Bihar Bridge Collapse : नावों से बना पुल बिहार में पहली बार; तेजस्वी यादव के क्षेत्र में बहे पुल पर ऐसा जुगाड़
Bihar : बिहार में पुल गिरना अब सामान्य बात हो गई है। इसलिए सरकार और प्रशासन जुगाड़ व्यवस्था का सहारा ले रही है। जिला प्रशासन के इस काम चलाऊ व्यवस्था को झेलने के लिए मजबूर हैं।
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बिहार के वैशाली में एक और पुल बहने की तस्वीर वायरल हो रही है। टूटे पुल के नदी में बह जाने के बाद सरकार ने जुगाड़ वाला इंतजाम करते हुए टूटे पुल के बीच नाव खड़ी कर दिया है। अब लोग नदी पार करने के लिए सरकार के इस जुगाड़ वाले इंतजाम यानी नाव वाले पुल से किसी तरह नदी पार करने को मजबूर हैं। पुल के नदी में बह जाने की तस्वीर तेजस्वी यादव के क्षेत्र राघोपुर से आई है, जहां कई गांव को जोड़ने वाली पुलिया नदी में समा गई है।
अब नाव के सहारे जिंदगी
दरअसल पुल के बह जाने के बाद लोगो को नदी पार कर आने जाने के लिए टूटे पुल के बीच नदी में नाव खड़ी कर दी गई है। लोग सरकार के इस जुगाड़ वाले इंतजाम से ही आने जाने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि राघोपुर का यह पुल करीब 20 साल पहले बना था, जो पूरी तरह जर्जर हो चुका था। कुछ दिन पहले से ही पुल पर ग्रामीण कार्य विभाग के द्वारा भारी वाहन रोक लगा दिया गया था। हालांकि पैदल साइकिल मोटरसाइकिल सवार पुल से आते-जाते थे। लोग इस जुगाड़ व्यवस्था से परेशान हैं।
20 साल पुराना था पुल
राघोपुर प्रखंड के राघोपुर पश्चिमी पंचायत स्थित कमल सिंह संभल सिंह प्लस टू विद्यालय के निकट पिछले 20 साल पहले बने ईट का पुल गंगा नदी के पानी के तेज बहाव के कारण बह गया है। पुल के नदी के बहाव में बह जाने के कारण राघोपुर प्रखंड मुख्यालय से राघोपुर पूर्वी एवं राघोपुर पश्चिमी पंचायत के करीब एक दर्जन वार्ड का संपर्क टूट गया है। जिसके कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोग पुल के नदी में बह जाने से परेशान हैं। हादसा के बाद सरकारी इंतजाम को देख कर लोग हतप्रभ हैं।