{"_id":"67449d9e0e5cbdb7d90b4755","slug":"bihar-news-anand-mohan-targeted-pk-today-prashant-kishore-party-nursery-student-in-politics-samastipur-bihar-2024-11-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bihar : बाहुबली आनंद मोहन ने किसको बताया राजनीति में नर्सरी का छात्र; मैट्रिक से ग्रेजुएशन तक पढ़ना है अभी बाकी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bihar : बाहुबली आनंद मोहन ने किसको बताया राजनीति में नर्सरी का छात्र; मैट्रिक से ग्रेजुएशन तक पढ़ना है अभी बाकी
Mon, 25 Nov 2024 09:24 PM IST
कृष्ण बल्लभ नारायण
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, समस्तीपुर
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, समस्तीपुर
Published by: कृष्ण बल्लभ नारायण
Updated Mon, 25 Nov 2024 09:24 PM IST
सार
Bihar : बिहार के चार सीटों पर हुए उप चुनाव के परिणाम के बाद बाहुबली आनंद मोहन ने जुबानी हमला किया है। उन्होंने कहा कि प्रशांत किशोर राजनीति में नर्सरी के स्टूडेंट हैं। उन्हें अभी राजनीति में मैट्रिक, इंटर और ग्रेजुएशन करना बाकी है।
विज्ञापन
प्रशांत किशोर और आनंद मोहन
- फोटो : अमर उजाला डिजिटल
विस्तार
पूर्व सांसद बाहुबली आनंद मोहन ने जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर पर जमकर बरसे। उन्होंने कहा है कि प्रशांत किशोर राजनीति में नर्सरी के स्टूडेंट हैं। उनका चुनाव चिन्ह बस्तर छाप है। उन्हें अभी राजनीति में मैट्रिक, इंटर और ग्रेजुएशन करना बाकी है। बिहार में हुए उपचुनाव के नतीजे पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि बिहार में अभी सिर्फ दो धाराएं हैं- एनडीए और महागठबंधन। तीसरे धारा का अभी कोई उपाय नहीं है। उन्होंने कहा कि एक दो स्थानों पर स्थानीय समीकरण के कारण पीके को कुछ वोट मिल गया है।
विज्ञापन
प्रशांत किशोर बिहार की राजनीति में नर्सरी के हैं स्टूडेंट
आनंद मोहन सोमवार की शाम समस्तीपुर में एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि बिहार की राजनीति अभी एनडीए और महागठबंधन के बीच चल रही है। अगर कोई तीसरी धारा इनमें बनती तो उपेंद्र कुशवाहा, चिराग पासवान और ओवैसी सेंधमारी करते लेकिन वे लोग अभी किसी न किसी रूप में एनडीए तो कोई महागठबंधन के हिस्सा हैं। पूर्व सांसद बाहुबली आनंद मोहन ने कहा कि वह पूर्व में ही कह चुके थे कि प्रशांत किशोर बिहार की राजनीति में नर्सरी के स्टूडेंट है। उन्होंने कहा कि प्रतिपक्ष जन सरोकारों से दूर हो रहा है प्रतिपक्ष के पास कोई काम नहीं है।
विज्ञापन
टाटा और बिरला ही मुख्यमंत्री बनते
पूर्व सांसद बाहुबली आनंद मोहन ने कहा कि महात्मा गांधी ने कहा था कि राजनीति संघर्ष और रचना है। दोनों के बगैर राजनीति नहीं की जा सकती। बाद में डॉक्टर लोहिया ने भी इसी नारा का रूप बदल कर आगे बढ़ते हुए कहा कि राजनीति जेल वोट और पावर है। जेल भी संघर्ष का प्रतीक है वोट रचना है। उन्होंने कहा कि विपक्ष और पीके अभी रचना विहीन है उनके पास जन सरोकारों से जुड़कर रचना के लिए कोई प्लानिंग नहीं है। सिर्फ आंकड़ों पर राजनीति नहीं हो सकती। राजनीति सिर्फ पैसे के बल पर नहीं की जा सकती अगर ऐसा होता तो लालू प्रसाद, कर्पूरी ठाकुर, मुलायम सिंह यादव जैसे लोग मुख्यमंत्री नहीं बनते....टाटा और बिरला ही मुख्यमंत्री बनते।
विज्ञापन