Bihar News: सुपौल में सीएम नीतीश ने 493 करोड़ की योजनाओं की दी सौगात, बिना किसी संवाद के वापस लौटे पटना
Nitish Kumar: मुख्यमंत्री ने महादलित बस्ती का दौरा करते हुए पहले से सजाए गए पोखर और स्कूल का निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों के बीच चेक का वितरण भी किया।
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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को सुपौल में 493 करोड़ की योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। साथ ही इस दौरान विभिन्न योजनाओं के लाभुकों के बीच योजना लाभ का वितरण किया। जिले के किशनपुर प्रखंड अंतर्गत मलाढ स्थित पैक्स भवन परिसर में हेलीकॉप्टर से उतरे। इसके बाद वह मलाढ़ के वार्ड 12 महादलित टोला पहुंचे, जहां विभिन्न योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस मौके पर उनके साथ जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी और ऊर्जा मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने महादलित बस्ती का दौरा करते हुए पहले से सजाए गए पोखर और स्कूल का निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों के बीच चेक का वितरण भी किया। उनके इस दौरे का उद्देश्य क्षेत्र के विकास कार्यों की समीक्षा और नई परियोजनाओं का शिलान्यास करना था, जिससे स्थानीय लोगों को आर्थिक और सामाजिक लाभ मिल सके।
भपटियाही थाने में प्रशिक्षु डीएसपी ने दिया गार्ड ऑफ ऑनर
मलाढ़ के बाद मुख्यमंत्री का काफिला सरायगढ़ भपटियाही के लिए रवाना हुआ। जहां सीएम ने नवनिर्मित आरओबी सहित पथ निर्माण विभाग से संबंधित चार अन्य योजनाओं का भी उद्घाटन किया। इसके बाद वह भपटियाही थाना के लिए रवाना हो गए। जहां प्रशिक्षु डीएसपी सह किशनपुर थानाध्यक्ष नीतू सिंह के नेतृत्व में महिला पुलिस बल द्वारा उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद सीएम ने नवनिर्मित भपटियाही थाना भवन का उद्घाटन और निरीक्षण किया। साथ ही थाना परिसर से अन्य कई योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। सुपौल जिलाधिकारी कौशल कुमार ने बताया कि सीएम द्वारा 224.96 करोड़ की 99 योजनाओं का उद्घाटन और 269 करोड़ की 112 योजनाओं का शिलान्यास किया गया है।
इधर, मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान प्रशासन ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए मीडिया के भी नजदीक जाने पर रोक लगाई थी। कार्यक्रम स्थल एवं आसपास उपस्थित जनसमूह से मुख्यमंत्री ने दूरी बनाए रखा। इतना ही नहीं, कार्यक्रम स्थल तक जाने के लिए मीडिया कर्मी को भी पास दिया गया। लेकिन मुख्यमंत्री के निरीक्षण एवं उद्घाटन शिलान्यास स्थल तक जाने की अनुमति नहीं दी गई। मुख्यमंत्री का कार्यक्रम चार अलग-अलग स्थानों पर निर्धारित था। प्रत्येक कार्यक्रम स्थल के लिए मीडियाकर्मियों को चिह्नित कर अलग-अलग पास निर्गत किए गए। कार्यक्रम स्थल पर भी पत्रकारों को एक विशेष घेरे से आगे बढ़ने की अनुमति नहीं थी। इस कारण उन्हें समाचार और तस्वीर संकलन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।