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Hindi News ›   Bihar ›   Bihar News: Interview of Mahendra Singh Dhoni's coach Chanchal Bhattacharya, Chapra: Cricket News

MS Dhoni: माही के क्रिकेट कोच ने भारत-पाक चैंपियंस ट्रॉफी पर कही बड़ी बात; बिहार आए तो खिलाड़ियों को सीख भी दी

Sun, 09 Feb 2025 12:36 PM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सारण
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सारण Published by: आदित्य आनंद Updated Sun, 09 Feb 2025 12:36 PM IST
सार

कोच चंचल भट्टाचार्य ने कहा कि धोनी अगर माही बना है, इसमें मेरा कोई योगदान नहीं है। क्योंकि, इसमें उसकी कड़ी मेहनत, लगन और उसका ईमानदारी है। उसने जो भी किया पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ किया है।

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Bihar News: Interview of Mahendra Singh Dhoni's coach Chanchal Bhattacharya, Chapra: Cricket News
क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी के कोच चंचल भट्टाचार्य के खिलाड़ियों से बातचीत करते हुए। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

देश का एक ऐसा खिलाड़ी जो क्रिकेट के दुनियां में बेताज बादशाह होने के साथ ही बैडमिंटन, फुटबॉल, बिलियर्ड्स, टेबल टेनिस के बाद अब लॉन टेनिस खेल रहा है। दुनिया में ऐसा कोई खिलाड़ी नहीं होगा जो एक साथ इतने खेल को खेल सकता है। क्योंकि खिलाड़ियों में खेल स्प्रिट होना चाहिए। उक्त बातें भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी उर्फ़ माही के कोच चंचल भट्टाचार्य उर्फ चंचल दा ने जिले की ऐतिहासिक धरती रिवीलगंज नगर पंचायत के गोदना गिरी टोला स्थित अरविंद गिरी के पुत्र अनिकेत गिरी के तिलकोत्सव में शामिल होने के दौरान कही। अपने एक दिवसीय निजी कार्यक्रम के दौरान छपरा पहुंचने के बाद प्रमंडलीय मुख्यालय सारण स्थित छपरा शहर के एक मात्र राजेंद्र स्टेडियम का भ्रमण किया। जहां गेम स्प्लिट और आधुनिक क्रिकेट बॉक्स को देखने के बाद 'अमर उजाला' से विशेष बातचीत के दौरान माही यानी महेंद्र सिंह धोनी से जुड़ी हुई बातों के संबंध विस्तार पूर्वक चर्चा की। आइए जानते हैं...

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क्रिकेट की दुनियां में माही के रूप में कीर्तिमान स्थापित
महेंद्र सिंह धोनी के प्रारंभिक दौर की चर्चा करते हुए कहा कि DAV स्कूल के अजय ओझा क्रिकेट टीम में कीपर हुआ करता था। लेकिन, किसी कारणवश मैच के दौरान वह नहीं आया। तो उसके स्कूल टीम के कोच बैनर्जी ने मुझे बताया तो मैंने बोला कि धोनी से विकेट कीपिंग करा लो। हालांकि धोनी उस समय उसी स्कूल में अपने फुटबॉल टीम का गोल कीपर था। तो उसको क्रिकेट टीम में विकेट कीपर के रूप शामिल कर लिया गया। इसके बाद उसका चयन हमेशा के लिए क्रिकेट टीम में हो गया। धोनी को एक सफल क्रिकेटर और अपने छात्र के रूप में आंकलन करते हुए कहा कि मैंने पहले भी बताया है कि 100 प्रतिशत अनुशासन के कारण ही वह आज इस मुकाम को हासिल किया है। उसके अंदर सीखने की ललक थी। सबसे खास बात यह भी है कि हर तरह की बात या कामों को ध्यान पूर्वक सुनने की आदत है। तभीं तो वह क्रिकेट की दुनियां में माही के रूप में कीर्तिमान स्थापित किया है।
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अपने आप में अनुशासन का एक अनूठा प्रमाण है
चंचल भट्टाचार्य ने कहा कि धोनी अगर माही बना है, इसमें मेरा कोई योगदान नहीं है। क्योंकि, इसमें उसकी कड़ी मेहनत, लगन और उसका ईमानदारी है। उसने जो भी किया पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ किया है। गुजरे दिनों की यादें को ताजा करते हुए कहा कि रांची में जब बारिश होती थी। तो टोटल ग्राउंड बंद रहता था। उस समय छपरा जैसे आधुनिक ग्राउंड भी नहीं था। तो वह उस समय रांची को छोड़ कर दिल्ली चला जाता था। क्योंकि उस दौरान दिल्ली में एक टूर्नामेंट होता है। इसका टेम्प्रेचर 42 डिग्री होता है। इसमें वह स्टेट खेलता था। लोग स्टेट खेलकर दो चार दिन आराम करते हैं, लेकिन वह थोड़ा सा भी आराम नहीं करता था। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि उसके अंदर डिसिप्लिन बहुत था। कोच द्वारा कही गई बातों को कभी भी टालता नहीं था। हालांकि पैसे की कमी होने के बावजूद भी दोस्तो से पैसा लेकर किसी तरह अपना काम कर लेता था। शायद यही कारण है कि उसने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट को 15 साल दिया है। वह भी वगैर किसी विवाद का रहा जो अपने आप मे अनुशासन का एक अनूठा प्रमाण है।

धोनी के जीवन में सात नंबर का बहुत महत्व है
वैसे तो हर किसी के जीवन में अंकों का खेल होता है, कुछ इसी तरह धोनी की ज़िंदगी में भी लक्की नंबर सात का होना बहुत कुछ कहता है। धोनी के जीवन में सात नंबर का बहुत महत्व है। क्योंकि धोनी का जन्म सात जुलाई को है। तो इसमें महीना और तारीख दोनों सात है। उसके बाद उसका भारतीय क्रिकेट A टीम में सात जुलाई 2004 को ही चयन हुआ था। जिस कारण अपनी जर्सी का नंबर भी उसने सात ही रखा है।

ऋषभ पंत एक अच्छा और प्रतिभावान खिलाड़ी है
चंचल भट्टाचार्य ने कि  क्रिकेट के परिपक्ष में भारतीय टीम को देखा जाए तो ऋषभ पंत एक अच्छा और प्रतिभावान खिलाड़ी है। यह बोलना बेमानी नहीं होगी कि जितना जल्दी पंत ने अपने आप को वापसी किया है, शायद उतना जल्दी एक क्रिकेटर ही वापसी कर सकता है। हाल के दिनों के लिए निश्चित रूप से ऋषभ पंत स्टार क्रिकेटर है। हालांकि बहुत क्रिकेटर अभी आ रहे हैं, क्रिकेट के क्षेत्र में बहुत तरह की सुविधाएं बढ़ती जा रही है, तो निश्चित रूप से अच्छे-अच्छे क्रिकेटर आएंगे।

कोई भी व्यक्ति किसी पर कभी भी आरोप देता है
धोनी पर आरोप लगता रहा है कि उन्होंने बिहार और झारखंड के खिलाड़ियों के लिए कुछ नहीं किया है, इस सवाल के जवाब में चंचल भट्टाचार्या ने कहा कि ऐसी कोई बात नहीं है। बड़ी बड़ी हस्तियों पर आरोप लगाना बहुत आसान होता है। कोई भी व्यक्ति किसी पर कभी भी आरोप देता है। जब भी समय मिलता है तो खेल के मैदान में वह नवोदित खिलाड़ियों को क्रिकेट का गुड बारीकियों के साथ सिखाता ही रहता है। हां लेकिन यह कह सकते हैं कि बिहार के लिए कुछ नहीं किया है। हालांकि उसने पहला मैच बिहार के रणजी टीम से वर्ष 1995 के आसपास में खेला था। जिसमें पूरे बिहार की टीम ने 365 रन बनाई थी और पंजाब की तरफ से अकेले युवराज सिंह ने 366 रन बनाकर मैच को जीता दिया था।

भारतीय टीम पाकिस्तान में क्रिकेट मैच खेलने नहीं जा रही
हाल के दिनों में चैंपियन ट्रॉफी को लेकर हिंदुस्तान और पाकिस्तान में विवाद चल रहा है। जिस कारण भारतीय टीम पाकिस्तान में क्रिकेट मैच खेलने नहीं जा रही है। इस संबंध में उनका कहना है कि यह सब राजनीति है। ऐसा नहीं होना चाहिए। खेल और खिलाड़ियों के बीच खेल की भावना होनी चाहिए। लेकिन सरकार का निर्णय है तो उसको भी मानना चहिए। खिलाड़ी के रूप में वहां जाकर खेलने में कोई दिक्कत नहीं होना चहिए। किसी का वर्तमान खराब है तो कल फिर अच्छा होगा। लेकिन अनुभव तो टीम में रहना ही चाहिए। आप लोग बोलते है कि आज नही चला। ठीक है उसका खराब दिन चल रहा है, सबका दिन एक जैसा नहीं रहता है। समय का क्या वह तो आते जाते रहता है। शायद कुछ ऐसा ही विराट कोहली और रोहित शर्मा का दिन चल रहा है। लेकिन ऐसा कुछ नहीं है। इन दोनों का एक बार फिर शानदार तरीके से वापसी होगी। क्योंकि रात के बाद सुबह होती है।


धोनी ने अपने कप्तानी में नए-नए खिलाड़ियों को मौका किया
धोनी के बारे में ही चर्चा किया जाए तो जब वह पहली बार टीम में आया था। तो उस समय किरण मोरे साहब मुख्य चयनकर्ता थे। उनके द्वारा धोनी को बैठाने की बात चल रही थी। तब हमारे अमिताभ चौधरी ने उनसे आग्रह किया था कि एक मौका उनको देकर देखना चाहिए। उसी एक मौके ने धोनी का शिखर की बुलंदियों तक पहुंचा दिया है। क्योंकि किसी भी इंसान या खिलाड़ी को एक मौका जरूर मिलना चाहिए। ताकि वह अपनी काबिलियत दिखा सके। जिस कारण उन्हें अपने जगह पर नए नए खिलाड़ियों को मौका देना चाहिए। हालांकि धोनी ने अपने कप्तानी में नए-नए खिलाड़ियों को मौका देने का प्रचलन शुरू किया था। क्योंकि नवोदित खिलाड़ी 10 मैच वरीय खिलाड़ियों के साथ खेलता है तो उनका मनोबल बढ़ जाता है। 

इस रूप में भारतीय क्रिकेट टीम का हिस्सा बनने जा रहे धोनी
धोनी के क्रिकेट करियर के भविष्य के सवाल पर उन्होंने बताया कि सब उसी के ऊपर निर्भर करता है, लेकिन उसके कोच के नाते यह कह सकता हूं कि धोनी भारतीय क्रिकेट टीम का हिस्सा होंगे। क्योंकि जल्द ही वह मेंटर के रूप में भारतीय क्रिकेट टीम का हिस्सा बनने वाले हैं। साथ ही धोनी फ़िल्म भी बना रहे हैं। फ़िल्म का नाम बताना हमारे लिए मुश्किल है लेकिन बहुत ही जल्द दो-दो फिल्मे अभिनेता शाहरुख खान के साथ हम सभी को देखने के लिए मिलने वाली है। इसमें वह लीड कास्ट करते हुए पर्दा पर दिखेंगे।

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