Bihar News: जान हथेली पर रख लोको पायलट ने ठीक की ट्रेन की खराबी; पुल पर फंसी गाड़ी, रेंगते हुए ट्रैक पर पहुंचे
समस्तीपुर रेल मंडल के वाल्मिकीनगर और पानियावा स्टेशन के बीच पिलर नंबर 383 पर अचानक पैसेंजर ट्रेन के लोको इंजन का अनलोड वॉल्व लीक हो गया। इस कारण ट्रेन वहीं खड़ी हो गई। पुल के ऊपर रेलवे की टीम का पहुंचना भी मुश्किल था।
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बिहार के पश्चिम चंपारण जिले से एक चौंकाने वाली तस्वीर सामने आयी है। एक लोको पायलट कभी पुल से लटकते तो कभी ट्रैक पर रेंगते नजर आ रहे हैं। उन्होंने ऐसा काम कर दिखाया जिससे लोग हैरान हैं। अब इस काम के लिए रेलवे ने इन्हें 10 हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है। दरअसल, समस्तीपुर रेल मंडल के वाल्मिकीनगर और पानियावा स्टेशन के बीच पिलर नंबर 383 पर अचानक पैसेंजर ट्रेन के लोको इंजन का अनलोड वॉल्व लीक हो गया। इस कारण ट्रेन वहीं खड़ी हो गई। पुल के ऊपर रेलवे की टीम का पहुंचना भी मुश्किल था। इस बीच अचानक लोको पायलट और सहायक लोको पायलट ने वॉल्व को ठीक करने की ठान ली। इसके बाद पुल से लटककर टैक के पास पहुंचे। टैक पर रेंगते हुए लीकेज को ठीक करने के लिए इंजन तक पहुंचे। इसके बाद पायलट इंजन से अनलोडर वॉल्व से एयर प्रेशर के लीकेज को ठीक कर दिया।
अनलोडर वॉल्व पुल के बीचों-बीच लीकेज हुआ था
बताया जाता है कि ट्रेन नम्बर 05497 यात्री गाड़ी के इंजन में एयर लीकेज हो जाने के कारण ट्रेन वाल्मिकीनगर और पनियहवा के बीच में रुक गई। जैसे ही ट्रेन वाल्मीकिनगर रोड स्टेशन से खुली अनलोडर वाल्व से लीकेज होने लगा। और पुल पर पिलर नंबर 382 के पास खड़ी हो गई। ट्रेन रुकते ही यात्री घबरा गए। अनलोडर वॉल्व पुल के बीचों-बीच लीकेज हुआ था। ऐसे में उसे बंद करना चुनौती भरा काम था।
किसी तरह से पुल पर होते हुए ट्रेन के नीचे पहुंचे
इसी बीच ट्रेन के लोको पायलट अजय यादव और सहायक लोको पायलट रंजीत कुमार ने कमान संभाली और साहस का परिचय देते हुए किसी तरह से पुल पर होते हुए ट्रेन के नीचे पहुंचे। जहां वाॅल्व को ठीक किया और सुरक्षित आगे के लिए यात्रा शुरू किए।