशेषज्ञों की टीम ने तालाबों से लिए सैंपल

Mon, 25 Dec 2023 01:54 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दरभंगा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दरभंगा Published by: हिमांशु प्रियदर्शी Updated Mon, 25 Dec 2023 01:54 PM IST
सार

Rohu Fish Of Mithila: जिला मत्स्य पदाधिकारी अनुपम कुमार ने बताया कि किशनगंज से मत्स्य कॉलेज से एक टीम आई है जो टीम सोनकी व हायाघाट के होरलपटी के तालाब में करीब 10 से 15 वर्ष पुरानी प्रजाति की रोहू मछली को देखकर अवलोकन किया है। पढ़ें पूरी खबर...।

विज्ञापन
Bihar News: Mithila's Rohu fish gets hope of getting GI tag; Team of experts took samples from pond
तालाब से रोहू मछली के सैंपल लेती मत्स्य कॉलेज की टीम - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बिहार के दरभंगा के मिथिलांचल में उपजने वाले मखाना को जीआई टैग मिलने के बाद अब मिथिला की प्रसिद्ध रोहू मछली को भी जीआई टैग दिलाने की कोशिश तेज हो गई है। मिथिला की रोहू अपने विशेष स्वाद के लिए पहले से ही विख्यात है। इसके लिए किशनगंज मत्स्य महाविद्यालय की तीन सदस्यी टीम दरभंगा के जिला मत्स्य पदाधिकारी के साथ मिलकर कई तालाबों से सैंपल इकट्ठा करके एक विशेष रिपोर्ट केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय को भेजने वाली है।

विज्ञापन

 
दरभंगा मत्स्य विभाग द्वारा जारी आंकड़े के अनुसार प्रतिवर्ष जिले में 17 हजार टन रोहू मछली का उत्पादन किया जाता है। जबकि कतला और नैनी सहित कई अन्य प्रजातियों की मछली का उत्पादन प्रतिवर्ष 75  हजार टन के करीब होता है। इस उत्पादन को देखते हए किशनगंज के मत्स्य पालन महाविद्यालय के डीन डॉ. वेद प्रकाश सैनी के नेतृत्व में एक टीम दरभंगा पहुंची है। जो जिले के हायाघाट प्रखंड के होरलपटी गांव के गंगासागर तालाब और सदर प्रखंड के सोनकी गांव में बड़की तालाब का निरीक्षण किया है।
विज्ञापन


जिला मत्स्य पदाधिकारी अनुपम कुमार ने बताया कि किशनगंज से मत्स्य कॉलेज से एक टीम आई है जो टीम सोनकी व हायाघाट के होरलपटी के तालाब में करीब 10 से 15 वर्ष पुरानी प्रजाति की रोहू मछली को देखकर अवलोकन किया है। इस दौरान टीम ने दो अन्य जगहों से भी रोहू मछली के लिए सैंपल से मिलान करते हुए कहा कि रोहू मछली एक विशिष्ट प्रजाति में से एक मानी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

 
उन्होंने बताया कि जिले के तालाबों से लिए गए सैंपल को किशनगंज स्थित मत्स्य महाविद्यालय, कृषि विज्ञान केंद्र पूसा और विशेषज्ञ टीम अपनी रिपोर्ट को तैयार करके केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय को सौंप देगी। इसके बाद केंद्र सरकार जीआई टैग देने पर विचार करेगी। इसे लेकर मत्स्य पालकों का कहना है कि मिथिला की रोहू को जीआई रैग मिलने से विशेष पहचान के साथ-साथ वैश्विक बाजार भी मिलेगा। इससे मत्स्य पालकों की आमदनी भी बढ़ेगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed