Bihar: हाईकोर्ट के आदेश पर लापता यशी सिंह मामले की जांच सीआईडी नहीं सीबीआई करेगी, गायब है एमबीए की छात्रा
Bihar : दिसंबर 2022 को घर से पढ़ाई करने के लिए कॉलेज के लिए निकली एमबीए की छात्रा अचानक गायब हो गई। कोई सुराग नहीं मिलने पर
इस केस की जांच सीआईडी की सौंप दी गई, लेकिन फिर भी कुछ नहीं हो सका।अब हाई कोर्ट ने इस केस का जिम्मा सीबीआई को सौंप दिया है।
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बिहार के मुजफ्फरपुर की चर्चित एमबीए छात्रा यशी सिंह अपहरण गुमशुदगी मामले में हाई कोर्ट ने मामले की जांच का जिम्मा सीबीआई को दे दिया है। हाई कोर्ट के आदेश के इस आदेश के बाद परिजन में खुशी की लहर है।
दिसंबर 2022 से है लापता एमबीए की छात्रा यशी सिंह
मुजफ्फरपुर जिले में दिसंबर 2022 में बीबीगंज की रहने वाली एक एमबीए की छात्रा यशी सिंह अचानक लापता हो गयी थी। वह अपने नाना के घर यानी ननिहाल में रहकर पढ़ाई करती थी। उसने अपना दाखिला शहर के एक चर्चित मैनेजमेंट संस्थान में कराया। घटना के बाद उसके नाना ने अपहरण का केस सदर थाना में दर्ज कराया। मामला दर्ज होते ही पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू तो की लेकिन कई माह तक इस केस में कोई सफलता हासिल नहीं हुई। यही नहीं बल्कि इस केस की हुई जांच में लापरवाही भी पाई गयी थी और तब जिसके बाद मामले जांच को सीआईडी को दिया गया। वही सीआईडी ने भी अपनी पूरी ताकत इस केस में झोंक दी है,लेकिन अबतक एमबीए छात्रा यशी सिंह का कोई भी सुराग को नहीं ढूंढ सके। यही नहीं बल्कि इसको लेकर शहर में अलग अलग जगहों पर पुलिस की जांच की उदासीनता को लेकर के सवाल भी उठा था।जिसके बाद कोर्ट ने इसे लेकर पुलिस और सीआइडी टीम को फटकार लगायी और सीआईडी को हर हफ्ते प्रोग्रेस रिपोर्ट की मांग की। खुद कोर्ट इस मामले की निगरानी कर रही थी। अब यह मामला सीबीआई को सौंप दिया गया है, जिसको लेकर के परिजन और इस लड़ाई को लड़ रहे लोगो ने बड़ी जीत बताया है।
शहर के दो मामलों का अब तक नहीं हो पाया खुलासा
मामले में समाजिक संगठन के सदस्य मनोज कुमार ने बताया कि जिले में अब तक दो बच्ची का मामला सामने आया है। उसमे 5 वर्षीय खुशी और एक 23 वर्षीय यशी सिंह शामिल है। दोनो ही मामले में पुलिस की जांच ने का लोगों का भरोसा खो दिया है। खुशी मामले की जांच को हाई कोर्ट ने सीबीआई को दिया था, जिस मामले की जांच चल रही है। वही यशी सिंह मामले में पुलिस की जांच में कई खामी और लापरवाही बरतने का था। इस मामले में स्थानीय पुलिस ने शुरुआत से ही गंभीरता नही दिखाई। जिसके बाद सीआईडी को केस सौंपा गया था लेकिन सीआईडी को भी इस मामले में अब तक कोई सफलता नहीं मिली। कुछ आरोपी को लेकर जांच पड़ताल की गई, लेकिन यशी सिंह का खिन कोई पता नहीचल पाया।अब हाई कोर्ट ने इस मामले को स्वतः संज्ञान लिया है।
हाईकोर्ट ने लगाई फटकार
इस दौरान कोर्ट ने स्थानीय पुलिस और सीआईडी दोनों को कड़ी फटकार लगाई है। कोर्ट ने कहा कि इस मामले की जांच में आपकी गंभीरता नही है। क्यों न इस मामले की जांच सीबीआई को सौंप दिया जाय।सीबीआई की जांच सौंप दिए जाने से हमारी लड़ाई को उड़ान मिली है और परिजन में भी नई उम्मीद जगी है कि अब सीबीआई बच्ची को खोज निकालेगी।