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Bihar News : केंद्रीय रिजर्व पुलिस फोर्स के जवान की छत्तीसगढ़ में मौत, घर वालों ने शव लेने से किया इनकार
Tue, 10 Oct 2023 08:09 PM IST
कृष्ण बल्लभ नारायण
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेतिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेतिया
Published by: कृष्ण बल्लभ नारायण
Updated Tue, 10 Oct 2023 08:09 PM IST
सार
Bihar : छतीसगढ़ में बिहार के एक सीआरपीएफ जवान की मौत हो गई। अधिकारी इसे आत्महत्या कह रहे हैं जबकि परिजनों का कहना है कि नक्सली हमले में मौत हुई है। इस बात पर परिजन अब तक अड़े हैं और शव लेने से इंकार कर रहे हैं।
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पार्थिव शरीर के साथ ग्रामीण
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बेतिया के एक जवान की छत्तीसगढ़ मे संदिग्ध स्थिति में मौत हो गई है। वह सीआरपीएफ में 80वीं बटालियन के जी कंपनी के नेतानार थाना दरभा जिला बस्तर छत्तीसगढ़ में तैनात था। सीआरपीएफ जवान राम लखन प्रसाद मानपुर थाना क्षेत्र के पुरैनिया गांव निवासी दीप नारायण महतो का पुत्र (30) था। सीआरपीएफ के अधिकारी पार्थिव शरीर लेकर मंगवार की सुबह बेतिया पहुंचे लेकिन परिजनों ने शव लेने से इंकार कर दिया।
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अधिकारी बता रहे हैं आत्महत्या
परिजनों का कहना है कि उसकी मृत्यु 8 अक्टूबर को हुई। उसके कैंप से एक फोन आया और बताया गया कि हम लोग वॉलीबॉल खेल कर वापस कैंप आए उसके आधे घंटे बाद उसकी मौत हो गई। जबकि दूसरा फोन आया, जिसमें यह कहा गया कि राम लखन प्रसाद 3:25 बजे अहले सुबह संतरी ड्यूटी पर तैनात था। अचानक फायरिंग की आवाज हुई। गोली चलने की आवाज सुनकर जब साथ में ड्यूटी करने वाले उसके मित्रों ने जब उसे खोजना शुरू किया तो उसका शव कैंप से 50 मीटर दूर मिला। उनलोगों ने यह भी बताया कि शव को ढूंढने के लिए स्क्वायर डॉग की भी मदद ली गई। अधिकारियों का कहना है कि रामलखन ने आत्महत्या किया है जबकि परिजनों का कहना है कि उसकी मौत नक्सली हमले में हुई है, इसलिए इसे आत्महत्या न कहा जाय।
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परिजनों ने शव लेने से किया इंकार, बताई वजह
मृतक के भाई कमलेश कुमार का कहना है कि मेरे भाई पर आत्महत्या करने का आरोप लगा है, जबकि मेरा भाई नक्सलियों के साथ मुठभेड़ में मारा गया है। जब तक उसके उपर से आत्महत्या का आरोप नहीं हटता है, तब तक हम लोग शव नहीं लेंगे और न ही उसका अंतिम संस्कार करेंगे। हम शव का दुबारा पोस्टमार्टम कराने के लिए डीएम से मिलेंगे।
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परिजनों की यह है मांग
परिजनों और ग्रामीणों का कहना है कि रामलखन शहीद हुआ है इसलिए उसे शहीद का दर्जा मिले, जबकि सीआरपीएफ अधिकारियों का कहना है कि यह आत्महत्या का मामला है इसलिए उसे शहीद का दर्जा नहीं मिलेगा।