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Bihar News : अब 15 मार्च को शिक्षा विभाग ने बुलाई कुलपतियों की बैठक, राजभवन से नहीं मिला था यह आदेश
Sat, 09 Mar 2024 01:14 PM IST
आदित्य आनंद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: आदित्य आनंद
Updated Sat, 09 Mar 2024 01:14 PM IST
सार
बुधवार को शिक्षा विभाग ने विश्वविद्यालय के कुलपति, कुलसचिव और परीक्षा नियंत्रक के वेतन पर लगी रोक को हटा लिया था। इसके बाद नौ मार्च को फिर से बैठक बुला ली थी। इसके बाद राजभवन की ओर से आदेश आया।
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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और आईएएस केके पाठक।
- फोटो : अमर उजाला डिजिटल
विस्तार
शिक्षा विभाग ने आज यानी नौ मार्च को बिहार के सभी विश्वविद्याल के कुलपति, कुलसचिव और परीक्षा नियंत्रक को बैठक में बुलाया था। अब यह बैठक स्थगित कर दी गई है। यह बैठक अब 15 मार्च को होगी। हालांकि, राजभवन की ओर से कुलपति और इन अधिकारियों को पहले ही कहा जा चुका है कि वह किसी भी हालत में मुख्यालय न छोड़ें। आज के बैठक में विश्वविद्यालय की ओर से एक भी अधिकारी शामिल नहीं हुए। इसके बाद शिक्षा विभाग की ओर से बैठक स्थगित होने की सूचना मिली। साथ ही कहा गया कि अब यह बैठक 15 मार्च को होगी।
बता दें कि इसी बुधवार को शिक्षा विभाग ने विश्वविद्यालय के कुलपति, कुलसचिव और परीक्षा नियंत्रक के वेतन पर लगी रोक को हटा लिया था। इसके बाद नौ मार्च को फिर से बैठक बुला ली थी। इसके बाद राजभवन की ओर से नया आदेश आया है। यह आदेश विश्वविद्यालय के कुलपतियों, कुलसचिवों और परीक्षा नियंत्रकों के लिए जारी किया गया है। राजभवन की ओर से जारी पत्र में स्पष्ट कहा गया है कि कुलपति बिना कुलाधिपति (राज्यपाल) से अनुमति लिए मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे। इसे आदेश के बाद फिर से शिक्षा विभाग और राजभवन में टकराव बढ़ सकता है।
शिक्षा विभाग ने कुलपतियों पर दर्ज करवाई थी प्राथमिकी
बता दें कि 28 फरवरी को शिक्षा विभाग की ओर से अपर मुख्य सचिव केके पाठक अध्यक्षता में बैठक बुलाई गई थी। इसमें सभी विश्वविद्यालय के कुलपति, कुलसचिव और परीक्षा नियंत्रक को बैठक में शामिल होने का आदेश दिया गया था। लेकिन, राजभवन की ओर से विश्वविद्यालय के इन अधिकारियों को बैठक में शामिल होने की अनुमति नहीं दी गई थी। इसके बाद कुलपति समेत ये सभी अधिकारी शिक्षा विभाग की बैठक में शामिल नहीं हुए। इसके बाद शिक्षा विभाग ने सभी कुलपति, कुलसचिव और परीक्षा नियंत्रक का वेतन रोक दिया। इतना ही नहीं शिक्षा विभाग ने इन्हें शोकॉज नोटिस भी जारी किया। जब जवाब नहीं आया तो इन अधिकारियों पर प्राथमिकी दर्ज करवा दी गई। इसके बाद राजभवन ने मुख्य सचिव को फोन करके शिक्षा विभाग अधिकारियों पर कार्रवाई करने का आदेश दिया।
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बता दें कि इसी बुधवार को शिक्षा विभाग ने विश्वविद्यालय के कुलपति, कुलसचिव और परीक्षा नियंत्रक के वेतन पर लगी रोक को हटा लिया था। इसके बाद नौ मार्च को फिर से बैठक बुला ली थी। इसके बाद राजभवन की ओर से नया आदेश आया है। यह आदेश विश्वविद्यालय के कुलपतियों, कुलसचिवों और परीक्षा नियंत्रकों के लिए जारी किया गया है। राजभवन की ओर से जारी पत्र में स्पष्ट कहा गया है कि कुलपति बिना कुलाधिपति (राज्यपाल) से अनुमति लिए मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे। इसे आदेश के बाद फिर से शिक्षा विभाग और राजभवन में टकराव बढ़ सकता है।
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शिक्षा विभाग ने कुलपतियों पर दर्ज करवाई थी प्राथमिकी
बता दें कि 28 फरवरी को शिक्षा विभाग की ओर से अपर मुख्य सचिव केके पाठक अध्यक्षता में बैठक बुलाई गई थी। इसमें सभी विश्वविद्यालय के कुलपति, कुलसचिव और परीक्षा नियंत्रक को बैठक में शामिल होने का आदेश दिया गया था। लेकिन, राजभवन की ओर से विश्वविद्यालय के इन अधिकारियों को बैठक में शामिल होने की अनुमति नहीं दी गई थी। इसके बाद कुलपति समेत ये सभी अधिकारी शिक्षा विभाग की बैठक में शामिल नहीं हुए। इसके बाद शिक्षा विभाग ने सभी कुलपति, कुलसचिव और परीक्षा नियंत्रक का वेतन रोक दिया। इतना ही नहीं शिक्षा विभाग ने इन्हें शोकॉज नोटिस भी जारी किया। जब जवाब नहीं आया तो इन अधिकारियों पर प्राथमिकी दर्ज करवा दी गई। इसके बाद राजभवन ने मुख्य सचिव को फोन करके शिक्षा विभाग अधिकारियों पर कार्रवाई करने का आदेश दिया।
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