Election 2024 : लोकसभा चुनाव के पहले बिहार में भाजपा को झटके पर झटका; टिकट पक्का देख कांग्रेस में आ रहे भाजपाई
Lok Sabha : लोकसभा चुनाव 2024 के लिए प्रत्याशियों की घोषणा के समय भाजपा ने चार मौजूदा सांसदों के टिकट काटे थे। इनमें से एक ने आज कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण कर ली। दूसरे भी तैयारी में हैं। दो को रोकने का उपाय भाजपा ने किया है, मगर गारंटी एक की है।
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भारतीय जनता पार्टी ने लोक जनशक्ति पार्टी से नवादा सीट ली और अपनी शिवहर सीट जनता दल यूनाईटेड को दे दी थी। शिवहर सीट जदयू को जाने से मौजूदा भाजपा सांसद रमा देवी वैसे ही बेटिकट हो गईं। इनके अलावा तीन और सीटों- बक्सर, सासाराम और मुजफ्फरपुर के भाजपा सांसदों को इस बार टिकट नहीं मिला। इनमें से मुजफ्फरपुर के भाजपा सांसद अजय निषाद ने मंगलवार को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देकर कांग्रेस का दामन थाम लिया। लेकिन, टीम बदलने की यह शुरुआत लग रही है। भाजपा के बेटिकट सांसदों में एक और की कांग्रेस से डील फाइनल के कगार पर है। वह किसी भी समय घोषणा कर सकते हैं।
भाजपाइयों के लिए हाथ कांग्रेस का ही
भारतीय जनता पार्टी से बेटिकट हुए चार में से एक सांसद ने कांग्रेस का हाथ थाम लिया। वह मुजफ्फरपुर से सांसद थे और यह सीट महागठबंधन खेमे में कांग्रेस को मिली है। कांग्रेस को बैठे-बिठाए सीटिंग सांसद प्रत्याशी के रूप में मिल गया, यानी एक मजबूत दावेदार मिल गया। मुजफ्फरपुर से अजय निषाद के नाम की घोषणा औपचारिकता ही बची है। भाजपा के बेटिकट सांसदों में एक और सीट सासाराम कांग्रेस के पास है। सासाराम के भाजपा सांसद छेदी पासवान बेटिकट हुए हैं और उनकी कांग्रेस से बात चल रही है। अबतक उन्होंने इसपर औपचारिक रूप से कुछ नहीं कहा है, लेकिन क्षेत्र में चल रही चर्चा साफ कर रही है कि वह अपनी सीट पर कांग्रेस का हाथ थामे नजर आएंगे। यही दो सीटें कांग्रेस के पास हैं, जहां से भाजपा के सांसद बेटिकट हुए हैं। रोहतास जिले के सासाराम क्षेत्र के लोकसभा सांसद छेदी पासवान ने 'अमर उजाला' के सवाल पर कहा कि कांग्रेस के शीर्ष नेताओं से बातचीत पूरी हो चुकी है, अब बस सिंबल मिलना बाकी है। जल्द ही वह भी क्लियर हो जाएगा। फिलहाल अभी कुछ बोलना जल्दबाजी होगीद्ध सही समय का इंतजार कीजिए। समय आने पर सभी को अवगत करा दिया जाएगा।
चौबे जाएंगे नहीं, विकल्पहीन रमा पहले ही आगे आईं
इन चारों में से एक बक्सर सांसद अश्विनी कुमार चौबे केंद्रीय मंत्री हैं। चौबे का भी टिकट कटा है, लेकिन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ बैकग्राउंड के अश्विनी चौबे जन्मजात भाजपाई हैं, इसलिए उनके खेमा छोड़ने की संभावना नहीं मानी जा रही। वैसे भी बताया जा रहा है कि पार्टी उन्हे संगठन में अहम और अभिभावक स्तर की जिम्मेदारी देने जा रही है। इसके अलावा शिवहर की सीट जदयू के खाते में जाने के कारण बेटिकट हुईं रमा देवी ने अपने स्तर से तो पार्टी को भरोसा दिलाया है कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फैसले के साथ हैं। उन्होंने जदयू के कोटे में सीट जाने के बाद सामने आकर कहा कि वह एनडीए प्रत्याशी के पक्ष में प्रचार करेंगी। रमा देवी की शिवहर सीट से जदयू ने लवली आनंद को मौका दिया है। लवली आनंद बाहुबली आनंद मोहन की पत्नी है और वह सांसद रह भी चुकी हैं। रमा देवी को भाजपा क्या देगी और कब, इस बारे में स्पष्ट बातें सामने नहीं आ रही है। वह राष्ट्रीय जनता दल की राबड़ी देवी सरकार में मंत्री रहे बृज बिहारी प्रसाद की पत्नी हैं। बृज बिहार प्रसाद की मंत्री रहते हत्या हो गई थी। रमा देवी उस घटना के वर्षों बाद सक्रिय राजनीति में आईं और फिर भाजपा ने उन्हें संसद तक पहुंचाया।