Election 2025 : सीएम नीतीश कुमार की बदली पसंद; मनीष वर्मा देखते रह गए, ललन बने बिहार विधान परिषद् प्रत्याशी
Bihar News : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खास कहे जाने पूर्व आईएएस मनीष वर्मा को बिहार विधान परिषद् की पक्की सीट मिलते-मिलते रह गई। सीएम ने अपने एक दूसरे करीबी ललन कुमार को राजद की खाली हुई सीट पर प्रत्याशी बनाया है।
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राष्ट्रीय जनता दल के वरिष्ठ नेता और पूर्व सीएम राबड़ी देवी के मुंहबोले भाई सुनील सिंह की सदस्यता समाप्त होने के बाद खाली हुई सीट पर उपचुनाव होना है। यह सीट राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में जनता दल यूनाईटेड के खाते में गई है। चर्चा थी कि लोकसभा चुनाव में जी तोड़ मेहनत करने वाले पूर्व आईएएस अधिकारी मनीष वर्मा के लिए इस सीट के लिए मजबूत उम्मीदवार माने जा रहे थे। लेकिन, जदयू ने उन्हें बड़ा झटका दे दिया। यह सीट शेखुपरा निवासी जदयू नेता ललन प्रसाद को दे दी। ललन प्रसाद धानुक जाति से आते हैं। इस मामले के बाद जदयू के अंदरखाने से यह खबर निकलकर सामने आ रही है कि मनीष वर्मा का विरोध पार्टी कुछ कुछ शीर्ष नेताओं ने ही कर दिया। इसलिए उन्हें यह सीट नहीं मिली। वहीं मनीष वर्मा के समर्थकों ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पार्टी ने उनके लिए कुछ बेहतर सोच रखा है।
एनडीए उम्मीदवार ललन प्रसाद की जीत तय
बताया जा रहा है कि ललन प्रसाद सीएम नीतीश कुमार के करीबियों में से एक हैं। शेखपुरा इलाके में उनकी अच्छी पकड़ भी है। जदयू के आलाकमान ने समीकरण का भी ख्याल रखते यह सीट उन्हें दी है। बता दें कि एक सीट एमएलसी उपचुनाव के लिए 23 जनवरी को विधानसभा में वोटिंग होगी। इसी दिन मतों की गिनती भी होगी। इस चुनाव के लिए नामांकन की प्रक्रिया छह जनवरी से शुरू हो चुकी है। यह 13 जनवरी तक चलेगी। हालांकि, ललन प्रसाद की जीत भी पक्की मानी जा रही है। क्योंकि यह विधानसभा कोटे की सीट है। एनडीए के पास निर्दलीय मिलाकर कुल 131 विधायक हैं। जबकि महागठबंधन के पास 111 विधायक हैं। ऐसे में एनडीए उम्मीदवार ललन प्रसाद की जीत तय मानी जा रही है।