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Bihar News : टीकाकरण के दो घंटे बाद बच्चे की मौत पर हंगामा, दो डॉक्टरों को लिया हिरासत में
Fri, 04 Oct 2024 09:49 PM IST
कृष्ण बल्लभ नारायण
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, समस्तीपुर
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, समस्तीपुर
Published by: कृष्ण बल्लभ नारायण
Updated Fri, 04 Oct 2024 09:49 PM IST
सार
Bihar : आंगनबाड़ी केंद्र पर टीकाकरण के 2 घंटे बाद एक 9 माह के बच्चे की मौत हो गई। बच्चे की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया। इस मामले में पुलिस ने दो डॉक्टरों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
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परिजन
- फोटो : अमर उजाला डिजिटल
विस्तार
समस्तीपुर में आंगनबाड़ी केंद्र पर टीकाकरण के 2 घंटे बाद एक 9 माह के बच्चे की मौत हो गई। घटना मुफस्सिल थाना क्षेत्र के छतौना आंगनबाड़ी केंद्र की है। बच्चे की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया। मृतक बच्चा गांव के ही सोनू दास का पुत्र आशीष कुमार था। स्थानीय लोगों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी। घटना की सूचना मिलते ही मुफस्सिल थाने की पुलिस आंगनबाड़ी केंद्र पर पहुंची और आरोपी दो स्वास्थ्यकर्मियों को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है।
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परिजनों ने लगाया लापरवाही बरतने का आरोप
घटना के संबंध में परिजनों का कहना है कि आशीष को परिवार के लोग टीकाकरण करने के लिए आंगनबाड़ी केंद्र ले गए थे। वहां उस बच्चे को एक साथ चार तरह की सुई दी गई। सूई दिए जाने के करीब 2 घंटे बाद उसकी मौत हो गई। इसके बाद परिवार के लोग आंगनबाड़ी केंद्र पर हंगामा करने लगे। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भी भीड़ मौके पर जुट गई। ग्रामीणों ने स्वास्थ्यकर्मियों को बंधक बना लिया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और स्वास्थ्यकर्मी को उनसे मुक्त कराते हुए हिरासत में ले लिया। परिजनों का कहना है कि बच्चे की मौत लापरवाही बरतने के कारण हुई है।
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अस्पताल उपाधीक्षक ने कहा मौत की वजह कुछ और
सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉक्टर नागमणि राज का कहना है कि सरकारी प्रावधानों के अनुसार 9 माह पूरा होने पर खसरा विटामिन ए पीसीवी, गलसुआ का टीका दिया जाता है। छतौना आंगनबाड़ी केंद्र पर दो अन्य 9 माह के बच्चों को भी यह सभी टीके दिए गए हैं, जिसमें दोनों सुरक्षित हैं। हालांकि मामले की गंभीरता को देखते हुए इस मामले में तीन डॉक्टरों की मेडिकल टीम बनाकर शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर यह स्पष्ट हो पाएगा कि मौत किस कारण से हुई है। उपाधीक्षक डॉक्टर नागमणि राज का कहना है कि टीकाकरण से मौत की उम्मीद बहुत कम है। उन्होंने कहा कि बच्चे की मौत का कारण कुछ और भी हो सकता है, फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने तक का इंतजार करबा बेहतर होगा।
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