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Navratri 2024: विसर्जन के इंतजार में रहीं प्रतिमाएं और भक्तों की प्रशासन से ठन गई; क्यों हुआ ऐसा, क्या हुआ फिर

Mon, 14 Oct 2024 09:09 AM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर Published by: आदित्य आनंद Updated Mon, 14 Oct 2024 09:09 AM IST
सार

Bihar News : देवी प्रतिमाएं जयकारे के साथ विसर्जन के लिए निकलीं, लेकिन सरकार की ओर से तय तालाब तक नहीं गईं। मुजफ्फरपुर पुलिस-प्रशासन से ठन गई। जाते-जाते आधा किलोमीटर लौट आईं और फिर भक्तों ने अपने मन की पूरी की। तालाब की जगह पोखर में विसर्जन हुआ।

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Bihar News : Immersion of durga idol in artificial pond was not done in muzaffarpur navratri 2024 vijyadashmi
विवाद करते लोग। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

देश के कई हिस्सों में पूजा के बाद प्रतिमाओं के जैसे-तैसे विसर्जन की खबरें-तस्वीरें सामने आती रही हैं। लेकिन, बिहार में ऐसा नहीं होता है और न हो सकता है। यह मुजफ्फरपुर में लोगों ने दिखा दिया। प्रशासन-पुलिस से तनातनी हो गई, लेकिन लोग गंदे कृत्रिम तालाब की ओर देवी दुर्गा की प्रतिमाएं ले जाने को तैयार नहीं हुए। जाते-जाते प्रतिमाएं लौटाई गईं। नदी में जाने पर रोक थी, इसलिए आधा किलोमीटर पीछे आकर पोखर में विसर्जन किया। मुजफ्फरपुर में रविवार की रात इस कारण खूब झंझट हुआ।

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बूढ़ी गंडक नदी से सटे दादर पुल के पास में पहली बार दुर्गा पूजा के मूर्ति विसर्जन के लिए बनाये गये कृत्रिम तालाब का लोगों ने विरोध कर दिया। पुलिस-प्रशासन की टीम समझाने गई तो उन्हें भी स्थानीय लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा है। इतना ही नहीं आधे से अधिक पूजा समितियां कृत्रिम तालाब की बजाय बूढ़ी गंडक नदी में या फिर आसपास के तालाब में ही मूर्ति विसर्जन किया। इसको लेकर के ही प्रशासनिक फैसला को गलत करार देते हुए पूजा समितियों से जुडे आक्रोशित लोगों ने शनिवार को सरैयागंज टावर को जाम कर जमकर हंगामा भी किया और इससे कुछ घंटों के लिए विधि व्यवस्था की समस्या उत्पन्न हो गई। हालांकि पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने किसी तरह लोगों को समझा बुझाकर शांत किया।
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कृत्रिम तालाब में विसर्जन से इनकार
लोगों का कहना है कि हर साल बूढ़ी गंडक नदी से सटे आश्रम घाट पर कृत्रिम तालाब बनता था। इसमें नदी का पानी होता था। अब पहली बार शांति समिति में शामिल कुछ लोगों ने जानबूझकर गलत सुझाव देकर इसका निर्माण शहर से बाहर में करा दिया गया है। इसके कारण से दादर में गंदगी के बीच कृत्रिम तालाब बना दिया है। अघोरिया बाजार, पुरानी गुदरी रोड पूजा समिति, सदपुरा पूजा समिति और आमगोला रोड पूजा समिति ने कृत्रिम तालाब में विसर्जन करने से इनकार कर दिया है। 
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नहीं करेंगे गंदे पानी में विसर्जन
अघोरिया बाजार समिति के सदस्य संतोष कुमार ने बताया प्रति वर्ष सिकंदपुर के आश्रम घाट के पास बने हुए तालाब में विसर्जन कराया जाता है। इस बार जान-बूझकर जिला प्रशासन ने दादर में कृत्रिम तालाब का निर्माण कराया है। जो डंपिंग एरिया है और यहां पर गंदा पानी है। हम गंदे पानी में विसर्जन नहीं कर सकते है। यह हमारी आस्था और परंपरा के साथ खिलवाड़ है। हमलोग एनजीटी और सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का पालन करते हैं।  किंतु गंदे पानी में विसर्जन किसी भी सूरत में नहीं करेगे। इसलिए हम सब अपनी प्रतिमा को लौटा रहे हैं।

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