फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Bihar ›   Bihar News Anti-social elements conspired to spread tension on Ram Navami Muslims foiled it Bihar Police

Bihar News : असामाजिक तत्वों ने रामनवमी पर तनाव फैलाने की रची साजिश, मुसलमानों ने कर दिया विफल, जाने कैसे?

Sun, 06 Apr 2025 11:30 AM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरंगाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरंगाबाद Published by: आदित्य आनंद Updated Sun, 06 Apr 2025 11:30 AM IST
सार

सामाजिक कार्यकर्ताओं ने लोगों से यह अपील की कि घटना को लेकर किसी तरह की पोस्ट या तस्वीर सोशल मीडिया पर न डालें। यह किसी के हित में नहीं होगा बल्कि ऐसा करने से असामाजिक तत्वों के मंसूबे को ही बढ़ावा मिलेगा।

विज्ञापन
Bihar News  Anti-social elements conspired to spread tension on Ram Navami Muslims foiled it Bihar Police
घटना के बाद बैठक करते लोग। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

असामाजिक तत्वों ने रामनवमी पर तनाव फैलाने की साजिश रची, जिसे मुसलमानों ने बेहद संवेदनशीलता के साथ लिया। साथ ही सुझबुझ, शांति और सौहार्द का परिचय देते हुए पूरी साजिश को विफल कर दिया। मामला औरंगाबाद शहर के नावाडीह मुहल्ला स्थित कब्रिस्तान से जुड़ा है। असामाजिक तत्वों के चाहने के बावजूद मामले ने कोई सांप्रदायिक रंग नहीं लिया और मुसलमानों की सुझबुझ से किसी तरह की समावेशी अनहोनी घटना टल गई। दरअसल, असामाजिक तत्वों ने शनिवार की रात कब्रिस्तान के अंदर एक इमारत के गेट की दीवार में तोड़फोड़ की, जिससे आंशिक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। साथ ही कब्रिस्तान में कई कब्रों में भी आग लगा दी, जिससे कब्रों पर पड़ी चादरें जलकर राख हो गईं। रविवार की सुबह घटना की जानकारी मिलते ही मुस्लिम समुदाय के सैकड़ों लोगों की भीड़ कब्रिस्तान में जमा हो गई। सभी ने असामाजिक तत्वों की इस करतूत की निंदा की।

विज्ञापन


घटना की जानकारी मिलते ही औरंगाबाद सदर के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ)-1 संजय कुमार पांडेय और औरंगाबाद नगर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस के अधिकारियों ने घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया। इस तरह की करतूत को अंजाम देने की वजह जानने की कोशिश की। इसके बाद एसडीपीओ ने कब्रिस्तान परिसर स्थित एक शेड में मुसलमानों के साथ बैठक की। बैठक में उन्होंने आश्वस्त किया कि पुलिस असामाजिक तत्वों को चिन्हित कर उनसे सख्ती से निपटेगी। शीघ्र ही उन्हें जेल की सलाखों के पीछे धकेल दिया जाएगा। बैठक में मुसलमानों ने भी धैर्य, सुझबूझ, शांति और सौहार्द का परिचय दिया। सभी ने यह माना कि यह करतूत असामाजिक तत्वों की है, जिसे किसी खास उद्देश्य से अंजाम दिया गया है। हम असामाजिक तत्वों को उनके मंसूबों में कामयाब नहीं होने देंगे। शहर में हम लोग मिलजुल कर रह रहे हैं। आगे भी रहेंगे और मिल्लत की तहजीब पर आंच नहीं आने देंगे।
विज्ञापन


पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार करे
इधर, घटना की स्थानीय लोगों ने कड़ी निंदा की है। साथ ही असामाजिक तत्वों की पहचान कर शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है। घटना की निंदा करते हुए कब्रिस्तान कमिटी के सदर सैयद गुलाम मखानी उर्फ हक्कू ने कहा कि यह घटना बेहद निंदनीय है। पुलिस जितनी जल्दी हो सके घटना को अंजाम देने वाले असामाजिक तत्वों को गिरफ्तार करे और उनके नापाक मंसूबों को सभ्य समाज के सामने लाए। उनकी सभी से अपील है कि शांति-सौहार्द बनाए रखें। किसी तरह की अफवाहबाजी से दूर रहें। अफवाहों पर ध्यान न दें। सामाजिक कार्यकर्ता मुमताज अहमद जुगनू ने कहा कि इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना को लेकर असामाजिक तत्वों की सोच पर गुस्सा भी आता है और हंसी भी आती है। कहा कि जिंदों से किसी बात को लेकर दुश्मनी हो सकती है लेकिन मुर्दों से किस बात की दुश्मनी। वे तो दुनिया से कब के जा चुके हैं। क्या मुर्दों ने उनका कुछ बिगाड़ा है, जो वे उनसे दुश्मनी निकाल रहे हैं और उनकी कब्रों को जला रहे हैं। कहा कि ऐसी घटना बेहद निंदा करने योग्य है। पुलिस इस कृत्य को अंजाम देने वालों को शीघ्र गिरफ्तार करे।
विज्ञापन
विज्ञापन


किसी तरह की पोस्ट या तस्वीर सोशल मीडिया पर न डालें
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर कोई भी ऐसी पोस्ट नहीं डालें जिससे असामाजिक तत्वों के मंसूबे को बढ़ावा मिले और सामाजिक सौहार्द बिगड़े। सोशल मीडिया पर पुलिस की भी नजर रहती है और गलत पोस्ट डालने पर खुद भी फंस सकते हैं।


मार्च 2018 का रामनवमी दंगा को दोहराने की थी साजिश?
गौरतलब है कि औरंगाबाद शहर में मार्च 2018 में रामनवमी के अवसर पर सांप्रदायिक दंगा हुआ था। इस दंगे में दोनों समुदाय के लोगों के व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को हानि पहुंची थी। लाखों की संपत्ति का नुकसान हुआ था।  पुलिस को  शहर में इंटरनेट शटडाउन तक कराना पड़ा। मामले को शांत कराने के लिए डीजीपी रैंक के पुलिस के आला अधिकारियों तक को औरंगाबाद आना पड़ा था। इस दंगें को लेकर दोनों समुदाय के दर्जनों लोग आज भी मुकदमा झेल रहे है। माना जा रहा है कि कब्रिस्तान में तोड़फोड़ और कब्रों को फूंकने के बहाने असामाजिक तत्वों ने रामनवमी पर फिर से ऐसा ही दंगा कराने की साजिश रची थी, जो विफल हो गई।

इस बार रामनवमी पर 53 शोभायात्रा, भगवा ध्वज से पटा पटना

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed