लोन पर शादी : बैंककर्मी लोन करवा आया करीब, ज्यादा पैसे दिला शादी भी रचाई; फाइनेंस की बाइक के साथ छोड़ भागा
आशिकी में चोट खाई महिला अब दो बच्चों के साथ दर दर भटकने पर मजबूर है। वह अपने धोखेबाज आशिक को ढूंढ रही है। उसने पुलिस से भी गुहार लगाई है। पढ़िए हैरान कर देने वाली यह खबर...
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मुंगेर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। बैंककर्मी लोन दिलाकर दो बच्चों की मां और खुद से दस साल बड़ी महिला के साथ अपने प्रेम जाल में फंसाया। इतना ही नहीं उसने एक बुलेट बाइक भी महिला के नाम पर फाइनेंस करवा दिया। शादी करके कुछ दिन तक साथ भी रहा। कुछ दिन बाद करीब पांच लाख रुपये ऐंठ कर फरार हो गया। अब महिला दर दर की ठोकर खाने पर मजबूर है। महिला ने पुलिस से भी मदद मांगी है।
सात पहले ट्रेन में हुई थी मुलाकात
मामला मुंगेर के हवेली खड़गपुर थाना क्षेत्र के नगर परिषद इलाके का है। यहां आश्रय गृह में एक बेटा और एक बेटी साथ एक 35 साल की महिला दो दिन पूर्व यहां पहुंची। वह पश्चिम चंपारण के मांझोलिया थाना इलाके की रहने वाली है। उनका कहना है कि सात साल पहले मुंगेर के हवेली खड़गपुर थाना इलाके के पोखरिया गांव निवासी विवेकानंद यादव के 26 वर्षीय पुत्र मनीष कुमार (बैंककर्मी) से ट्रेन में मुलाकत हुई थी। बातचीत के दौरान ही उसने मुझे बैंक में लोन दिलाने का वादा किया। मनीष ने मुझे समूह से लोन भी दिलवा दिया। धीरे धीरे हम दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और मैं अपने पति को छोड़ दोनों बच्चों के साथ पहले बेतिया और फिर मुजफ्फरपुर में मनीष के साथ रहने लगी।
झांसा देकर पांच लाख 30 हजार रुपये ऐंठ लिया
महिला ने बताया कि कुछ समय बीतने के बाद जब मुझे मनीष शक होने लगा तो मैं मनीष पर शादी करने का दबाव बनाने लगी। इसके बास हमदोनों ने एक मंदिर में शादी भी रचा ली। समय के साथ साथ मेरी का लोन की रकम भी बढ़ती ही चली गई और उस पैसे से मनीष मेरे साथ मौज मस्ती करता रहा। इसके बाद मनीष ने मेरे नाम से एक बुलेट बाइक भी लोन पर ले ली। कुछ दिन पहले उसने मेरे से लोन में मिले तीन लाख 30 हजार और दो लाख रुपए ऐंठ लिया। उसने यह झांसा दिया कि अब वह मुझे अपने घर ले जाएगा और परिवार वालों से मिलाएगा। इसी बीच मनीष का तबादला बेगूसराय हो गया। मैं भी मनीष के इस फैसले से काफी खुश थी और उसे लगा कि अब मुझे और मेरे बेटा बेटी को अपना घर और नाम दोनों मिल जायेगा।
भागने के बाद मोबाइल नंबर भी ब्लॉक कर दिया
बताया जा जाता है मनीष मुजफ्फरपुर से कथित पत्नी और बच्चों के साथ चार दिन पहले बुलेट बाइक से निकला। देर शाम भागलपुर पहुंचने के बाद महिला को तब झटका लगा जब मनीष बुलेट बाइक के पास ही उसे और उसके दोनों बच्चों को ये कहते हुए फरार हो गया की बस दो मिनट आता हूं। घंटों इंतजार के बाद और लगातार फोन करने के बाद भी मनीष से संपर्क नहीं हो पाने की वजह से महिला परेशान होने लगी। ये माजरा घंटों तक चलता रहा और अंत में मनीष ने महिला का नंबर ब्लॉक कर दिया। महिला अब समझ चुकी थी कि मनीष उसे छोड़कर भाग चुका है। उसने किसी तरह रात उसी जगह बिताई और भागलपुर पुलिस के पास बुलेट बाइक छोड़ कर मनीष के आधार कार्ड के पते पर रवाना हो गई। वह मनीष के हवेली खड़गपुर के पोखरिया स्थित घर पर पहुंकी। खुद को मनीष की पत्नी बताया।
मनीष के घरवालों ने मारपीट कर भगा दिया
महिला ने बताया कि शादी की बात सुनते ही मनीष के घरवालों ने मुझे मारपीट कर भगा दिया। इसके बाद मैं रात के लगभग दस बजे हवेली खड़गपुर थाना आई और थाने में अपने साथ हुई घटना का आवेदन पुलिस अधिकारी को दिया। महिला ने आरोप लगाया कि वहां से भी पुलिस वालों ने उसे भगा दिया जिसके बाद काली स्थान के पास रोड पर वो बच्चों के साथ बैठ गई। इसके बाद नगर परिषद के एक सफाई कर्मी की नजर रात में अकेली महिला और उसके बच्चों पर पड़ी तो पूछताछ कर तीनों को नगर परिषद स्थित आश्रय गृह ले आया। महिला का कहना कि मुझे कुछ नहीं चाहिए बस मनीष मुझे रखे और मैं ही उसे कमाकर खिलाऊंगी।उसने मेरे साथ जो कुछ भी किया उसका मुझे कोई अफ़सोस नहीं है लेकिन मनीष मेरे साथ रहे।