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Bihar News : सीएम नीतीश कुमार BAU में इन खास चीजों को सराहा, मखाना पर की गई खोज पर बोले- यह काफी लाभदायक होगा
Sun, 02 Feb 2025 01:35 PM IST
आदित्य आनंद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भागलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भागलपुर
Published by: आदित्य आनंद
Updated Sun, 02 Feb 2025 01:35 PM IST
सार
बीएयू के शोधकर्ताओं ने ‘सबौर मखाना’ नामक एक नई किस्म विकसित की है, जो किसानों के लिए लाभकारी साबित होगी। केंद्र सरकार ने भी आम बजट में बिहार में मखाना बोर्ड गठन की घोषणा की है, जिससे इसके उत्पादन और विपणन को और मजबूती मिलेगी।
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बीएयू में निरीक्षण करते सीएम नीतीश कुमार।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को बिहार कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू), सबौर में कृषि जैव प्रौद्योगिकी कॉलेज का शिलान्यास किया। यह कॉलेज 72 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जाएगा। इस अवसर पर उन्होंने विश्वविद्यालय में लगे विभिन्न उत्पादों की प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. दुनिया राम सिंह से कृषि अनुसंधान और उत्पादों की विस्तृत जानकारी ली। कुलपति ने बताया कि विश्वविद्यालय के सहयोग से पांच उत्पादों (कतरनी धान, जर्दालु आम, मगही पान, शाही लीची और मखाना) को जीआई (Geographical Indication) टैग मिल चुका है, जबकि 30 अन्य उत्पादों पर काम जारी है।
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प्रदर्शनी में विश्वविद्यालय द्वारा विकसित पेटेंट तकनीक, हाईड्रोपोनिक्स चारा, खाद्य प्रसंस्करण, कृषि प्रसार में आईटीसी की भूमिका और सामुदायिक रेडियो स्टेशन की जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री ने कृषि स्टार्टअप्स और सबएग्रीस द्वारा शुरू किए गए नवाचारों की सराहना की।
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मखाना में कैंसररोधी कंपाउंड की खोज
बीएयू के वैज्ञानिकों ने मखाना में एक विशेष कंपाउंड की खोज की है, जो कैंसररोधी, सूजन-निरोधी और एंटी-बैक्टीरियल गुणों से भरपूर है। मुख्यमंत्री ने इस शोध को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए बेहद लाभकारी साबित हो सकता है।
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मौसम अनुकूल कृषि पर विशेष जानकारी
कुलपति ने मुख्यमंत्री को मौसम अनुकूल कृषि (Climate Resilient Agriculture - CRA) के प्रभावों की जानकारी दी। पिछले पांच वर्षों में इस तकनीक से सकारात्मक परिणाम मिले हैं, जिसके चलते इसे अगले पांच वर्षों के लिए विस्तारित किया गया है। सीआरए, मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट ‘जल-जीवन-हरियाली’ के तहत कार्यरत है, जिसका उद्देश्य मौसम के अनुरूप खेती को बढ़ावा देना, पैदावार बढ़ाना और किसानों को आत्मनिर्भर बनाना है।
मिथिला मखाना पर विशेष डाक टिकट जारी
इस अवसर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और जल संसाधन मंत्री विजय चौधरी ने मिथिला मखाना पर विशेष डाक टिकट का अनावरण किया। डाक विभाग के महाप्रबंधक मनोज कुमार, सांसद अजय मंडल, डीएम डॉ. नवल किशोर चौधरी और कुलपति डॉ. डी. आर. सिंह भी इस मौके पर मौजूद रहे। सीएम को मखाना की माला भेंट की गई, जो इस क्षेत्र में इसकी बढ़ती महत्ता को दर्शाता है। बीएयू के शोधकर्ताओं ने ‘सबौर मखाना’ नामक एक नई किस्म विकसित की है, जो किसानों के लिए लाभकारी साबित होगी। केंद्र सरकार ने भी आम बजट में बिहार में मखाना बोर्ड गठन की घोषणा की है, जिससे इसके उत्पादन और विपणन को और मजबूती मिलेगी।
मुख्यमंत्री का जोर- कृषि नवाचारों को बढ़ावा देना
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार की कृषि को वैज्ञानिक तरीकों से उन्नत करना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा किए जा रहे शोध और नवाचारों की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।